सिंघु बॉर्डर पर मारे गए युवक की हुई पहचान, धार्मिक ग्रंथ के अपमान पर निहंगों द्वारा हत्या की आशंका

पुलिस ने कहा कि मामले में धारा 302 और 34 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। फिलहाल मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। चर्चा है कि मृतक को सिख धर्म के पवित्र ग्रंथ का अपमान करते हुए पकड़ा गया था और उसी के चलते हत्या हुई। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

फोटोः IANS
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नवजीवन डेस्क

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हरियाणा पुलिस ने शुक्रवार की सुबह सिंघु बॉर्डर पर जारी किसान आंदोलन स्थल के पास बैरिकेड पर लटकी मिली एक युवक की लाश की पहचान कर ली है। पुलिस ने बताया कि काफी मशक्कत के बाद मृतक की पहचान तरनतारन जिले के चीमाखुर्द गांव निवासी लखबीर सिंह पुत्र हरनाम सिंह के रूप में हुई है। हत्या के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है, हालांकि मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि शुक्रवार को कुंडली में पुलिस को सूचना मिली कि निहंगों ने धरनास्थल के पास एक व्यक्ति का हाथ काट दिया है और उसे बैरिकेड्स पर लटका दिया है। जब तक पुलिस मौके पर पहुंची, तब तक व्यक्ति की मौत हो चुकी थी। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि जब पुलिस ने शव को ले जाने की कोशिश की तो मौके पर मौजूद लोगों ने इसका विरोध किया।


काफी मशक्कत के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सोनीपत के सिविल अस्पताल लाया गया। भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 और 34 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। घटना को लेकर लोगों से पूछताछ की गई, लेकिन कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिली। हालांकि आरोप लगाया जा रहा है कि उस व्यक्ति को सिख धर्म के पवित्र ग्रंथ का अपमान करते हुए पकड़ा गया था। हालांकि अभी इस बारे में आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

वहीं, इससे पहले किसान आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा ने भी इस घटना की निंदा करते हुए बयान जारी किया। मोर्चा ने कहा कि मौके पर एक निहंग समूह ने यह कहते हुए जिम्मेदारी ली है कि यह घटना पीड़ित के सरबलोह ग्रंथ के संबंध में बेअदबी करने के प्रयास के कारण हुई है। हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि इस घटना के दोनों पक्षों, निहंग समूह और मृतक व्यक्ति का मोर्चा से कोई संबंध नहीं है। मोर्चा किसी भी धार्मिक पाठ या प्रतीक की बेअदबी के खिलाफ है, लेकिन यह किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं देता है। जांच कर कार्रवाई होनी चाहिए।

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