बेटे के कांग्रेस में शामिल होने के बाद भी उत्तराखंड में बीजेपी के लिए प्रचार कर सकते हैं बी सी खंडूरी

उत्तराखंडमें बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री बी सी खंडूरी अपने बेटे के कांग्रेस में शामिल होने और चुनाव मैदान में उतरने के बावजूद लोकसभा चुनाव में बीजेपी के लिए प्रचार करेंगे। नवजीवन से खास बातचीत में उन्होंने कहा कि वे अपने बेटे के कांग्रेस में शामिल होने की राह में रोड़ा नहीं बने।

फोटो : सोशल मीडिया
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उमाकांत लखेड़ा

बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी के पुत्र मनीष खंडूरी के कांग्रेस में शामिल होने के बाद बीजेपी में हंगामा मचा है। बी सी खंडूरी उत्तराखंड की सबसे प्रतिष्ठित पौड़ी लोकसभा सीट से 5 बार लोकसभा के लिए सांसद चुने गए और अटल बिहारी वाजपेयी के मंत्रिमंडल में वे कैबिनेट मंत्री रहे। 84 वर्षीय जनरल खंडूरी ने अपने पुत्र मनीष के कांग्रेस में शामिल होने के बाद पैदा हुए राजनैतिक हालात पर कहा है कि राजनीति में ऐसा ही होता है।

उन्होंने कहा कि एक ही परिवार में अलग-अलग राजनैतिक विचारधारा के लोग होते हैं। उन्होंने कहा कि भले ही “मैं जीवन भर बीजेपी में रहा लेकिन मैंने अपने पुत्र पर अपनी पार्टी और विचारधारा कभी नहीं थोपी। मेरा पुत्र वयस्क है। कौन सी पार्टी उसकी पसंद की है, यह तय करने का अधिकार उसी को होना चाहिए।“ बी सी खंडूरी ने बताया कि उनकी मां स्वतंत्रता सेनानी थी और कांग्रेसी विचारधारा की थी। उनके रहते हुए ही वे 1990 में बीजेपी में शामिल हुए और चुनाव भी लड़ा। खंडूरी कहते हैं कि, “जब मेरी मां मेरे फैसले में बाधा नहीं बनीं तो मैं कैसे पुत्र को रोक सकता हूं।“

वाजपेयी सरकार में रहते हुए स्वर्णिम चतुर्भुज योजना को मूर्तरूप देने वाले भुवन चंद्र खंडूरी कहते हैं कि उनके पुत्र के कांग्रेस में शामिल होने के बाद बीजेपी कई नेताओं ने उनसे बात की, लेकिन उन्होंने सबसे यही कहा कि, “मेरा बेटे के फैसले से कोई लेना देना नहीं है। ना ही मेरा विरोध है ना ही सहमति है।“

उन्होंने साफ किया कि वे अब कोई चुनाव नहीं लड़ेंगे और इस बारे में वे पार्टी को पहले ही बता चुके हैं। खंडूरी ने कहा कि, “पार्टी और क्षेत्र के मतदाताओं को पता है कि मेरा स्वास्थ्य काफी समय से ठीक नहीं है।“ उन्होंने बताया कि काफी वक्त बीत चुका पार्टी में मुझसे कोई राय मशविरा नहीं होता। पौड़ी लोकसभा सीट से किसे टिकट देना है यह काम पार्टी का है। पार्टी जिसे चाहे टिकट दे।

इस सवाल पर कि क्या वे बीजेपी के लिए प्रचार करेंगे, उन्होंने साफ किया कि, “मुझे डॉक्टरों ने ज्यादा चलने फिरने, दौड़भाग करने से मना किया है, पार्टी कहेगी और जितना मेरा स्वास्थ्य अनुमति देगा उतना करने की निश्चित की कोशिश करूंगा।“

उन्होंने अपने बेटे के उस बयान से असहमति जताई जिसमें मनीष खंडूरी ने देहरादून में कहा था कि उनके पिता का आशीर्वाद उन्हें हासिल है। बी सी खंडूरी ने कहा कि, “मेरा बेटा कांग्रेस में है। वह क्या भाषण देता है, मुझे इससे मतलब नहीं है। उसकी राजनीति और उसके किसी भी फैसले से मेरा कोई ताल्लुक नहीं है।“

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