पश्चिम बंगाल चुनावः वाममोर्चा ने 192 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी की, जानें किसे कहां से मिला टिकट

सीपीएम पोलित ब्यूरो सदस्य और पश्चिम बंगाल में पार्टी के सचिव मोहम्मद सलीम और राज्य विधानसभा में वाम दलों के पूर्व नेता सुजन चक्रवर्ती इस बार चुनाव नहीं लड़ेंगे। दोनों नेताओं ने राज्य भर में घूमकर अन्य उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार करने का फैसला किया है।

पश्चिम बंगाल चुनावः वाममोर्चा ने 192 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी की, जानें किसे कहां से मिला टिकट
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नवजीवन डेस्क

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए वाम मोर्चा ने सोमवार को 192 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची की घोषणा कर दी, जिसमें राज्यसभा के निवर्तमान सदस्य विकास रंजन भट्टाचार्य और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) की केंद्रीय समिति की सदस्य मीनाक्षी मुखर्जी प्रमुख प्रत्याशियों में शामिल हैं। इस चुनाव को पश्चिम बंगाल में सीपीएम के नेतृत्व वाले वाममोर्चा के लिए अस्तित्व की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है, जिसने 2011 तक 34 वर्षों तक लगातार राज्य पर शासन किया और 2021 के विधानसभा चुनाव में एक भी सीट जीतने में विफल रहा।

विकास रंजन भट्टाचार्य कोलकाता के दक्षिणी बाहरी क्षेत्र के जादवपुर निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे, जबकि वाम मोर्चा की युवा चेहरा मुखर्जी हुगली जिले के उत्तरपारा से लड़ेंगी। मुखर्जी को 2021 के चुनाव में नंदीग्राम से उम्मीदवार बनाया गया था और वह बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी एवं सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी के बाद तीसरे स्थान पर रही थीं।

वाम मोर्चा ने कालीगंज से सीपीएम उम्मीदवार सबीना यास्मीन को भी चुनाव मैदान में उतारा है।सबीना की छह साल की बेटी तमन्ना की पिछले साल जून में इस सीट पर उपचुनाव के बाद मतगणना के दिन एक विजय रैली से कथित तौर पर फेंके गए एक देसी बम के फटने पर मौत हो गई थी। कालीगंज सीट सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने जीती थी।

सीपीआई-एम की छात्र इकाई स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) का राष्ट्रीय चेहरा दीप्शिता धर को उत्तर 24 परगना जिले की दमदम (उत्तर) विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। इसके अलावा पार्टी की एक प्रमुख आदिवासी नेता और पूर्व विधायक और मंत्री देबलीना हेम्ब्रम को बांकुरा जिले की रानीबांध सीट से मैदान में उतारा गया है।


पहले से लगाए जा रहे कयासों के अनुरूप सीपीआई-एम पोलित ब्यूरो सदस्य और पश्चिम बंगाल में पार्टी के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम और राज्य विधानसभा में वाम दलों के पूर्व नेता सुजन चक्रवर्ती इस बार चुनाव नहीं लड़ेंगे। दोनों नेताओं ने राज्य भर में घूमकर अन्य उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार करने का फैसला किया है।

वाम मोर्चा के अध्यक्ष बिमान बोस ने कहा कि शेष सीट के लिए नामों को तीन से चार दिनों के भीतर अंतिम रूप दे दिया जाएगा और घोषित कर दिया जाएगा। बोस ने प्रेसवार्ता में 192 उम्मीदवारों की घोषणा करते हुए कहा, “देश में इस बार की लड़ाई नव-फासीवादी ताकतों, हमारे राज्य में तानाशाही गतिविधियों के विरूद्ध है। यह लड़ाई इनके कारण जनता को झेलनी पड़ रही कठिनाइयों के खिलाफ है।’’ उन्होंने कहा, “हम राज्य में वामपंथी राजनीति को पुनर्जीवित करने और वामपंथी ताकतों को मजबूत करने के लिए भी लड़ेंगे।”

राज्यसभा में भट्टाचार्य का कार्यकाल चार अप्रैल को समाप्त होगा। वह 2005 से 2010 तक कोलकाता के महापौर रहे थे। वाममोर्चा ने जिन 192 सीटों के लिए प्रत्याशियों की घोषणा की है, उनमें सीपीएम 142, फारवार्ड ब्लॉक 21, रिवोल्युशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) 13, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) 14, आरसीपीआई एक और एमसीपी एक सीट पर चुनाव लड़ेगी।

बोस ने बताया कि 28 निर्वाचन क्षेत्रों में महिला उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा गया है और शेष सीटों के लिए और अधिक महिलाओं के नाम घोषित किए जाएंगे। बोस ने कहा कि भाकपा (मार्क्सवादी लेनिनवादी)-लिबरेशन और इंडियन सेकुलर फ्रंट (आईएसएफ) सहयोगी के रूप में उम्मीदवार उतारेंगे। उन्होंने कहा कि इनके अलावा, वाम मोर्चे की सूची में कुछ निर्दलीय और महत्वपूर्ण नाम भी शामिल होंगे।

वाम मोर्चा के साथ सीट-साझाकरण व्यवस्था में 2021 के विधानसभा चुनाव में उतर चुके आईएसएफ ने दक्षिण 24 परगना में केवल एक सीट- भांगर पर जीत हासिल की थी। राज्य में विधानसभा चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होंगे। वोटों की गिनती चार मई को होगी।

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