रोमांस, दोस्ती और सह-अभिनेता, आखिर इससे आगे क्यों नहीं बढ़ा तब्बू का किसी के साथ रिश्ता

जब से तब्बू ने फिल्मों में काम शुरु किया, तब से ही उनका नाम किसी न किसी के साथ जुड़ता रहा। लेकिन वे न तो किसी की खुद हो सकीं और न ही किसी को अपना बनाया। इसीलिए वह आज भी ‘सिंगल’ हैं। आज उनका बर्थडे है।

फोटो : सोशल मीडिया
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इकबाल रिजवी

अब उनकी उम्र 48 साल हो गयी है। उनकी हम उम्र अभिनेत्रियां घर बसा चुकी हैं और तबस्सुम हाशमी यानी तब्बू हैं कि रूपहले पर्दे पर कोई ना कोई बेहतरीन किरदार निभा कर चौंका देती हैं। करीब 25 साल के कैरियर में वे कई किरदारों को यादगार बना चुकी है।

4 नवंबर 1971 को हैदराबाद में जन्मी तब्बू ने 15 साल की उम्र में देवानन्द की फिल्म “हम नौजवान” से कैरियर शुरू किया। देवानन्द ने ही उनका फिल्मी नाम तब्बू रखा। इसके बाद उन्होंने अनिल कपूर के भाई संजय कपूर के साथ फिल्म “प्रेम” साइन की जिसे बनने में आठ साल लग गए और जब फिल्म रिलीज हुई तो फ्लाप हो गयी। लेकिन तब तक तब्बू कई फिल्मों के जरिये अपनी पहचान बना चुकी थीं। मुख्य किरदार वाली उनकी पहली फिल्म थी “पहला पहला प्यार”।

लेकिन तब्बू की पहचान बनी गुलज़ार की फिल्म माचिस से। इस फिल्म के लिये उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार तो मिला पर इस जैसा किरदार नहीं मिला। इसके बाद तब्बू ने ग्लैमरस रोल निभाए लेकिन शायद ही किसी रोल में वे प्रभावित कर सकी हों। फिर किस्मत ने साथ दिया और कल्पना लाजमी की फिल्म दरमियां और प्रियदर्शन की फिल्म विरासत के साथ तब्बू का अभिनय फिर चर्चा में आ गया।

संजीदा और मासूम नजर आने वाली तब्बू ने अभिनय के हर रूप को चैलेंज की तरह लेना शुरू किया। उन्होंने हास्य भूमिकाएं निभा कर दर्शकों को निराश नहीं होने दिया। साजन चले ससुराल. बीवी न. 1, हेरा फेरी और चाची 420 ऐसी फिल्मों की श्रंखला का हिस्सा हैं। माचिस के बाद तब्बू को उतने ही शक्तिशाली रोल का इंतज़ार हमेशा रहा। मधुर भंडारकार की फिल्म चांदनी बार ने तब्बू को दोबारा एक संजीदा और दमदार किरदार निभाने का मौका दिया। इस फिल्म के लिये तब्बू ने दूसरी बार राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल किया।

तब्बू छोटे बजट की लीक से हट कर फिल्म बनाने वाले फिल्मकारों की पहली पसंद बन गयी। तब्बू ने एक बार फिर अभिनय का नया रंग फेश किया। फिल्म थी विशाल भारद्वाज की मकबूल। इस फिल्म के स्याह किरदार में भी तब्बू ने अपनी चमक दिखा दी जबकि फिल्म में उनके मुकाबले पर पंकज कपूर और इरफान जैसे दिग्गज अभिनेता थे।

तब्बू का फिल्मों का सफर जैसे जैसे अगै बढ़ता रहा उनके रोमांस के नए नए किस्से भी सामने आते रहे। संजय कपूर, आदित्य पंचोली, दक्षिण के नृत्य निर्देशक तरूण कुमार, साजिद नडियाडवाला और नागार्जुन से उनके गहरे दोस्ताना रिश्ते चर्चा में रहे लेकिन तब्बू घर नहीं बसा सकीं। मगर अपनी फिल्मों के जरिये वे लाखों प्रशंसकों के दिल में बसी हुई है। “माचिस” की मासूम और गंभीर प्रेमिका, “हुत तू तू” की दबंग लड़की, “मकबूल” की खलनायिका, “नेमसेक” की मध्य वर्गीय पत्नी और मां, “चीनी कम” की दोगुनी उम्र के आदमी से प्यार करने वाली प्रेमिका, “हैदर” में जवान बेटे के होते हुए दूसरी शादी करने वाली मां और साल 2016 में आयी फिल्म “फितूर” की रहस्यमयी बेगम। हर बार तब्बू ने खुद को अपने सश्क्त अभिनय के जरिये साबित किया है। उन्होंने हिंदी फिल्मों के अलावा अंग्रेजी, तेलुगु, तमिल, मलयालम, मराठी और बंगाली फिल्मों में भी काम किया है। उन्‍हें 6 बार फिल्‍मफेयर पुरस्‍कार भी मिल चुका है।

कविताएं लिखने का शौक रखने वाली तब्बू का रूपहले पर्दे का सफर अब भी जारी है। उनके प्रशंसकों को हमेशा इंतज़ार रहता है कि देखें इस बार तब्बू कौन सा किरदार निभाएंगी।

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