झारखंड: हेमंत सोरेन का ऐलान, दुर्भावना से नहीं करेंगे काम, पर भ्रष्टाचार के सभी मामलों की होगी जांच

हेमंत सोरेन ने कहा कि वह राज्य के लोगों की आकांक्षाओं के मुताबिक काम करने में यकीन रखते हैं। जाहिर है, सारे निर्णय दुर्भावना से रहित होंगे लेकिन भ्रष्टाचार के मामलों कोई समझौता नहीं होगा।

फोटो : Getty Images
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रवि प्रकाश

झारखंड ने नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री 44 साल के हेमंत सोरेन झारखंड की लड़ाई लड़ने वाले नेता दिशोम गुरु शिबू सोरेन की सियासत के वारिस हैं। उन्हें झारखंड मुक्ति मोर्चा को नए जमाने की पार्टी बनाने का श्रेय जाता है। उन्होंने अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाते हुए न केवल जमीनी स्तर पर काम किया बल्कि नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर जेमएम को युवाओं से भी जोड़ा। पार्टी को ग्लोबल पहचान दिलाई। वह दूसरी बार झारखंड के मुख्यमंत्री बनरहे हैं। सामान्य ज्ञानकी किताबें उनका नाम झारखंड के ग्यारहवें मुख्यमंत्री के तौर पर लेंगी। उनके पिता शिबू सोरेन भी राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।

झारखंड के इस सबसे बड़े सियासी परिवार को इस बात का इत्मीनान है कि हेमंत सोरेन ने अपने पिता की विरासत को अच्छे तरीके से आगे बढ़ाया है। 23 दिसंबर को मिली चुनावी जीत की गहमागहमी के बीच उन्होंने नवजीवन से खास बातचीत की। उन्होंने कहा कि वह राज्य के लोगों की आंकांक्षाओं के मुताबिक काम करने में यकीन रखते हैं। जाहिर है, उनके निर्णय दुर्भावना से रहित होंगे लेकिन भ्रष्टाचार के मामलों में वे समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के दौरान हुए भ्रष्टाचार के मामलों में कानून अपना काम करेगा।

आपकी जीत की खास वजहें क्या हैं?

मेरी पार्टी की जीत का प्रमुख कारण रघुवर दास की सरकार का गर्वनेंस रहा। वह पूरी तरह फेल था। इस दौरान राज्य की किसी भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। हर वर्ग परेशान रहा और यहां का नेतृत्व इसका सबसे बड़ा कारण बना। लोग इस नेतृत्व से परेशान थे। इसकी नीतियों पर आपत्ति थी। इनकी नीतियों ने इस राज्य को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। आम जनता इस कारण आक्रोशित हुई। इसने बदलाव का माहौल तैयार किया। अब हमें उनकी आकांक्षाएं पूरी करनी हैं। जनता के भरोसे पर खरा उतरना है। यह बड़ी चुनौती है।

आपकी सरकार की क्या प्राथमिकताएं होंगी?

यह राज्य हमारे दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी के लंबे संघर्ष के बाद हासिल हुआ है। इसके लिए कई लोगों ने शहादतें दी। हमने एक उद्देश्य के साथ अलग राज्य की लड़ाई लड़ी थी। अब उन उद्देश्यों को पूरा करना हमारा दायित्व है। हमें समाज के सभी वर्ग और सभी समुदाय को साथ लेकर चलना है। यही हमारी विशेषता भी है। हमें बहुत काम करने हैं। जल, जंगल, जमीन की रक्षा करते हुए महिलाओं की सुरक्षा, नौजवानों को रोजगार, किसानों की समृद्धि, बेहतर भविष्य के लिए बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे मसलों पर काम करना है। किसी एक बात की प्राथमिकता नहीं ली जा सकती। हमें व्यापक दृष्टिकोण रखना होगा। हम संपूर्ण विकास के लिए काम करेंगे।

आपने पिछली सरकार पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगाए थे। रघुवर दास के खिलाफ एफआईआर तक कराई थी। अब उन मामलों का क्या होगा?

जो भी भ्रष्टाचार करेगा, उसको सजा मिलेगी। कानून अपना काम करेगा और इस राज्य में जो एक शांत वातावरण रहा है, उसको फिर से कायम किया जाएगा। हम दुर्भावना से काम नहीं करेंगे लेकिन भ्रष्टाचार के मामलों की अनदेखी भी नहीं होगी।

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