शिक्षाविद् और लेखक राम पुनियानी को धमकी, 15 दिन में मुंबई छोड़ने का दिया अल्टीमेटम

मशहूर शिक्षाविद् और लेखक राम पुनियानी को 15 दिन में मुंबई छोड़ने की धमकी दी गई है। उन्हें फोन करने वाले ने सांप्रदायिक सौहार्द्र बढ़ाने वाले लेक्चर देने और वर्कशॉप आयोजित बंद करने को कहा है और ऐसा न करने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी है।

फोटो : सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

सिविल राइट्स एक्टिविस्ट और लेखक राम पुनियानी को धमकी भरे फोन आए हैं। गुरुवार-शुक्रवार की रात उनके घर पर फोन कर उन्हें धमकी दी गई कि वे सांप्रदायिक सौहार्द्र को बढ़ावा देने वाले वर्कशॉप करना और लेक्चर देना बंद कर दें। इस सिलसिले में राम पुनियानी ने पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई है।

राम पुनियानी आईआईटी मुंबई में पढ़ाते थे और सन् 2007 के नेशनल कम्यूनल हार्मोनी एवार्ड से सम्मानित हैं। वे देश भर में सांप्रदायिक सौहार्द्र के लिए वर्कशॉप करते रहते हैं।


यह दूसरा मौका है जब राम पुनियानी को धमकी मिली है। इससे पहले मार्च में सादे कपड़ों में पुलिस वाले उनके घर किसी मामले की पूछताछ के बहाने से आए थे। पुलिसवालों ने कहा था कि वे पासपोर्ट की जांच करने के लिए आए हैं, जबकि राम पुनियानी ने पासपोर्ट के लिए आवेदन ही नहीं दिया था। इसके बाद राम पुनियानी ने इस सादे कपड़े पुलिस वालों के सीसीटीवी रिकॉर्डिंग पुलिस को मुहैया कराई थी।

अभी बीती रात उन्हें रात करीब 8.30 बजे फोन आया, जिसके उनके रिश्तेदार ने उठाया। फोन करने वाले ने काफी गुस्से में गालियां सुनाईं और राम पुनियानी को हिंदू विरोधी कहा। फोन करने वाले ने धमकी दी की पुनियानी अपने वर्कशॉप आदि बंद कर दें नहीं तो इसके गंभीर नतीजे होंगे। फोन करने वाले ने पुनियानी को 15 दिन में मुंबई छोड़ने का अल्टीमेटम भी दिया है।

इस फोन के पांच मिनट बाद फिर फोन आया जिसे राम पुनियानी ने रिसीव किया। इस बार भी धमकाने वाले लहजे में उन्हें बुरा भला कहा गया। फोन करने वाले ने पूछा कि क्या वह राम पुनियानी से ही बात कर रहा है। जब पुनियानी ने इससे इनकार किया तो उसने फोन रख दिया। फोन करने वाले का नंबर अभी पहचाना नहीं जा सका है।

इस बारे में बात करते हुए राम पुनियानी ने कहा कि, “यह काफी परेशान करने वाला मामला है। मेरे परिवरा को मेरी सुरक्षा की चिंता है। उम्मीद है कि प्रशासन इसे गंभीरता से लेगा। यह पहला मौका नहीं है जब ऐसा हुआ है।”

गौरतलब है कि बीते दो एक सालों में गोविंद पंसारे, नरेंद्र दाभोलकर, एम एम कलबुर्गी और गौरी लंकेश की हत्या कर दी गई थी। इस परिप्रेक्ष्य में राम पुनियानी को मिली धमकी काफी गंभीर मामला है। इन सारे मामलों में दक्षिणपंथी संगठनों से जुड़े लोगों के नाम आए थे।

शनिवार को कई सामाजिक संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए राम पुनियानी को सुरक्षा दिए जाने और धमकी देने वालों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की है। राम पुनियानी सी3एस (सेंटर पर स्टडी ऑफ सोसायटी एंड सेक्युलरिज़म, अनहद, इंडियन मुस्लिम फॉर सेक्युलर डेमोक्रेसी, पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टी (पीयूसीएल) आदि के प्रतिनिधियों के साथ मुबंई के ज्वाइंट कमिश्नर बिनॉय कुमार चौबे से मिले।

राम पुनियानी ने फोन पर बताया कि ज्वाइंट कमिश्नर ने उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिया है और जहां वे रहते हैं उस सोसायटी की सुरक्षा बढ़ाने का आश्वासन दिया है। राम पुनियानी ने बताया कि इस मामले को साइबर क्राम ब्रांच को देने का आश्वासन भी ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर ने उन्हें दिया है।

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