शिवसेना की राजनीति का कमाल ! उम्मीदवार एक, नाम दो, हिंदुओं के लिए दीपाली, तो मुसलमानों के लिए सोफिया

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में मुंब्रा-कलवा सीट से शिवसेना प्रत्याशी क्षेत्र के हिंदू इलाकों में दीपाली तो मुस्लिम क्षेत्र में सोफिया के नाम से वोट मांग रही हैं। उनका मूल नाम दीपाली भोंसले है, लेकिन एक साल पहले शादी के बाद उन्होंने नाम सोफिया रख लिया है।

फोटोः सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अपने चरम पर है। अब मतदान से पहेल प्रचार के लिए बमुश्किल 10 दिन बचे हैं। ऐसे में मतदाताओं को लुभाने के लिए तमाम प्रत्याशी अपना पूरा जोर लगाए हुए हैं। कहा जाता है कि चुनाव में लोगों का वोट लेने के लिए नेता हर तरह की तिकड़म अपनाते हैं। यहां तक कि अपनी जात-धर्म सब दांव पर लगादेते हैं। कुछ ऐसा ही उदाहरण इस चुनाव में राज्य की मुंब्रा-कलवा सीट पर देखने को मिला है।

यहां से शिवसेना ने दीपाली सैयद को अपना उम्मीदवार बनाया है, जिनका चुनाव प्रचार का तरीका सुर्खियों में आ गया है। दरअसल दीपाली अपने विधानसभा क्षेत्र के हिंदू इलाकों में दीपाली तो मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में खुद का नाम सोफिया सैयद बताकर अपना प्रचार कर रही हैं। अलग-अलग नामों से प्रचार करने के बार में खुद दीपाली कहती हैं कि ‘‘नाम का बहुत असर पड़ता है। इसीलिए मैं जिस इलाके में जा रही हूं, वहीं के हिसाब से नाम का इस्तेमाल कर रही हूं।’’

दरअसल मराठी फिल्मों की अभिनेत्री दीपाली सैयद का मूल नाम दीपाली भोंसले है, लेकिन एक साल पहले शादी के बाद उन्होंने अपना नाम बदलकर सोफिया सैयद रख लिया। हालांकि, इस चुनाव में उन्होंने दीपाली सैयद नाम से अपना नामांकन दाखिल किया है। एक और खास बात ये है कि दीपाली ने 2014 में आम आदमी पार्टी के टिकट पर अहमदनगर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था, जिसमें वह हार गई थीं।

बता दें कि दीपाली करीब दो दशक से मराठी फिल्मों और धारावाहिकों में काम कर रही हैं। वे अब तक 30 से ज्यादा मराठी फिल्मों में छोटी-बड़ी भूमिकाएं निभा चुकी हैं। साल 1990 में चर्चित मराठी धारावाहिक- बंदिनी और समानांतर से शुरुआत के बाद उन्होंने बडे़ पर्दे पर शुरुआत की थी। लेकिन काफी दिनों के बाद उन्हें फिल्म जात्रा से प्रसिद्धि मिली।

अगर बात करें मुंब्रा-कलवा विधानसभा सीट की तो इसे एनसीपी का गढ़ माना जाता है। पिछले चुनाव में इस सीट पर एनसीपी के जितेंद्र अवध ने शिवसेना प्रत्याशी दशरथ पाटिल को हराया था। यह एक मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र है और इसीलिए यहां अपना वर्चस्व बनाने के लिए शिवसेना ने दीपाली उर्फ सोफिया को टिकट दिया है।

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