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वंशवाद पर प्रहार करने से पहले क्या पीएम मोदी ने अपनी पार्टी और कैबिनेट के परिवारवाद पर नहीं डाली नज़र !

पीएम नरेंद्र मोदी कांग्रेस पर परिवारवाद का आरोप लगाते हैं। लेकिन परिवारवाद की सूची बीजेपी में भी काफी लंबी है। मोदी सरकार के मौजूदा मंत्रिमंडल में कई मंत्री ऐसे हैं जो परिवारवाद की राजनीति से ही आते हैं।

फोटो : सोशल मीडिया
फोटो : सोशल मीडिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 मार्च को अपनी वेबसाइट पर एक ब्लॉग लिखा। संस्थाओं का सम्मान और संस्थाओं की अवमानना- दो परस्पर विरोधी अप्रोच। जब इस ब्लॉग को उन्होंने ट्विटर पर शेयर किया तो सबसे पहली लाइन लिखी- वंशवाद की राजनीति से सबसे अधिक नुकसान संस्थाओं को हुआ है। नरेंद्र मोदी अक्सर वंशवाद के ऊपर अपनी चुनावी रैलियों में भी सवाल उठाते रहे हैं। उनके वंशवाद का आशय आमतौर पर कांग्रेस को लेकर ही होता है।

आजादी के बाद के 71 सालों में 38 साल कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष गांधी-नेहरू परिवार से रहे हैं।जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी तीनों भारत के प्रधानमंत्री भी रहे हैं। लेकिन ऐसा नहीं है कि नरेंद्र मोदी की पार्टी बीजेपी वंशवाद से अछूती रही हो। जानते हैं नरेंद्र मोदी कैबिनेट के ऐसे मंत्रियों के बारे में।

सबसे पहले बात उन मंत्रियों की जो खुद राजनीतिक परिवार से आते हैं:

सुषमा स्वराज

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की राजनीतिक दिलचस्पी की एक वजह उनके परिवार की राजनीतिक पृष्टभूमि भी है। उनके पिता बलदेव शर्मा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक और हरियाणा में राज्य स्तर के नेता थे। सुषमा के पति स्वराज कौशल भी राजनीति से जुड़े रहे हैं। वो 1990 से 93 तक मिजोरम के राज्यपाल और 1998 से 2004 तक राज्यसभा सांसद रहे हैं। उनकी छोटी बहन वंदना शर्मा हरियाणा में विधानसभा चुनाव भी लड़ चुकी हैं, लेकिन जीत नहीं सकी थीं।

पीयूष गोयल

मोदी सरकार के मंत्रियों में हर मोर्चे पर सामने आने वाले पीयूष गोयल की राजनीति को उनकी पार्टी के शब्दों में वंशवाद का परिणाम कहा जा सकता है। पीयूष की मां चंद्रकांता गोयल तीन बार विधायक रहीं और उनके पिता वेदप्रकाश गोयल अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रहे थे।

निर्मला सीतारमण

निर्मला सीतारमण ने जेएनयू से पढ़ाई की। उन्होंने पराकला प्रभाकर से शादी की। पराकला का परिवार राजनीतिक परिवार है। पराकला के पिता आंध्र प्रदेश कांग्रेस के बड़े नेता थे और मंत्री भी रहे। उनकी मां भी विधायक रहीं। पराकला ने भी 1994 और 1996 में कांग्रेस के टिकट पर दो बार विधायक का चुनाव लड़ा था, पर हार गए थे। फिर वो बीजेपी में शामिल हो गए। 1998 में नरसपुर से चुनाव लड़ा, जिसमें उनकी हार हुई। वह आंध्र प्रदेश में टीडीपी की वर्तमान सरकार में कैबिनेट रैंक की कम्युनिकेशन एडवाइजर की पोस्ट पर थे। लेकिन, टीडीपी के एनडीए का साथ छोड़ते ही उन्हें पद छोड़ना पड़ा।

