सिंघु बॉर्डर पर युवा किसानों ने निकाला पैदल मार्च, कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन हुआ तेज

संयुक्त किसान मोर्चा ने अपने बयान में कहा कि किसान आंदोलन की शुरूआत से ही युवाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। समय-समय पर हर एक भूमिका में युवाओं ने इस आंदोलन को मजबूत किया है। युवाओं की सक्रिय भागीदारी के कारण से इस आंदोलन में निरंतर ताकत बनी हुई है।

फोटोः IANS
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नवजीवन डेस्क

विवादित कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। आए दिन गांवों से किसान आन्दोलन स्थल पर आकर अपना समर्थन दे रहें है। वहीं युवा किसान भी लगातार सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश में जुटे हुए हैं। इसी कड़ी में सोमवार को सिंघु बॉर्डर पर युवाओं ने पैदल मार्च निकाला। इस मार्च में युवाओं ने सभी बुजुर्ग किसानों के सक्रिय प्रदर्शन की सराहना की और इस आंदोलन में कंधे से कंधा मिलाकर उनका सहयोग देने का वादा किया।

दिल्ली के बॉर्डर्स पर पिछले कुछ दिनों से युवाओं के बड़े जत्थे आ रहे हैं। संयुक्त किसान मोर्चा ने अपने बयान में कहा कि इस आंदोलन की शुरूआत से ही युवाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। समय-समय पर हर एक भूमिका में युवाओं ने इस आंदोलन को मजबूत किया है। युवाओं की सक्रिय भागीदारी के कारण से इस आंदोलन में निरंतर ताकत बनी हुई है। मोर्चा ने आह्वान किया कि आने वाले समय में ज्यादा से ज्यादा युवा दिल्ली की सीमाओं पर पहुंचे एवं मोर्चा को मजबूत करें।

दूसरी ओर हरियाणा के किसान संयुक्त किसान मोर्चा की बीजेपी और जेजेपी नेताओं के सामाजिक बहिष्कार के आह्वान को निरंतर समर्थन दे रहे हैं। रविवार को भी चरखी दादरी के एक गांव में बीजेपी नेत्री बबीता फोगाट के आने पर गांव वालों ने काले झंडे दिखाकर और गाड़ी रोक कर विरोध किया।

संयुक्त किसान मोर्चा ने एमएसपी के मुद्दे पर कहा है कि सरकार हर साल एमएसपी की घोषणा करते वक्त सभी लागतों को ध्यान में रखती है, परंतु पिछले कुछ साल से एमएसपी में कुछ खास वृद्धि न होना सरकार की लापरवाही का नतीजा है। दिनोंदिन बढ़ते डीजल के दाम और अन्य लागत सरकार की गणना से बाहर हैं और असल मायने में किसान का खर्चा दिनों दिन बढ़ रहा है।

किसान मोर्चा के अनुसार, एक तरफ सरकार मीडिया में कहती है कि एमएसपी जारी रहेगी, परंतु सरकार यह बताने में असफल है कि क्या सभी फसलों पर एमएसपी जारी रहेगी ? और किस दर पर एमएसपी मिलेगी? साथ ही मोर्चा ने सरकार पर किसानों से बातचीत नहीं शुरू करने को लेकर भी हमला बोला।

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