विष्णु नागर का व्यंग्यः मूर्खता और बदइंतजामी की भी कोई लिमिट होती है, यहां तो सब लिमिटलेस हो चुका है!

प्रधानमंत्री जल्द देश के नाम संदेश दे सकते हैं, जिसमें कहें- आपको लगता है, इसमें जरा भी सच है? जो वीडियो दिखाए जा रहे हैं, वे क्या असली हैं? जो फोटो छापे जा रहे हैं, क्या असली हैं? मैंने फर्जी डिग्री क्या ली है, तब से दुनिया में फर्जीवाड़े की बहार आ गई है!

फोटोः सोशल मीडिया
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विष्णु नागर

इस देश के खिलाफ, देश के बाहर भी बहुत बड़ी साजिश चल रही है। आजकल विदेशी अखबार, टीवी चैनल, सोशल मीडिया, सब देश के पीछे पड़े हैं। कहते हैं कि मोदी की सरकार बोदी है, प्रधानमंत्री खुद 'कोरोना सुपरस्प्रेडर' है। इसकी वजह से कोरोना से दुनिया में मरने वालों में हर चौथा आदमी आज भारतीय है। मरीजों के लिए अस्पताल में बिस्तर नहीं हैं। एंबुलेंस में इंतज़ार करते-करते मरीज मर रहे हैं। आक्सीजन का सब तरफ टोटा है। रेमडेसिविर के इंजेक्शन की कालाबाजारी है। वेंटिलेटर हैं नहीं। वैक्सीन लगवाने के लिए लोग मारे-मारे फिर रहे हैं। वैक्सीन है नहीं मगर 18 बरस तक के सभी लोगों को वैक्सीन लगाने के लिए पंजीकरण शुरू कर दिया है। मूर्खता और बदइंतजामी की भी कोई लिमिट होती है। यहां तो सब लिमिटलेस हो चुका है!

ऐसे में प्रधानमंत्री जल्द देश के नाम संदेश दे सकते हैं, जिसमें कहें- भाइयो बहनों, आपको लगता है, इसमें जरा भी सच है? जो वीडियो दिखाए जा रहे हैं, वे क्या असली हैं? जो फोटो छापे जा रहे हैं, क्या सब फर्जी नहीं हैं? मैंने फर्जी डिग्री क्या ली है, तब से दुनिया में फर्जीवाड़े की बहार आ चुकी है। इस बीच आपने एक भी आदमी कोरोना से मरते हुए देखा? मैंने एक को भी मरने दिया? सच तो यह है कि दूसरे रोगों से जो मर रहे थे, उन्होंने भी मरना स्थगित कर दिया है। उन्होंने मुझसे कहा कि इस समय मर कर हम आपको दुनिया में बदनाम होता नहीं देख सकते। एक तरफ मरनेवाले तक इतना सहयोग कर रहे हैं, दूसरी तरफ इतना झूठ फैलाया जा रहा है!


मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि एक भी आदमी ऐसा नहीं है, जिसे किसी अस्पताल में पिछले सात साल में बिस्तर नहीं मिला। इसके बावजूद आज अस्पतालों में बिस्तर खाली पड़े हैं। मुझे अपने मंत्रियों, सांसदों से कहना पड़ा कि भाइयों-बहनों, जाओ और वहां जाकर लेट जाओ, ताकि अस्पताल भरे-भरे, हरे-हरे लगें। इतने बड़े संकट में बिस्तर खाली पड़े रहें, यह शोभा नहीं देता। आक्सीजन, वेंटिलेटर का सदुपयोग करने वाला कोई नहीं हो, यह इस महान और प्राचीन देश की प्रतिष्ठा के अनुकूल नहीं है।

एनडीए के शेष सभी सहयोगी दलों के सांसदों, विधायकों से भी मैंने अपील की है कि वे भी वहां जाकर लेटकर हमारे गठबंधन को मजबूत करें, वरना पाकिस्तान, बांग्लादेश, उजबेकिस्तान, अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, सऊदी अरब आदि चालीस देशों से अनेक रूपों में जो सहयोग मिल रहा है, वह खतरे में पड़ जाएगा। मेरी प्रतिष्ठा धूल में मिल जाएगी। सब ठीक होते हुए भी इसने हमारे संसाधन लूटने के लिए हल्ला मचाया!


मेरी देशवासियों से भी अपील है कि समय हो तो और न हो तो भी समय निकालें और अस्पताल के खाली बेड भरें। वहां उपलब्ध आक्सीजन, वेंटिलेटर का भरपूर सदुपयोग करें। रेमडेसिविर का इंजैक्शन लगवाना न भूलें। सरकार के इंतजाम अच्छे हैं कि एक करोड़ लोग भी अस्पताल पहुंच गए तो किसी चीज की कमी नहीं पड़ेगी। अगले कुछ दिनों में सुविधाएं इतनी बढ़ जाएंगी कि पूरा देश भी अस्पताल जाकर लेटना चाहे तो न बिस्तर कम पड़ेंगे, न आक्सीजन, न भोजन, न पानी, न ये, न वो। मैं भी तब आपके बीच जाकर लेट जाऊंगा और 16-16 घंटे देश की सेवा करूंगा। लेटेस्ट साइंटिफिक रिसर्च बताती है कि देश सेवा का इससे अच्छा कोई दूसरा उपाय हो नहीं सकता। मेरा केवल एक लक्ष्य है कि हर आदमी अस्पताल पहुंच कर ही मरे। मेरे सपनों का 'न्यू इंडिया' यही है!

भाइयों-बहनों सच यह है कि सारी दुनिया के नेता आज मोदी से जलने लगे है। उन्हें लगने लगा है कि अगर हमारा परफार्मेंस मोदी से एक प्रतिशत भी कम रहा तो उनके देश के लोग उनके खिलाफ हो जाएंगे। क्रांति कर देंगे कि हमें मोदी चाहिए। मोदी से कम कुछ नहीं। नेताओं के मन में डर समा गया है क्योंकि यह बात किसी देश के किसी नेता को बर्दाश्त नहीं है कि वहां की सरकार को मोदी चला कर दिखाए। दुनिया के सब लोगों को भले मोदी चाहिए मगर मैं गांधी जी की सौगंध खाकर कहता हूं कि मैंने इस देश की सेवा का व्रत लिया है!


मैं कहना नहीं चाहता था, मगर अपने को रोक नहीं पा रहा हूं। पिछले दिनों बाइडेन और पुतिन कह रहे थे कि अरे भाई मोदी जी, आप तो हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुके हैं। हमारे देश के लोग कह रहे हैं कि या तो तुम खुद मोदी बनो या इस्तीफा दो और मोदी को अपनी जगह बैठाओ। उन्होंने मुझसे प्रार्थना की है कि मोदी जी हमें इस संकट से उबारो। मैंने कहा, ठीक है, उबारूंगा मगर तुम इतना तो करो कि मेरी तरह कोरोना को भगा कर दिखाओ। मुझे सेवा करना हमेशा अच्छा लगता है। रोज दो घंटे भी दूंगा तो तुम्हारा देश सोने की तरह चमक जाएगा। मैं जिस तरह कुंभ रोककर हिन्दुओं को नाराज नहीं कर सकता था, चुनाव प्रचार रोक कर दीदी की जीत आसान नहीं कर सकता था, वैसे ही मैं आपके देश की जनता को भी निराश नहीं करना चाहता। इसलिए सोच लो, समय है अभी, सुधर जाओ!

तो देखा, मोदी का ऐसा जलवा है। दुनिया बोल रही है- मोदी-मोदी!

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