रविशंकर प्रसाद

बीजेपी की तरफ से आक्रामक प्रवक्ता का काम करने वाले रविशंकर प्रसाद बिहार में कर्पूरी ठाकुर सरकार में मंत्री रहे ठाकुर प्रसाद के बेटे हैं। ठाकुर प्रसाद जनसंघ के शुरुआती नेताओं में से थे। वो जनसंघ की बिहार यूनिट के अध्यक्ष भी रहे थे।

चौधरी बीरेंदर सिंह

चौधरी बीरेंदर सिंह किसान नेता सर छोटूराम के पोते हैं। बीरेंदर के पिता चौधरी नेकीराम भी पंजाब-हरियाणा की राजनीति में सक्रिय रहे। बीरेंदर सिंह 2014 तक कांग्रेस में रहे और लोकसभा चुनाव से पहले इस्तीफा देकर बीजेपी में आ गए। उनकी पत्नी प्रेमलता भी हरियाणा की उचाना कलां विधानसभा से विधायक हैं।

मेनका गांधी

मेनका गांधी भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के छोटे बेटे संजय गांधी की पत्नी हैं। मेनका के पुत्र वरुण गांधी भी बीजेपी से सांसद हैं। मेनका पीलीभीत और वरुण सुल्तानपुर से सांसद हैं।

राव इंद्रजीत सिंह

राव इंद्रजीत सिंह, राव बीरेंदर सिंह के बेटे हैं, जो पंजाब के मुख्यमंत्री रहे थे। बीरेंदर सिंह हरियाणा और पंजाब की सरकार के साथ केंद्र सरकार में भी मंत्री रहे थे।

धर्मेंद्र प्रधान

धर्मेंद्र प्रधान के पिता देबेंद्र प्रधान ओडिशा में बीजेपी के बड़े नेता थे। वो अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में मंत्री भी रहे थे।

हरसिमरत कौर बादल

हरसिमरत कौर बादल, सुखबीर सिंह बादल की पत्नी हैं। सुखबीर पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं। सुखबीर पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और अकाली दल के वरिष्ठ नेता प्रकाश सिंह बादल के बेटे हैं।

विजय गोयल

विजय गोयल केंद्र में मंत्री बनने से पहले दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष रहे थे। इनके पिता चरती लाल गोयल दिल्ली बीजेपी के बड़े नेता थे और दिल्ली विधानसभा के स्पीकर रहे थे।

जयंत सिन्हा

जयंत सिन्हा बीजेपी के कद्दावर नेता और वाजपेयी सरकार में मंत्री रहे यशवंत सिन्हा के बेटे हैं। यशवंत सिन्हा ने हाल ही में बीजेपी से इस्तीफा दे दिया था।

किरण रिजिजू

अरुणाचल से आने वाले किरण रिजिजू के पिता रिन्चिन खारू राजनीति में सक्रिय थे। वो अरुणाचल प्रदेश की पहली विधानसभा में प्रो-टेम स्पीकर भी रहे थे।

अनुप्रिया पटेल

अपना दल की सांसद और मोदी सरकार में मंत्री अनुप्रिया पटेल सोनेलाल पटेल की बेटी हैं। सोनेलाल ने ही अपना दल की स्थापना की थी। उनकी एक सड़क हादसे में मौत के बाद उनकी पत्नी इस पार्टी की अध्यक्ष बनीं। इनकी बेटी अनुप्रिया अब मोदी सरकार में मंत्री हैं।

अब बात करते हैं उन मंत्रियों की जो अपने परिजनों को राजनीति में स्थापित कर रहे हैं:

राजनाथ सिंह

मोदी सरकार में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने अपना राजनीतिक मुकाम खुद हासिल किया। लेकिन अब वो अपनी विरासत को अपने पुत्र पंकज सिंह के सहारे आगे बढ़ाना चाहते हैं। पंकज उत्तर प्रदेश बीजेपी के महासचिव हैं और नोएडा से विधायक भी हैं। हालांकि राजनाथ सिंह का कहना है कि उनका बेटा 2002 से बीजेपी में कार्यकर्ता की तरह काम कर रहा है और 15 साल मेहनत के बाद 2017 में उसे टिकट मिला है।

