विष्णु नागर का व्यंग्यः हिंदुत्व का कुंभकर्ण जब तक हिंदू-मुस्लिम न हो, सोता रहता है, करवट तक नहीं बदलता!
हां किसी बंगाली मुसलमान को घुसपैठिया घोषित करना हो तो यह जागृत हो जाता है। मस्जिद और मदरसे और कब्रें गिराना हो तो पुलिस के साथ खड़ा मिलता है। ईसाइयों की क्रिसमस की खुशियों को बर्बाद करने के लिए यह जाग जाता है।

बांग्लादेश या पाकिस्तान में किसी हिंदू की हत्या वहां के सांप्रदायिक तत्व कर देते हैं तो यहां के हिंदूवादियों का 'हिंदुत्व' उर्फ 'सनातनत्व' बड़े जोर-शोर से जाग जाता है। लगता है कि इन्हें अगर छूट मिल जाए तो ये तलवार लेकर उनकी सीमा में दौड़ जाएं और बदला लेकर ही वापस आएं! फिर बार्डर पर इनके भाई-बहन, ढोल-नगाड़े के साथ, इनके माथे पर तिलक लगाकर इनका स्वागत करें लेकिन ये जानते हैं कि एक बार वहां गए तो फिर वहीं रह जाएंगे! वहां इनका 'शौर्य' - जिसका ये दिवस खूब जोर-शोर से यहां मनाते हैं- काम नहीं आएगा। इसलिए यहीं से शब्द- बाण छोड़कर ये काम चला लेते हैं। भारत सरकार भी यही करती है क्योंकि भारत अभी ट्रंप का अमेरिका नहीं बना है!
थोड़ी देर के लिए मान लेते हैं कि चलो, ये किसी की तो चिंता करते हैं! बांग्लादेश और पाकिस्तान के हिंदुओं की फ़िक्र तो इन्हें है मगर इंदौर के भागीरथपुरा में साफ पानी में गू-मूत का पानी मिलाकर लोगों को मरने के लिए छोड़ दिया जाता है तो इनका 'हिंदुत्व' नहीं जागता, जबकि मरने वाले संयोग से सभी हिंदू थे! चार साल पहले ही पीने के पानी में गंदगी मिलने की रिपोर्ट आ चुकी थी मगर किसी को चिंता नहीं थी!
अब भी किसी को इन मौतों में हिंदू एंगल नहीं दिखा क्योंकि इस पूरे कांड में कहीं मुसलमान नजर नहीं आए! कांग्रेस एंगल भी नहीं दिखा क्योंकि कांग्रेस भी दृश्य में नहीं थी! जवाहर लाल नेहरू एंगल तक नहीं दिखा, जबकि इस एंगल से मोदी जी साढ़े ग्यारह साल से राज चला रहे हैं।इन मौतों के बाद न हिंदू जागा और न उसे कोई जगाने आया! आता भी कैसे क्योंकि देश में जिनकी सरकार है, प्रदेश में भी उन्हीं की सरकार है और नगर निगम भी उन्हीं के कब्जे में है! यहां 'हिंदू' 'जाग कर' अपना टाइम क्यों खराब करता!
इनका 'हिंदुत्व' तब भी नहीं जागता, जब बलात्कारी और हत्या आरोपी आजीवन कैद की सजा पाए कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली उच्च न्यायालय जमानत दे देता है और जब बलात्कार की शिकार लड़की और उसकी मां अपनी जान को खतरा बताते हुए इसके विरोध में इंडिया गेट पर धरना देने बैठ जाती है। पुलिस उन्हें और उसके समर्थन में आई महिला कार्यकर्ता को बुरी तरह घसीट कर बस में बैठाती है। तब इनका हिंदुत्व थोड़ा सा जागा तो मगर बलात्कारी के समर्थन में जागा। महिला पहलवानों से बदसलूकी करने वाला ब्रजभूषण शरण सिंह का हिंदुत्व सेंगर के हक में जागा। किसी महिला और कुछ पुरुषों का भी सेंगर के समर्थन में जागा। जिस हिंदू को जगाने का आह्वान हर दिन, हर सुबह किया जाता है, वह बलात्कृता के हित में खर्राटे लेता रहा!
