Weather Update: दिल्ली-NCR में बारिश से बदला मौसम, यूपी-बिहार से पहाड़ी राज्यों तक कैसा रहेगा हाल? जानें IMD का अलर्ट
12 अक्टूबर को दिल्ली-NCR में बारिश और तेज हवाओं से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा और झारखंड में भी मौसम में बदलाव की संभावना है। वहीं, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में पहाड़ी इलाकों में मौसम को देखते हुए सतर्क रहने की जरूरत है।

दिल्ली-NCR में बारिश और तेज हवाओं से तापमान गिरा, कई इलाकों में जलभराव हुआ।
उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा और झारखंड में मौसम बदलने की संभावना
हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को सावधानी बरतने की सलाह।
उत्तर भारत के कई हिस्सों में सोमवार को मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है। दिल्ली में सुबह बारिश और तेज हवाओं से तापमान में गिरावट आई, जिससे लोगों को हल्की ठंड का एहसास होने लगा। बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली। मौसम में आए इस बदलाव के बीच लोगों की नजर भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान पर है। दिल्ली-NCR में बारिश के दौरान सड़कों पर फिसलन और यातायात प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
दिल्ली-NCR में बारिश और तेज हवाओं का असर
राजधानी में सोमवार सुबह हुई बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया और तापमान में नरमी देखने को मिली। बादलों की आवाजाही और तेज हवाओं के कारण दिन के समय भी मौसम सामान्य से ठंडा महसूस हो सकता है। दिल्ली के आसपास नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में भी मौसम में बदलाव का असर दिखाई दिया है।
उत्तर प्रदेश में मौसम का हाल
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मौसम में बदलाव की संभावना को देखते हुए लोगों की नजर बारिश और आंधी से जुड़े पूर्वानुमान पर बनी हुई है। मेरठ, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, आगरा, कानपुर और लखनऊ जैसे प्रमुख शहरों में मौसम की स्थिति अलग-अलग रह सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दिल्ली-NCR के नजदीकी इलाकों में बादलों और हवाओं का असर दिखाई देने की संभावना पर नजर रखी जा रही है।
बिहार में बारिश को लेकर क्या है अपडेट ?
बिहार में पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और पूर्णिया जैसे शहरों में मौसम की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अक्टूबर के इस समय में कुछ इलाकों में बादल छाने और स्थानीय स्तर पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना हो सकती है। बारिश होने की स्थिति में निचले इलाकों में जलभराव और सड़कों पर आवागमन की समस्या हो सकती है।
पंजाब में तेज हवाओं और गरज-चमक की आशंका
पंजाब में सोमवार को मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। राज्य के कुछ हिस्सों में बादल छाने, गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना पर नजर रखी जा रही है। पाकिस्तान की सीमा से सटे इलाकों समेत खुले क्षेत्रों में तेज हवा चलने पर धूल उड़ने और दृश्यता कम होने जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
हरियाणा में भी बदल सकता है मौसम
हरियाणा के उत्तरी और पश्चिमी जिलों में बादलों की आवाजाही और तेज हवाओं के कारण मौसम में बदलाव हो सकता है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बौछारें पड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन राज्य के सभी हिस्सों में एक जैसी स्थिति रहने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। तेज हवाओं के दौरान वाहन चलाते समय सावधानी बरतना जरूरी है।
झारखंड में कैसा रहेगा मौसम
झारखंड के रांची, पलामू, धनबाद और जमशेदपुर समेत विभिन्न इलाकों में मौसम की स्थिति पर नजर बनी हुई है। राज्य के कुछ हिस्सों में बादल छाने, गरज-चमक और बारिश होने की संभावना हो सकती है। रांची और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रहने पर दिन के तापमान में नरमी महसूस हो सकती है।
पहाड़ी राज्यों में कैसा रहेगा मौसम?
हिमाचल: हिमाचल प्रदेश में मौसम की स्थिति ऊंचाई और क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। शिमला, कुल्लू, मंडी, चंबा और कांगड़ा जैसे इलाकों में यात्रा करने वालों को बारिश, तेज हवाओं और स्थानीय मौसम बदलाव की जानकारी लेकर निकलना चाहिए। पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक मौसम खराब होने पर सड़कों पर फिसलन बढ़ सकती है और कुछ स्थानों पर भूस्खलन का खतरा भी पैदा हो सकता है।
जम्मू-कश्मीर: जम्मू-कश्मीर में मैदानी और ऊंचाई वाले क्षेत्रों का मौसम अलग-अलग रह सकता है। श्रीनगर, जम्मू, पहलगाम, गुलमर्ग और आसपास के इलाकों में यात्रा की योजना बना रहे लोगों को स्थानीय पूर्वानुमान पर ध्यान देना चाहिए। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान कम रहने के साथ मौसम तेजी से बदल सकता है। बारिश होने की स्थिति में पहाड़ी रास्तों पर फिसलन और यात्रा में देरी जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।
उत्तराखंड: उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल, चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जैसे जिलों में मौसम की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है। पहाड़ी इलाकों में बारिश होने पर सड़कों पर फिसलन, नालों में पानी बढ़ने और भूस्खलन जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। चारधाम मार्ग और अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने वाले यात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले स्थानीय प्रशासन की सलाह लेनी चाहिए।
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