क्यों और कैसे डूबा था टाइटैनिक, सारे रहस्य से उठेगा पर्दा, बताएंगे आईआईटी दिल्ली के वैज्ञानिक

आईआईटी दिल्ली के मुताबिक साइंस टेक स्पिन व्याख्यान में छात्रों को समझाया जाएगा कि टाइटैनिक क्यों डूबा। फायरमैन आग के गोले में कैसे चलते हैं। प्रकृति से कोई क्या सीख सकता है। वायुमंडल में पुनः प्रवेश पर एक अंतरिक्ष यान 3000 एफ तापमान को कैसे संभालता है।

प्रतीकात्मक फोटोः सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

टाइटैनिक क्यों डूबा। यह ऐसा प्रश्न है जिसका जवाब और जानकारी अधिकांश लोग जानना चाहते हैं। खास तौर पर स्कूली छात्रों में ऐसे प्रश्नों को लेकर विशेष जिज्ञासा होती है। छात्रों की इस जिज्ञासा को अब आईआईटी दिल्ली दूर करने जा रहा है। आईआईटी दिल्ली देश के स्कूली छात्रों को बताएगा कि टाइटेनिक जैसे बड़े जहाज के डूबने के पीछे क्या वैज्ञानिक कारण थे।

स्कूली छात्रों के इसी प्रकार के कई और प्रश्न समझाने के लिए आईआईटी दिल्ली एक साइंस टेक स्पिन व्याख्यान करने जा रहा है। आईआईटी दिल्ली के मुताबिक इस दौरान छात्रों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझाया जाएगा कि टाइटैनिक क्यों डूबा। फायरमैन आग के गोले में कैसे चलते हैं। प्रकृति से कोई क्या सीख सकता है। वायुमंडल में पुन प्रवेश पर एक अंतरिक्ष यान 3000 एफ तापमान को कैसे संभालता है।

आईआईटी दिल्ली के वैज्ञानिक प्रयोगशाला प्रदर्शनों के साथ मैटिरियल एंड मैटर शीर्षक के जरिए तीसरा सांइस टेक स्पिन व्याख्यान देते हुए स्कूली छात्रों को ऐसे कई सवालों के जवाब समझाएंगे। रसायन विज्ञान विभाग से प्रोफेसर अशोक के गांगुली और सामग्री विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग से प्रो राजेश प्रसाद 20 नवंबर, 2021 को सुबह 10 बजे अपना व्यख्यान देंगे। संस्थान व्याख्यान को अपने आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर भी लाइव स्ट्रीम करेगा।

प्रो गांगुली की बात 'प्रकृति में भविष्य के लिए सामग्री' शीर्षक पर केंद्रित होगी। वह यह बताएंगें कि हम प्रकृति से क्या सीख सकते हैं, जैसे- फायरफ्लाइज, तितलियां, शार्क, पत्ते। कोशिकाओं के अंदरूनी हिस्सों की इमेजिंग, बैक्टीरिया से सतहों की रक्षा करना और अत्यधिक तापमान से निपटने के लिए अन्य आधुनिक प्रौद्योगिकियां।


प्रोफेसर राजेश प्रसाद, जिनका शीर्षक है 'जहाजों का डूबना और विमानों का गिरना' 'विरूपण का विज्ञान', गुब्बारे और कागज की पट्टियों का उपयोग करते हुए कुछ सरल प्रयोगों की मदद से, छात्रों को स्टील के हथौड़े जैसी कुछ दिलचस्प स्थितियों के बारे में बताएंगे। वह बताएंगे की हथौड़ा एक बर्फ के ब्लॉक से टकराता है और फिर जो टूटता है, वह बर्फ है हथौड़ा नहीं। लेकिन जब टाइटैनिक का स्टील का पतवार एक हिमखंड से टकराया, तो वह दो हिस्से में क्यों टूट गया और क्यों डूब गया।

यह सांइस टेक स्पिन कक्षा 9वीं से 12वीं तक के स्कूली छात्रों के लिए आईआईटी दिल्ली द्वारा एक अकादमिक आउटरीच पहल है। संस्थान व्याख्यान में भाग लेने वाले अपने संबंधित स्कूलों द्वारा नामांकित सभी पंजीकृत छात्रों को ई-प्रमाण पत्र देगा। आईआईटी दिल्ली इन छात्रों को 'ओपन हाउस' में भी आमंत्रित करेगा, जो एक वार्षिक बौद्धिक उत्सव है जो स्कूली छात्रों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कुछ प्रमुख शोधकर्ताओं से जुड़ने के लिए एक आदर्श मंच प्रदान करता है।

साइंसटेक स्पिन के लिए अपने छात्रों को नामांकित करने के इच्छुक स्कूल, एसोसिएट डीन, अकादमिक आउटरीच और नई पहल, आईआईटी दिल्ली के माध्यम से आईआईटी दिल्ली तक पहुंच सकते हैं।

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