हत्या और बलात्कार के केस में आजीवन सजा पा चुका राम रहीम जब चाहता है या जब सरकार उसका इस्तेमाल करना चाहती है, वह पेरोल या फरलो पर बाहर आ जाता है। अभी 15वीं बार उसे 40 दिन की पेरोल मिली। आठ साल में एक साल से भी अधिक समय तक वह जेल से बाहर रहा। जब सरकार और बीजेपी उसके साथ है तो जेल में भी वह मस्ती ही मारता होगा!
इसने जिसे मारा और जिनसे बलात्कार किया, वे सभी हिंदू थे मगर इनका हिंदुत्व विचलित नहीं हुआ! मुंह से बोल तक नहीं फूटे! कोई प्रदर्शन, कोई जुलूस इन्होंने नहीं निकाला! एक मिनट के लिए भी इनका खून नहीं खौला! गर्मी में भी बर्फ बन जमा रहा! यहां भी कोई मुस्लिम, कोई नेहरू एंगल नहीं था। यह कहने की गुंजाइश नहीं थी कि नेहरू जी की गलती से राम रहीम ने हत्या और बलात्कार किया और नेहरू जी की वजह से ही इसे बार-बार जेल से बाहर आने का मौका मिल जाता है!
हिमाचल के अंकिता भंडारी हत्याकांड के मामले में एक वीवीआईपी का नाम सामने आया, जो हिंदूवादी पार्टी का है। उस इलाके की औरतें उस कथित वीवीआईपी के विरुद्ध हिम्मत से खड़ी हुईं मगर गर्व से फूला हिंदुत्व आराम फरमाता रहा। कुंभकर्ण तो कहते हैं कि छह महीने सोता था और छह महीने जागता था। हिंदुत्व का कुंभकर्ण जब तक हिंदू-मुस्लिम न हो, सोता रहता है।करवट तक नहीं बदलता!
इस देश का यह 'हिंदू' तब भी सोया रहता है, जब एम्स से लेकर तमाम सरकारी अस्पतालों में मरीज या मरीजों के रिश्तेदार दिल्ली की कड़ाके की ठंड में रात में बाहर सोने को मजबूर होते हैं। किसी का हिंदुत्व इनकी मदद के लिए नहीं जागता, जबकि इनमें से अधिकांश हिंदू ही होंगे!इनका हिंदुत्व कभी किसी को सच्चा न्याय दिलाने के लिए नहीं जागता, न्यायसंगत मजदूरी दिलाने के लिए नहीं जागता।
इनका हिंदुत्व ट्रंप को जिताने के लिए जाग कर पूजा-पाठ, यज्ञ-हवन करने लग जाता है मगर जब यही ट्रंप इनके हिंदूहृदय सम्राट की खिल्ली उड़ाता है तो नहीं जागता क्योंकि सम्राट जी हिंदुत्व को इसके लिए तकलीफ़ नहीं देना चाहते। इससे ट्रंप को खुश करने के उनके प्रयत्नों में रुकावट आ सकती है! हथकड़ी-बेड़ियों में जकड़कर जब ट्रंप भारतीयों को हमारे यहां छोड़ जाता है, तब भी यह हिंदुत्व नहीं जागता।
हां किसी बंगाली मुसलमान को घुसपैठिया घोषित करना हो तो यह उत्थिष्ठत-जागृत हो जाता है। मस्जिद और मदरसे और कब्रें गिराना हो तो पुलिस के साथ खड़ा मिलता है। ईसाइयों की क्रिसमस की खुशियों को बर्बाद करने के लिए यह जाग जाता है। कोई उत्तर-पूर्व का हो तो उसे विदेशी घोषित करके उसे गाली देने और उसकी जान लेने के लिए खड़ा हो जाता है। कोई मुस्लिम व्यापारी चार लोगों से रास्ता पूछे तो उसकी जान लेने के लिए जाग जाता है। ग्यारह साल की मुस्लिम लड़की से बलात्कार करने वाले का समर्थन करने के लिए जाग जाता है। जिस हिंदुत्व पर इन्हें इतना गर्व है, वह नागपुर और दिल्ली का अत्यंत आज्ञाकारी सेवक है। उसकी ध्वजा धर्म की है मगर अधर्म के हक में खड़े रहते-रहते, न उसकी टांगें कभी दुखी, न कमर!
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