जब सायरा बानो ने कहा था, 'मुझे बच्चे न होने का मलाल नहीं, क्योंकि साहब तो खुद एक बच्चे की तरह हैं...'

आज जब यूसुफ साहब के निधन की खबर मिली तो एकाएक मेरे जहन में एक ख्याल आया कि उनकी पत्नी सायरा जी अब क्या करेंगी? अपनी शादी के 55 साल में उन्होंने आजतक सिवाए दिलीप साहब की देखभाल के और कुछ नहीं किया है।

फोटो : Getty Images
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सुभाष के झा

आज जब यूसुफ साहब के निधन की खबर मिली तो एकाएक मेरे जहन में एक ख्याल आया कि उनकी पत्नी सायरा जी अब क्या करेंगी? अपनी शादी के 55 साल में उन्होंने आजतक सिवाए दिलीप साहब की देखभाल के और कुछ नहीं किया है। जब से दिलीप साहब की तबीयत खराब हुई है उन्होंने जैसे अपनी जिंदगी जीना ही छोड़ दिया है। वह चौबीसों घंटे सिर्फ उनकी ही देखभाल में लगी रही हैं।

एक बार सायरा जी ने मुझे बताया था, “मुझे बच्चे न होने का कोई गम नहीं है, क्योंकि साहब तो खुद ही एक बच्चे की तरह हैं।”

दिलीप साहब और सायरा जी की करीबी दोस्त लता मंगेशकर ने एक बार कहा था कि वे एक आइडियल कपल हैं। उन्होंने कहा था, “सायरा जी की हरेक सांस सिर्फ और सिर्फ यूसुफ साहब के लिए है। मैंने इतनी समर्पित पत्नी कभी नहीं देखी।“

जब इस सुनहरी जोड़ी ने अपनी शादी की 50वीं सालगिरह मनाई थी तो मुस्कुराते हुए सायराजी ने कहा था, “वक्त कैसे गुजरा पता नहीं चला...”


उन्होंने गहरी सांस लेते हुए कहा था, “साहब की देखभाल, उनकी जिंदगी और घर को देखना यह सब मेरे जिंदगी का कुदरती हिस्सा हैं। साहब ने मुझे कभी भी मेरा करियर छोड़ने को नहीं कहा। दरअसल वह तो मुझे लगातार एक्टिंग करते रहने के लिए कहते रहे हैं। लेकिन कुछ वक्त बाद मेरा दिल खुद ही करियर से हट गया। मैं तो सिर्फ उनके साथ ही रहना चाहती थी।

बच्चे न होने का उन्हें कोई गिला नहीं। उन्होंने कहा था, “हमारी शादी ही मेरी जिंदगी में सबसे अहम है। मुझे बच्चे न होने का कोई गम नहीं क्योंकि साहब तो खुद ही बच्चे हैं।”

शादी के 55 सालों के दौरान गुजरे जमाने की ब्यूटी क्वीन सायरा बानो और अभिनय के बादशाह दिलीप साहब में सिर्फ एकबार अनबन हुई। यह 80 के दशक की बात है। शादी से पहले तो दिलीप साहब का नाम अप्रतिम सुंदरी मधुबाला, खूबसूरत वहीदा रहमान और दक्षिणकी वैजयंतीमाला के साथ जुड़ा। लेकिन जब उन्होंने 22 साल की सायरा बानो से शादी का ऐलान किया तो पूरा फिल्म जगत चौंक गया था, क्योंकि दिलीप साहब का कद इतना बड़ा था कि किसी अंदाज ही नहीं था कि वह 22 साल की सायरा बानों से निकाह कर लेंगे। अपनी लंबे और स्कैंडल मुक्त वैवाहिक जीवन में यूसूफ साहब की जिंदगी में सिर्फ एक बार हलचल महसूस हुई जब शायद किसी धोखे से उनकी शादी उनकी एक फैन आसमा से हो गई। सायरा बानों ने इस अपमान को पी लिया क्योंकि उन्हें यकीन था कि साहब को जब होश आएगा तो वे उनके ही पास आएँगे, और ऐसा ही हुआ।


सायरा ने कहा था, “मेरे लिए साहब के लिए कोई और है ही नहीं। मैंने तो जब से होश संभाला है मैं उनकी फैन हूं। मुझे याद है कि जब मैं टीनेजर थी तो मैं उनकी पत्नी बनना चाहती थी। मैं मजबूत इरादे वाली हूं और एक बार फैसला कर लिया तो फिर मुझे कोई नहीं रोक सकता। मै जानती थी तमाम खूबसूरत महिलाएं साहब से शादी करना चाहती थीं, लेकिन उन्होंने मुझे चुना। ये एक तरह से मेरे ख्वाब का हकीकत में बदलना था और मेरी शादी ख्वाबों की ही तरह रही है।”

दिलीप साहब की व्यसत्ता के दौर में चेन्नई में गुजारे दिनों को याद करते हुए सायरा जी ने कहा था, “यूसुफ साहब उन दिनों चेन्नई के प्रोड्यूसरों की फिल्मों में बिजी थे तो कोहिनूर के बाद हमने अपना ठिकाना चेन्नई को ही बना लिया था। हम एक दोस्त के घर में रहते थे। मैंने तो तय कर लिया था कि शादी के बाद काम नहीं करूंगी। लेकिन जब मुझे पड़ोसन और शागिर्द का ऑफर मिला और यूसुफ साहब ने जो गिया तो मैंने यह फिल्में की। हम एक ही स्टूडियो में अलग-अलग फ्लोर पर शूटिंग करते थे। इस तरह चेन्नई से काफी यादें जुड़ी हुई है।”


मैंने एक बार उनसे कहा था कि बीते 50 साल को कैसे देखती हैं तो उन्होंने पलट कर कहा था, “मैं तो उनके पांव की धूल भी नहीं। वह तो जिस भी औरत से चाहते शादी कर सकते थे लेकिन उन्होंने मुझे चुना और मैं खुद को बहुत खुशनसीब समझती हूं। मैं तो उन्हें हमेशा फिल्म इंडस्ट्री का कोहिनूर कहती हूं।”

जब मैंने कहा कि दिलीप साहब भी खुशनसीब हैं कि उन्हें आपके जैसी पत्नी मिली, तो उन्होंने मजाक करते हुए कहा था, “हां, लेकिन अगर मुझे उनकी पत्नी के तौर परचुना गया होता तो मैं स्पेशल होती। उनकी बीवी होने के लिए कैलिबर होना चाहिए।”

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