पश्चिमी यूपीः बच्चा चोरी की अफवाहों से पुलिस हलकान, हर गली-मुहल्ले में दहशत का माहौल

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में काफी दहशत है और ये अफवाहें कानून-व्यवस्था के लिए कभी भी बड़ी समस्या बन सकती हैं। खास बात यह है कि इसी समय हर साल एक नई तरह की अफवाह सामने आती है। इससे पहले इलाके में मुंह नोचवा, चोटी कटवा और ब्लडमार का आतंक रह चुका है।

फोटोः आस मोहम्मद कैफ
फोटोः आस मोहम्मद कैफ

आस मोहम्मद कैफ

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में बच्चा चोरी की अफवाहों से यूपी पुलिस हलकान हो गई है। यह अफवाहें बुरी तरह से फैल रही हैं और गली-मुहल्लों में दहशत का माहौल है। हालत यह है कि दर्जनों थाना प्रभारियों ने अपने इलाके के लोगों से इन अफवाहों से निपटने में मदद मांगी है।परिजनों ने अपने बच्चों के घर से निकलने पर रोक लगा दी है। इन अफवाहों का केंद्र मेरठ के आसपास का क्षेत्र है। खासतौर पर मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बागपत, शामली, मेरठ और गाजियाबाद सबसे ज्यादा प्रभावित दिखाई देते हैं।

सोमवार को मुजफ्फरनगर और शामली जिले में दिन भर बच्चा चोरी की कई सूचनाएं सामने आईं।कुछ संदिग्ध पकड़ में भी आ गए, लेकिन बाद में ऐसी सारी सूचनाएं केवल अफवाह साबित हुईं।कई जगह भीड़ ने कुछ जगह गैरपरीचित लोगों की बुरी तरह पिटाई भी कर दी। खतौली के भैंसी गांव में ग्रामीणों ने एक संदिग्ध महिला को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया।

भैंसी गांव के राजू अहलावत के मुताबिक गांव में एक जागरण के दौरान एक अपरिचित महिला कुछ बच्चों से बात कर रही थी। उसके बाद वंश, सागर, शिवम और विपुल नाम के चार बच्चे यहां से गायब हो गए। ग्रामीणों ने महिला को पकड़ लिया। बाद में बच्चे सही-सलामत मिल गए। महिला को पुलिस को सौंप दिया गया। खतौली कोतवाल नवरत्न गौतम के मुताबिक महिला राजस्थान की है और मानसिक रूप से विक्षिप्त है और वह बच्चा चोर नहीं है।

इससे पहले बागपत में बच्चा चोरी की अफवाह के बाद भीड़ ने प्रवीण कुमार की लिचिंग करने की कोशिश की। यहां डॉक्टर शकील अहमद ने अपनी जान पर खेलकर प्रवीण की जान बचाई और किसी अनहोनी को टाल दिया। प्रवीण के भी बच्चा चोर होने की पुष्टि नहीं हुई। वहीं, शामली जनपद के झिंझाना में भी बच्चा चोरी की अफवाहों के बीच तीन लोगों की जबर्दस्त पिटाई कर दी गई। तीनों युवक सिख समुदाय से थे।

फोटोः आस मोहम्मद कैफ
फोटोः आस मोहम्मद कैफ

यहां के बल्हेड़ा गांव में एक युवक ने इनके बच्चा चोर होने की अफवाह फैला दी और भीड़ ने इनको पकड़कर बुरी तरह से पीटना शुरू कर दिया। आनन-फानन में पहुंची पुलिस ने इनकी जान बचाई।तीनों युवक मुख्तार सिंह, गुरनाम सिंह और मक्खन सिंह की जानकारी करने पर पता चला कि वो गुरद्वारा के लिए अनाज इकट्ठा करने आए थे।

इन घटनाओं के बाद हलकान हुई पुलिस ने बाकायदा एडवाइजरी जारी की है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। इतना ही नहीं मुजफ्फरनगर और शामली जनपद के कई थानों में पुलिस ने इलाके के लोगों के साथ मीटिंग की है। मीरापुर, चरथावल और भोपा सहित कई थानों में इन्हें मात्र अफवाह बताया गया और पुलिस को संदिग्ध की तुरंत सूचना देने के लिए कहा गया। शामली के एसपी अजय कुमार के अनुसार झिंझाना और कहीं से आई किसी भी सूचना में बच्चा चोरी होने की कोई पुष्टि नहीं हुई है। यह पूरी तरह अफवाह साबित हुई।

फोटोः आस मोहम्मद कैफ
फोटोः आस मोहम्मद कैफ

बेशक पुलिस ऐसी सूचनाओं को मात्र अफवाह बता रही हो मगर आमलोगों में इसको लेकर अलग तरह की बात है। जैसे मीरापुर में मोहम्मद जावेद ने हमें बताया कि कल दोपहर उनके घर की तीसरी मंजिल पर एक अपरिचित महिला दिखाई दी। उसने कहा वो भिखारिन है। जबकि उसे इलाके में पहले कभी नहीं देखा गया। स्थानीय महिला लता देवी के मुताबिक वो एक सप्ताह से मोहल्ले में ऐसे लोगों को देख रही हैं जिन्हें पहले कभी नहीं देखा। उन्होंने अपने बच्चों को अकेले बाहर जाने से मना कर दिया है।

इस सबके बीच इन जिलों में लोगों मे काफी दहशत है और ये अफवाहें कानून-व्यवस्था के लिए कभी भी बड़ी समस्या बन सकती हैं। खास बात यह है कि हर साल इसी समय एक नई तरह की अफवाह सामने आती है। इससे पहले इलाके में मुंह नोचवा, चोटी कटवा और ब्लडमार का आतंक रह चुका है।

ये अफवाहें व्हाट्सएप के जरिये अब फैल चुकी हैं। कई जगह बच्चा चोरी की अफवाह के बीच कुछ लोगों को अपनी जान से हाथ गवांना पड़ा है। कुछ जगह पर मारपीट करने वालों को पुलिस ने जेल भी भेजा है। मेरठ के किठौर में इसी सप्ताह कुछ लोगों ने बच्चा चोर बताकर एक युवक से मारपीट की थी, जिसमें 8 लोगो को पुलिस ने जेल भेज दिया। ये अफवाहें इलाके के सांप्रदयिक सौहार्द के लिए भी समस्या बन रही हैं। पुलिस अब बच्चा चोरी की अफवाहों को फैलाने वालों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की बात कर रही है।

Published: 27 Aug 2019, 10:38 PM
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