दिल्ली के सत्य निकेतन की एक संकरी गली में 50 साल पुरानी पांच मंजिला इमारत रविवार अपराह्न ढह गई।फोटो: विपिन
इस हादसे में तीन छात्रों की मौत हो गई जबकि कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। अधिकारियों ने यह जानकारी दीफोटो: विपिन
पुलिस ने बताया कि मलबे से अब तक आठ लोगों को निकाला गया है, जिनमें से दो को अस्पताल में मृत लाया हुआ घोषित कर दिया गया, जबकि एक अन्य ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।फोटो: विपिन
स्थानीय लोगों का दावा है कि इमारत के मलबे के नीचे अब भी लगभग 40 से 50 लोग फंसे हो सकते हैं। इस इमारत में एक बेसमेंट और ऊपर पांच मंजिलें थीं।फोटो: विपिन
स्थानीय लोगों ने दावा किया कि कुछ दिनों से बारिश होने के कारण बेसमेंट में पानी जमा होने लगा था। स्थानीय लोगों के अनुसार, नींव भी बेहद कमजोर थी, जिसके कारण इमारत ढह गई।फोटो: विपिन
स्थानीय लोगों ने कहा कि इलाके में रहने वाले अधिकतर छात्र केरलम, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से हैं और पास में स्थित कॉलेजों में पढ़ते हैं।फोटो: विपिन
जब बचाव दल के सदस्य मलबे को हटाकर राहत एवं बचाव कार्य में जुटे थे, तो स्थानीय लोग और प्रत्यक्षदर्शी भी इस मुश्किल प्रयास में उनके साथ शामिल हो गए।फोटो: विपिन
स्थानीय निवासियों ने घनी आबादी वाले इस इलाके में इमारतों की हालत और उनके रखरखाव को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में कई मकानों को पेइंग गेस्ट (पीजी) में बदल दिया गया है।
फोटो: विपिन
पुलिस स्थानीय लोगों और मौके पर मौजूद लोगों से घटनास्थल से दूर रहने की अपील कर रही है, क्योंकि भीड़ के कारण बचाव कार्य में बाधा आ रही है। फोटो: विपिन
तस्वीरों में देखें खौफनाक मंजर: दिल्ली के सत्य निकेतन में जब जमींदोज हो गई 5 मंजिला इमारत, मची चीख-पुकार
स्थानीय लोगों ने दावा किया कि कुछ दिनों से बारिश होने के कारण बेसमेंट में पानी जमा होने लगा था। स्थानीय लोगों के अनुसार, नींव भी बेहद कमजोर थी, जिसके कारण इमारत ढह गई।
दिल्ली के सत्य निकेतन की एक संकरी गली में 50 साल पुरानी पांच मंजिला इमारत रविवार अपराह्न ढह गई।फोटो: विपिन
इस हादसे में तीन छात्रों की मौत हो गई जबकि कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। अधिकारियों ने यह जानकारी दीफोटो: विपिन
पुलिस ने बताया कि मलबे से अब तक आठ लोगों को निकाला गया है, जिनमें से दो को अस्पताल में मृत लाया हुआ घोषित कर दिया गया, जबकि एक अन्य ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।फोटो: विपिन
स्थानीय लोगों का दावा है कि इमारत के मलबे के नीचे अब भी लगभग 40 से 50 लोग फंसे हो सकते हैं। इस इमारत में एक बेसमेंट और ऊपर पांच मंजिलें थीं।फोटो: विपिन
स्थानीय लोगों ने दावा किया कि कुछ दिनों से बारिश होने के कारण बेसमेंट में पानी जमा होने लगा था। स्थानीय लोगों के अनुसार, नींव भी बेहद कमजोर थी, जिसके कारण इमारत ढह गई।फोटो: विपिन
स्थानीय लोगों ने कहा कि इलाके में रहने वाले अधिकतर छात्र केरलम, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से हैं और पास में स्थित कॉलेजों में पढ़ते हैं।फोटो: विपिन
जब बचाव दल के सदस्य मलबे को हटाकर राहत एवं बचाव कार्य में जुटे थे, तो स्थानीय लोग और प्रत्यक्षदर्शी भी इस मुश्किल प्रयास में उनके साथ शामिल हो गए।फोटो: विपिन
स्थानीय निवासियों ने घनी आबादी वाले इस इलाके में इमारतों की हालत और उनके रखरखाव को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में कई मकानों को पेइंग गेस्ट (पीजी) में बदल दिया गया है।
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पुलिस स्थानीय लोगों और मौके पर मौजूद लोगों से घटनास्थल से दूर रहने की अपील कर रही है, क्योंकि भीड़ के कारण बचाव कार्य में बाधा आ रही है। फोटो: विपिन
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