महाराष्ट्र में सीएम पद पर रस्साकशी, फडणवीस ने शिवसेना के दावों से किया किनारा, कहा- नहीं किया था कोई 50-50 वादा

महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद को लेकर बीजेपी और शिवसेना में सियासी कलह चरम पर पहुंच गई है। देवेंद्र फडणवीस ने साफ कहा कि हमारे पार्टी अध्यक्ष ने इस बात की पुष्टि की है कि शिवसेना के साथ सीएम पोस्ट को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ है। उन्होंने आगे बताया कि अब तक कोई भी फॉर्म्युला तय नहीं हुआ है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना के दावे को झूठा करार दिया है। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी के अध्यक्ष ने पुष्टि की है कि शिवसेना के साथ सीएम पद पर कोई भी समझौता नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि अभी तक कोई फार्मूला तय नहीं हुआ है। बता दें कि शिवसेना नेता संजय राउत ने बीजेपी को गठबंधन धर्म को याद रखने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि बीजेपी को 50-50 फॉर्मूले को लेकर किए गए वादे को निभाना चाहिए।

इसके साथ ही फडणवीस ने यह भी दावा किया उनकी पार्टी सरकार बनाने जा रही है। उन्होंने कहा कि 5 साल तक गठबंधन की सरकार चलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि शिवसेना ने अभी तक कोई मांग नहीं की है। अगर वे मांग करते हैं, तो हम योग्यता के आधार पर फैसले लेंगे।


इस बीच शिवसेना के लिए टेंशन बढ़ाने वाली खबर आई है। बीजेपी सांसद संजय काकड़े ने दावा किया है, “शिवसेना के 45 नवनिर्वाचित विधायक मुख्यमंत्री के संपर्क में हैं और गठबंधन सरकार बनाना चाहते हैं। मुझे लगता है कि इन 45 विधायकों में से कुछ उद्धव ठाकरे को मना लेंगे और देवेंद्र फडणवीस को सीएम बनाने पर राजी कर लेंगे। मुझे नहीं लगता कि कोई अन्य विकल्प है।”

महाराष्ट्र में सीएम पद पर रस्साकशी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। शिवसेना नेता संजय रावत से पूछा गया कि बीजेपी के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन के बावजूद सरकार बनाने में समय क्यों लग रहा है। तो उन्होंने बीजेपी और जेजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि शिवसेना में कोई दुष्यंत नहीं है। जिसके पिता जेल में हैं।


हालांकि इस पर हरियाणा के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला का भी प्रतिक्रिया आ गई है। उन्होंने कहा, “इसका मतलब है कि वह जानते हैं कि दुष्यंत चौटाला कौन हैं। मेरे पिता 6 साल से जेल में हैं, उन्होंने अपने लिए कुछ नहीं मांगा। अजय चौटाला जी अपना सजा पूरा किए बिना नहीं निकले हैं। यह बयान संजय राउत को शोभा नहीं देती।”

गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के नतीजों में 2014 के मुकाबले बीजेपी की कम सीटें आने के बाद से शिवसेना ने अपना रुख कड़ा कर लिया है। हाल ही में संपन्न हुए विधान सभा चुनावों में बीजेपी को 105 तो शिवसेना को 56 सीटें मिली है। जिसके बाद से ही शिवसेना ने 50-50 फार्मूले के तहत शिवसेना के लिए ढाई साल सीएम पद की मांग कर रही है।

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Published: 29 Oct 2019, 2:29 PM