आसान भाषा में समझें क्या है सिंगल-यूज प्लास्टिक? बेचने या खरीदने पर लगेगा भारी जुर्माना

2 अक्टूबर, 2019 को महात्मा गांधी की 100वीं जयंती के दिन देशभर में सिंगल-यूज प्लास्टिक बैन होने जा रहा है। इस तारीख से सिंगल-यूज प्लास्टिक से बनने वाले छह प्रोडक्ट्स- प्लास्टिक बैग, स्ट्रॉ, कप्स, प्लेट, बोतल और शीट्स बंद होने जा रही हैं।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ केंद्र सरकार 2 अक्तूबर से बड़ा अभियान शुरू कर रही है। 2 तारीख से सिंगल-यूज प्लास्टिक से बनने वाले छह प्रोडक्ट्स- प्लास्टिक बैग, स्ट्रॉ, कप्स, प्लेट, बोतल और शीट्स बंद होने जा रही हैं। इसके अलावा पानी के पाउच को भी बैन किया गया है। इतना ही नहीं इसका उपयोग करने वालों पर जुर्माना भी लगने वाला है।

केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने कहा है कि सभी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू) और ऊर्जा और नवीन एवं नवीकरणीय मंत्रालयों के संलग्न कार्यालयों में भी सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी कर दिया गया है।


चलिए बताते हैं कि सिंगल यूज प्लास्टिक। ऐसा प्लास्टिक जिसका इस्तेमाल हम सिर्फ एक बार करते हैं और फिर वह डस्‍टबिन में चला जाता है। आसान शब्दों में कहे तो एक बार इस्तेमाल करके फेंक दी जाने वाली प्लास्टिक ही सिंगल-यूज प्लास्टिक कहलाता है। इसे हम डिस्पोजेबल प्‍लास्टिक भी कहते हैं। हालांकि, इसकी रीसाइक्लिंग की जा सकती है। इसका इस्तेमाल हम अपने रोजमर्रा के काम में करते हैं, उदाहरण के तौर पर प्लास्टिक बैग, प्लास्टिक की बोतलें, स्ट्रॉ, कप, प्लेट्स, फूड पैकजिंग में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक, गिफ्ट रैपर्स और कॉफी की डिस्पोजेबल कप्स को देखे।

चलिए सिंगल सिंगल यूज प्लास्टिक को उपयोग करने वाले लोगों पर लगने वाले जुर्माने की बात भी कर लेते हैं। इस नियम पहली बार तोड़ने पर 5 हजार रुपय का जुर्माना देना होगा। वहीं दूसरी बार यदि कोई नियम तोड़ता है तो उसे 10 हजार को जुर्माना देना होगा। तीसरी बार नियम तोड़ने पर 25 हजार के जुर्माने के साथ 3 महीने की सजा का भी प्रावधान है।


जलवायु परिवर्तन और ग्‍लोबल वार्मिंग के कारण बिगड़ता पर्यावरण दुनिया के लिए इस समय सबसे बड़ी चिंता है। ऐसे में प्लास्टिक से पैदा होने वाले प्रदूषण को रोकना और प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट एक बड़ी समस्या बनकर उभरी है।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से दिए गए भाषण में देश के लोगों से प्लास्टिक के थैले का उपयोग बंद करने का आग्रह किया था। उन्होंने लोगों से आग्रह किया था कि देश के लोग सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल 2 अक्टूबर 2019 से पूरी तरह से बंद कर दें।

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