कौन कहता है कि बॉलीवुड नशेड़ियों और ड्रग्स लेने वालों का अड्डा है?

फिल्म उद्योग को बदनाम करने से बाज आएं! यह कोई धमकी नहीं, निवेदन है। वजह साफ है। बॉलीवुड समाज के कूड़ा-करकट की आश्रयस्थली नहीं। यह ड्रग्स लेने वाले, नशे में मदहोश लोगों का अड्डा नहीं है। जो लोग ऐसा मानते हैं, उन्हें यहां के बारे में कुछ भी पता नहीं।

फोटो : सोशल मीडिया
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सुभाष के झा

जया बच्चन ने अभी राज्यसभा में बयान दिया कि मनोरंजन उद्योग में काम करने वाले लोग सोशल मीडिया से प्रभावि त हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने इंडस्ट्री में अपना नाम बनाया है, अब वे इसे गटर कह रहे हैं, जिस थाली में खाते हैं, उसमें ही छेद करते हैं। उनके इस बयान से बवाल मच गया है। आखिर क्या है बॉलीवुड की हकीकत। फिल्म इंडस्ट्री को कई दशक से जानने-समझने वाले सुभाष के झा क्या कहते हैं, पढ़ें:

फिल्म उद्योग को बदनाम करने से बाज आएं! यह कोई धमकी नहीं, करबद्ध निवेदन है। कारण साफ है। बॉलीवुड समाज के कूड़ा-करकट की आश्रयस्थली नहीं। फिल्म उद्योग ड्रग्स लेने वाले, नशे में मदहोश लोगों का अड्डा नहीं है। जो लोग भी ऐसा मानते हैं, उन्हें फिल्म उद्योग के बारे में कुछ भी पता नहीं।

मुझे याद है, काफी साल पहले मैं ट्विंकल खन्ना के साथ लंच कर रहा था। तब मेरे साथ मेरी बेटी भी थी और ट्विंकल के साथ इधर-उधर की बात करते-करते हम पैरेंटिंग के इर्द-गिर्द घूमने लगे थे। इस पर हम दोनों अपनी-अपनी बात रख रहे थे। तब अक्षय शहर के बाहर थे और उनका नन्हा बेटा अरव मटकता-लड़खड़ाता हुआ इधर-उधर घूम रहा था। पैरेंटिंग पर थोड़ी देर बात करने के बाद हम टीन्स में आए बच्चों की पैरेंटिंग से जुड़ी समस्याओं पर आ गए थे और फिर हम ड्रग के बढ़ते चलन पर आ गए। ट्विंकल ने तब कहा था, “कल होकर अगर मेरा बेटा ड्रग्स लेने लगे तो या तो मैं उसे जान से मार दूंगी या अपनी जान दे दूंगी।”

बाद में जब 18 साल के अरव की फोटो मेरी आंखों के सामने थी तो मुझे ट्विंकल की ‘मदर इंडिया’ जैसी वे बातें याद आ गईं। अच्छी बात है कि अरव बड़ा संस्कारी लड़का है। बिल्कुल अपने पिता की तरह उसकी भी आदतें अच्छी हैं- जल्दी सो जाना, संयमित खाना, जमकर एक्सरसाइज करना और सोच को सकारात्मक रखना।

ड्रग्स? मैं तो एक भी ऐसा स्टार किड नहीं जानता जो ड्रग्स लेता हो। आज की पीढ़ी के तो ज्यादातर लोग सिगरेट तक नहीं पीते, तो भला ड्रग्स की बात कौन करे? मैं यह नहीं कह रहा कि बॉलीवुड एक मोनैस्ट्री है या विकी कौशल एक पुजारी है या फिर कटरीना कैफ कोई नन। मैं जानता हूं कि इनकी अपनी-अपनी बुरी आदतें होंगी। मैंने तमाम एक्टरों को पार्टियों में शराब पीते देखा है लेकिन उसमें कोई गलत बात नहीं क्योंकि ये लोग पूरी तरह अपने आपे में रहते हैं। मैंने सलमान खान को भी पीते और अपने ऊपर से नियंत्रण खोते देखा है जो बिल्कुल सही नहीं। लेकिन फिर भी यह कोई बहुत बड़ी अय्याशी तो है नहीं।

पीने के बाद व्यवहार असामान्य ही हो जाएगा, ऐसा तो है नहीं। लेकिन कभी-कभार ऐसा हो जाता है और इस मामले में मनोरंजन उद्योग कोई अपवाद तो है नहीं कि वहां के लोग पीएंगे तो कभी-कभार किसी का व्यवहार असामान्य नहीं होगा। हां, इतना जरूर है कि मनोरंजन उद्योग की चीजें ज्यादा साफ दिखती हैं। अगर कोई इंजीनियर पीकर गलत व्यवहार करेगा तोऐसा करते हुए उसकी तस्वीर या वीडियो वायरल नहीं होगा। लेकिन बॉलीवुड के साथ और बात हो जाती है।

जो लोग कथित अय्याशी के लिए बॉलीवुड के खून के प्यासे हो रहे हैं, उनसे मैं जरूर पूछना चाहूंगा कि आपमें से कितने लोग किसी भी स्टार के स्वभाव के बारे में जानते हैं? बॉलीवुड में ड्रग्स के चलन की जानकारी का आपका स्रोत क्या है? कंगना रनौत? आखिर वह बॉलीवुड को कितने नजदीक से जानती है? क्या उसे पता है कि तमाम टॉप एक्टर बिल्कुल शराब नहीं पीतेः अमिताभ बच्चन, अक्षय कुमार, आमिर खान, शाहरुख खान... ये ऐसे लोग हैं जिन्होंने शराब को हाथ तक नहीं लगाया। और फिर ड्रग्स? शाहरुख खान ने एक बार मुझसे कहा था, “मुझ पर जिंदगी का नशा है। मुझे किसी और नशे की जरूरत नहीं।”

फिर आखिर वे कौन ऐक्टर हैं जो ड्रग्स लेने- देने के दोषी हैं? आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि ड्रग्स के इस्तेमाल के लिए बॉलीवुड पर उंगली उठाने वाले कुछ लोग ही बॉलीवुड में सबसे बड़े ड्रग्स लेने वाले हैं। और अगर रिया चक्रवर्ती ड्रग लेने के लिए अपने सहयोगी कलाकारों के नाम ले रही है तो यह काम वह कानून पालन करने वाली एजेंसियों की नजर में अपने को बेहतर बताने के लिए ही कर रही है। यहां मैं एक बात बिस्कुल साफ कर देना चाहूंगा- मेरे कहने का यह मतलब कतई नहीं कि बॉलीवुड में ड्रग्स के इस्तेमाल को लेकर रवि किशन जो भी कह रहे हैं, वह सरासर गलत है। लेकिन इतना जरूर है कि एक ही तरीके से कूची चलाकर वह पूरे फिल्म उद्योग की तस्वीर नहीं उकेर सकते।

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