नरेंद्र सिंह तोमर

मोदी सरकार में मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर अपने बेटे देवेंद्र प्रताप सिंह को राजनीति में स्थापित करने में लगे हुए हैं। रामू भैया के नाम से पुकारे जाने वाले देवेंद्र, मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी की तरफ से टीवी पर पार्टी का पक्ष रखते हुए कई बार दिखाई पड़े। वह स्थानीय राजनीति में काफी सक्रिय हैं। फिलहाल कोई चुनाव नहीं लड़ा है लेकिन हर त्यौहार पर उनके गृहनगर में लगने वाले पोस्टर दिखाते हैं कि वो राजनीति में जगह बनाने की पुरजोर कोशिश में हैं।

रामविलास पासवान

बिहार की हाजीपुर सीट से सांसद और केंद्र में मंत्री रामविलास पासवान राजनीति में अपने परिजनों को साथ लेकर चल रहे हैं। उनके बेटे चिराग पासवान सांसद हैं। रामविलास के छोटे भाई पशुपति नाथ बिहार सरकार में मंत्री हैं। साथ ही, उनके दामाद अनिल पासवान भी राजनीति में सक्रिय हैं।

राज्यों में भी बीजेपी नेताओं का परिवारवाद

मोदी सरकार के मंत्रियों के अलावा राज्यों के मुख्यमंत्रियों में अरुणाचल के सीएम पेमा खांडू, पूर्व सीएम दोरजी खांडू के बेटे हैं। महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणविस के पिता गंगाधर फडणविस महाराष्ट्र विधानपरिषद के सदस्य रहे थे। गोवा के सीएम प्रमोद सावंत की पत्नी सुलक्षणा गोवा बीजेपी महिला मोर्चा की अध्यक्ष हैं। हाल ही में राजस्थान के मुख्यमंत्री पद से हटीं वसुंधरा राजे ग्वालियर की महारानी विजयाराजे सिंधिया की बेटी हैं जो जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में थीं। वसुंधरा के बेटे दुष्यंत लोकसभा सांसद हैं। राजे की छोटी बहन यशोधरा राजे मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री थीं और अब वह शिवपुरी से विधायक हैं।

मंत्री और मुख्यमंत्रियों के अलावा कई नेताओं के परिवार भी राजनीति में सक्रिय हैं। विजय बहुगुणा के बेटे सौरभ बहुगुणा उत्तराखंड के सितारगंज से विधायक और विजय की बहन रीता बहुगुणा यूपी सरकार में मंत्री हैं। प्रेम कुमार धूमल के बेटे अनुराग ठाकुर हमीरपुर से सांसद हैं। प्रमोद महाजन की बेटी पूनम महाजन मुंबई उत्तर-मध्य से सांसद और कल्याण सिंह के बेटे राजबीर सिंह एटा सीट से सांसद हैं।

दिल्ली के पूर्व मुख्य मंत्री और एक जमाने में बीजेपी के दिग्गज जाट नेता रहे साहिब सिंह वर्मा के बेटे प्रवेश वर्मा पश्चिमी दिल्ली से सांसद, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रह चुके रमन सिंह के बेटे अभिषेक सिंह राजनंदगांव से सांसद, कर्नाटक के विवादित नेता और पूर्व सीएम बीएस येदियुरप्पा के बेटे राघवेंद्र येदियुरप्पा शिमोगा से सांसद, उत्तर प्रदेश से आने वाले बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालजी टंडन के बेटे आशुतोष टंडन यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं।

(डॉएचे वेले के इनपुट के साथ)

Published: 20 Mar 2019, 10:40 PM
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