मणिपुर में फिर हिंसा, CRPF कैंप पर भीड़ का हमला, जवाबी फायरिंग में दो की मौत, 4 जिले में कर्फ्यू, इंटरनेट बंद
घटना के बाद मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने दो बच्चों की जान लेने वाले बम हमले की जांच एनआईए को सौंपने का ऐलान किया। साथ ही सरकार ने घाटी के पांच जिलों में तीन दिन के लिए इंटरनेट और मोबाइल डेटा सेवाओं को निलंबित करने का आदेश दिया है।

मणिपुर एक बार फिर हिंसा की आग में धधकने लगा है। बम हमले में दो बच्चों की मौत के विरोध में मंगलवार को बिष्णुपुर जिले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के शिविर पर बड़ी संख्या में युवाओं और महिलाओं की भीड़ ने धावा बोल दिया, जिसे तीतर-बितर करने के लिए सीआरपीएफ जवानों ने फायरिंग कर दी, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गए। हिंसा के चलते मणिपुर के चार घाटी जिलों में कर्फ्यू लगा दिया गया है और पांच जिलों में इंटरनेट पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
बच्चों की मौत की जांच NIA के हवाले
इस घटना के बाद मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने कहा कि मणिपुर सरकार ने दो बच्चों की जान लेने वाले बम हमले की जांच एनआईए को सौंपने का फैसला किया है। मणिपुर के गृह मंत्री गोविंदास कांथौजम ने मौतों की पुष्टि करते हुए बताया कि मोइरांग ट्रोंग्लाओबी इलाके में संदिग्ध उग्रवादियों द्वारा किए गए बम हमले में दो बच्चों की मौत के विरोध में बड़ी संख्या में युवाओं और महिलाओं ने प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने बम हमले वाली जगह से कुछ ही सौ मीटर दूर गेलमोल के पास स्थित सीआरपीएफ शिविर पर धावा बोल दिया, वहां वाहनों को जलाया और संपत्तियों में तोड़फोड़ की।
सीआरपीएफ जवानों की गोलीबारी में दो की मौत
मंत्री ने कहा, “मैंने प्रदर्शनकारियों से सीआरपीएफ शिविर में प्रवेश नहीं करने और सुरक्षा बलों को बम हमले में शामिल लोगों को पकड़ने के अभियान पर ध्यान केंद्रित करने देने का आग्रह किया था। लेकिन प्रदर्शनकारियों ने मेरी अपील पर ध्यान नहीं दिया।’’ गृह मंत्री ने कहा, “उन्होंने सीआरपीएफ शिविर पर धावा बोल दिया, वाहनों को जला दिया और शिविर के कुछ हिस्सों में तोड़फोड़ की, जिसके कारण सुरक्षाकर्मियों को गोलीबारी करनी पड़ी। उन्होंने या तो आत्मरक्षा में या गुस्से में गोली चलाई। दुर्भाग्य से, गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य गोली लगने से घायल हो गए।”
बम हमले में दो बच्चों की मौत से भड़की हिंसा
इससे पहले बिष्णुपुर जिले में सोमवार देर रात किये गए एक बम हमले में दो बच्चों की मौत हो गई और उनकी मां घायल हो गई। इस घटना के बाद स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह घटना सोमवार देर रात करीब एक बजे तब हुई जब मोइरांग ट्रोंग्लाओबी में संदिग्ध उग्रवादियों ने एक घर पर बम फेंका। इस बम विस्फोट में पांच वर्षीय एक बच्चे और छह महीने की एक बच्ची की मौत हो गई। पुलिस अधिकारी ने कहा कि जब घर में बम फटा, उस समय दोनों बच्चे और उनकी मां सो रहे थे।
बच्चों की मौत से भड़की भीड़ ने मचाया तांडव
घटना के विरोध में आज सुबह स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया और इलाके में एक पेट्रोल पंप के पास दो तेल टैंकरों और एक ट्रक में आग लगा दी। उन्होंने मोइरांग थाने के सामने टायर जलाए और पुलिस की एक अस्थायी चौकी को भी नष्ट कर दिया। इसके बाद सैकड़ों लोगों की भीड़ बेकाबू हो गई और पास में सीआरपीएफ कैंप पर धावा बोल दिया। इस दौरान भीड़ ने वहां भी काफी तोड़फोड़ की। उग्र भीड़ को काबू करने के लिए सीआरपीएफ ने भीड़ पर फायरिंग कर दी, जिसमें कम से कम दो लोगों की मौत हो गई।
पांच जिलों में इंटरनेट बंद
हालात को देखते हुए मणिपुर सरकार ने मंगलवार को घाटी के पांच जिलों में तीन दिन के लिए इंटरनेट और मोबाइल डेटा सेवाओं को निलंबित करने का आदेश दिया, जिनमें ब्रॉडबैंड, वीसैट और वीपीएन शामिल हैं। गृह विभाग के बयान में कहा गया, ‘‘मणिपुर के पाँच ज़िलों- इंफाल पश्चिम, इंफाल पूर्वी, थौबल, काकचिंग और बिष्णुपुर में क़ानून-व्यवस्था की मौजूदा स्थिति को देखते हुए, और ग़लत जानकारी तथा अफ़वाहों को रोकने के लिए... सरकार ने इन पांचों ज़िलों में इंटरनेट सेवाओं और मोबाइल डेटा सेवाओं को अस्थायी तौर पर निलंबित करने संबंधी आदेश देने का फ़ैसला किया है, जिनमें ब्रॉडबैंड, वीसैट और वीपीएन सेवाएँ भी शामिल हैं।’’
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