आखिर क्यों बदल दिए योगी सरकार ने 9 जिलों के डीएम?

उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था दुरुस्त करने के बजाय योगी सरकार प्रशासनिक फेरबदल में लगी हुई है। मंगलवार शाम सरकार ने 9 जिलों के जिलाधिकारियों समेत 16 आईएएस अफसरों के इधर उधर कर दिया।

फोटो : सोशल मीडिया
i

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार कासगंज हिंसा पर काबू पाने में बुरी तरह नाकाम रही है। कहने को कासगंज में भारी तादाद में पुलिस और दूसरे सुरक्षा बल तैनात हैं, और कुछेक अफसरों को हटाया गया है, लेकिन हालात बहुत ज्यादा सुधरते नहीं दिख रहे।

ऐसे में प्रदेश के पूरे प्रशासनिक अमले को सख्त निर्देश जारी कर ऐसी वारदातें और घटनाएं रोकने की नसीहत देने के बजाय सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल कर दिया। यहां तक की नया गृह सचिव तक नियुक्त कर दिया गया। जिन 16 आईएएस अफसरों को इधर उधर किया गया उनमें 9 जिलाधिकारी हैं।

मंगलवार देर शाम जारी तबादलों की सूची के अनुसार समीर वर्मा को गृह विभाग का सचिव बनाया गया है। समीर वर्मा इससे पहले मेरठ के जिलाधिकारी थे। इसके अलावा जिन जिलों के डीएम बदले गए हैं, उनमें मुजफ्फरनगर, मेरठ, बिजनौर, रामपुर, बस्ती, झांसी, बांदा, सुलतानपुर और महोबा शामिल हैं।

यहां रोचक तथ्य यह है कि जिन जिलों के डीएम को हटाया गया है, उनमें से कई जिले काफी संवेदनशील माने जाते हैं और इनमें अल्पसंख्यक समुदाय की ठीक-ठाक आबादी है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एक-दूसरे से सटे जिलों, मेरठ, मुजफ्फरनगर और बिजनौर में पिछले दिनों सांप्रदायिक तनाव और दलित आंदोलन की खबरें आती रही हैं। वहीं रामपुर मुस्लिम बहुल जिला है, और मुलायम सिंह यादव के करीबी आजम खान का गृह जनपद है।

विश्लेषकों का कहना है कि ऐसे समय में जब प्रदेश के कई हिस्सों से तनाव की खबरें आ रही हैं, प्रशासनिक अमले में बदलाव किसी खास नीयत से किया गया लगता है। विश्लेषकों के अनुसार डीएम स्तर का अधिकारी अपने कार्यक्षेत्र को अच्छी तरह समझता है, और उसे पूरे जिले के उन इलाकों की जानकारी होती है, जहां किसी भी किस्म के तनाव की आशंका होती है। ऐसे वक्त में जिलाधिकारियों को इधर उधर किया जाना समझदारी भरा कदम नहीं कहा जा सकता।

हालांकि सरकार का तर्क यह है कि इन जिलों में मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण का काम शुरु किया गया है और इनके तबादलों की चुनाव आयोग से मंजूरी ली गयी है। लेकिन प्रशासनिक प्रक्रिया के जानने वालों का मत है कि अगर किसी राज्य में चुनाव नहीं हो रहे हैं, तो चुनाव आयोग सिर्फ सरकार द्वारा अनुमोदित अधिकारियों के तबादले पर ही मुहर लगाता है।

मंगलवार को हुए तबादलों में मेरठ के जिलाधिकारी समीर वर्मा अब गृह विभाग में सचिव होंगे। मुजफ्फरनगर के जिलाधिकारी गौरी शंकर प्रियदर्शी नगर विकास सचिव बनाए गए हैं। महोबा के डीएम राम विशाल मिश्र को अब चित्रकूटधाम मंडल का कमिश्नर बनाया गया है। इसके अलावा सुलतानपुर के डीएम हरेंद्र वीर सिंह को आयुक्त- चकबन्दी, झांसी के जिलाधिकारी कर्ण सिंह चौहान को सचिव, उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग और बिजनौर के जिलाधिकारी जगत राज को संस्कृति विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है।

सूची के मुताबिक आगरा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अनिल ढींगरा को मेरठ और उत्तर प्रदेश के अपर आबकारी आयुक्त दिव्य प्रकाश गिरि को बांदा का डीएम बनाया गया है। अब तक बांदा के डीएम रहे महेन्द्र बहादुर सिंह को रामपुर का डीएम बनाया गया है, जबकि रामपुर के जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी को इसी पद पर झांसी भेजा गया है।

उधर सरकार में विशेष सचिव पद पर रहे सहदेव को महोबा और संगीता सिंह को सुलतानपुर का डीएम बनाया गया गया है। लोक निर्माण विभाग के विशेष सचिव राजीव शर्मा को मुजफ्फरनगर का नया जिलाधिकारी बनाया गया है। बस्ती जिले के डीएम अरविन्द कुमार सिंह, नेडा के विशेष सचिव बनाए गए हैं। अरविन्द सिंह की जगह पर विशेष सचिव, कृषि उत्पादन आयुक्त शाखा सुशील कुमार मौर्या को बस्ती जिले का नया जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है।

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए