बंगाल में छात्राओं से छेड़खानी को रोकने के लिए स्कूल का अजीबो-गरीब आदेश, 3-3 दिन स्कूल आएं लड़के और लड़कियां

छेड़खानी की घटनाओं को रोकने के लिए पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के एक सरकारी स्कूल ने एक बेहद अजीब आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत छात्र-छात्राएं अलग-अलग दिनों में स्कूल आएंगे।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

पश्चिम बंगाल में छात्राओं से बढ़ते अपराध पर सीएम ममता बनर्जी लगाम लगाने में नाकाम दिखाई दे रही है। हालात यह कि छात्राओं से छेड़खानी रोकने के लिए एक सरकारी स्कूल ने अजीबोगरीब आदेश जारी किया है। मालदा जिले के सरकारी स्कूली के निर्देश के मुताबिक, छात्र-छात्राएं अलग-अलग दिनों में स्कूल आएंगे। मालदा के गिरिजा सुंदरी विद्या मंदिर के फैसले पर प्रशासन ने ऐतराज जताया है।

सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल रविंद्रनाथ पांडे ने कहा है, ‘‘यह फैसला किया गया कि लड़कियां सोमवार, मंगलवार और शुक्रवार को और लड़के मंगलवार, गुरूवार और शनिवार को कक्षाओं में आएंगे।’’

प्रिंसिंपल रवींद्रनाथ पांडे ने बताया है कि छेड़खानी की कई घटनाएं सामने आने के बाद स्कूल को ऐसा कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

वहीं ऐसा हादसे की जानकारी होने के बाद शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा, इस तरह के फैसलों का कभी समर्थन नहीं किया जा सकता और इसे तत्काल वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा, “हमने अधिकारियों को इस मामले की जांच करने को कहा है और इस आदेश को तत्काल वापस लिया जाना चाहिए।”

बंगाल में महिलाओं और छात्राओं के साथ रेप और छेड़खानी के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। एक के बाद एक ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं जिससे कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। 31 मई को पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्दवान में कालना की कक्षा 10 की एक छात्रा से रेप की घटना सामने आयी थी।

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