यादों में टॉम ऑल्टरः चेहरा विदेशी, लेकिन भाषा और भारतीय संस्कृति की समझ ने दर्शकों के दिलों में दिलाई खास जगह

टॉम ऑल्टर की जिंदगी का एक किस्सा ऐसा भी है, जो उन्हें भारतीय क्रिकेट के इतिहास से जोड़ता है। जनवरी 1989 में उन्होंने सिर्फ 15 साल के एक युवा क्रिकेटर का पहला टीवी इंटरव्यू लिया था। वह युवा सचिन तेंदुलकर थे।

यादों में टॉम ऑल्टरः चेहरा विदेशी, लेकिन भाषा और भारतीय संस्कृति की समझ ने दर्शकों के दिलों में दिलाई खास जगह
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अभिनेता टॉम ऑल्टर ने हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई। उनका चेहरा बेशक विदेशी था, लेकिन उनकी भाषा, थिएटर से जुड़ाव और भारतीय संस्कृति की समझ ने दर्शकों के दिल में जगह बना ली। उन्होंने फिल्मों के साथ टीवी और थिएटर में भी लंबे समय तक काम किया।

टॉम ऑल्टर की जिंदगी का एक किस्सा ऐसा भी है, जो उन्हें भारतीय क्रिकेट के इतिहास से जोड़ता है। जनवरी 1989 में उन्होंने सिर्फ 15 साल के एक युवा क्रिकेटर का पहला टीवी इंटरव्यू लिया था। वह युवा सचिन तेंदुलकर थे। कैमरे के सामने सचिन ने बेहद कम शब्दों में जवाब दिए थे, लेकिन उन्होंने कहा था, ''मुझे लगता है कि यह तो बस शुरुआत है।''

मसूरी में जन्म, परिवार की जड़ें अमेरिका से जुड़ी थीं

टॉम ऑल्टर का जन्म 22 जून 1950 को मसूरी में हुआ था। उनके परिवार की जड़ें अमेरिका से जुड़ी थीं, लेकिन टॉम का जन्म और परवरिश भारत में ही हुई। उन्होंने मसूरी में स्कूली पढ़ाई की। आगे चलकर उन्होंने कुछ समय टीचर के तौर पर भी काम किया। 1970 के दौर में एक फिल्म ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी। उन्होंने राजेश खन्ना और शर्मिला टैगोर की 'आराधना' देखी और फिल्म से इतने प्रभावित हुए कि उसी हफ्ते वह साइकिल से 10 किलोमीटर दूर जाकर उसे कई बार देखने पहुंचे।

आवाज और बोलने का अंदाज दूसरों से अलग था

इस फिल्म के बाद उन्होंने तय कर लिया कि उन्हें एक्टर बनना है। इसके बाद टॉम ऑल्टर ने पुणे के फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एफटीआईआई) में दाखिला लिया और एक्टिंग की ट्रेनिंग ली। फिल्मों में उनकी पहचान ऐसे कलाकार की बनी, जो हिंदी के साथ उर्दू पर भी अच्छी पकड़ रखता था। उनकी आवाज और बोलने का अंदाज दूसरे कलाकारों से अलग थे। उन्होंने 'शतरंज के खिलाड़ी', 'गांधी', 'क्रांति', 'आशिकी', 'परिंदा' और 'जुनून' जैसी फिल्मों में उन्होंने अलग-अलग तरह के किरदार निभाए।


कई ऐतिहासिक और साहित्यिक किरदार निभाए

टॉम ऑल्टर सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं रहे। थिएटर उनके करियर का अहम हिस्सा था। उन्होंने कई नाटकों में काम किया और मंच पर अलग-अलग ऐतिहासिक और साहित्यिक किरदार निभाए। टीवी पर भी उनकी मजबूत पहचान बनी। 'भारत एक खोज', 'जुनून', 'जुबान संभालके' और 'बेताल पच्चीसी' जैसे शोज ने उन्हें घर-घर पहुंचाया। उन्होंने लेखन में भी हाथ आजमाया।

15 साल के सचिन तेंदुलकर का टीवी इंटरव्यू लिया था

क्रिकेट को लेकर उनकी दिलचस्पी इतनी गहरी थी कि वह खेल पर लिखते भी थे। इसी क्रिकेट प्रेम की वजह से उन्हें 1989 में एक बेहद खास मौका मिला। 19 जनवरी 1989 को मुंबई में टॉम ऑल्टर ने 15 साल के सचिन तेंदुलकर का पहला टीवी इंटरव्यू लिया। उस समय सचिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना सफर शुरू ही कर रहे थे। इंटरव्यू में टॉम ने उनसे पूछा कि क्या वह लगातार इंटरव्यू देते-देते थक नहीं गए हैं। सचिन ने जवाब दिया कि उन्हें लगता है कि यह तो अभी शुरुआत है।

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सचिन ने बताया था एक सच्चा स्पोर्ट्स लवर

इसके बाद वेस्टइंडीज दौरे को लेकर सवाल हुआ। सचिन ने कहा कि वह जाने के लिए तैयार हैं और तेज गेंदबाजों का सामना करना पसंद करते हैं। टॉम ऑल्टर ने उस समय शायद ही सोचा होगा कि जिस 15 साल के लड़के से वह सवाल पूछ रहे हैं, वह आगे चलकर दुनिया के सबसे चर्चित क्रिकेटरों में शामिल होगा। टॉम के निधन के बाद सचिन ने भी उन्हें याद करते हुए कहा था कि उनके पहले टीवी इंटरव्यू के जरिए उनकी मुलाकात एक सच्चे स्पोर्ट्स लवर और अच्छे इंसान से हुई थी।

29 सितंबर 2017 को 67 साल की उम्र में निधन

दिग्गज अभिनेता टॉम ऑल्टर को साल 2008 में कला और सिनेमा के क्षेत्र में योगदान के लिए भारत सरकार की ओर से पद्म श्री से सम्मानित किया गया। उन्होंने अपने करियर में 300 से ज्यादा फिल्में और कई स्टेज अपीयरेंस किए थे। उन्होंने कई टीवी शोज और धारावाहिकों के साथ टेलीफिल्म्स में भी काम किया। 29 सितंबर 2017 को मुंबई में 67 साल की उम्र में उनका निधन हो गया।

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