महाराष्ट्र के सियासी संकट के लिए BJP की सत्ता हथियाने की कोशिश जिम्मेदार- सर्वे

सर्वे में जहां 25 प्रतिशत लोगों ने राजनीतिक संकट के लिए शिवसेना की अंदरूनी लड़ाई को जिम्मेदार ठहराया, वहीं 18 प्रतिशत ने कहा कि एमवीए गठबंधन सहयोगियों के बीच मतभेदों ने संकट पैदा किया है। वहीं 14 फिसदी ने पार्टी पर ठाकरे की कमजोर पकड़ को जिम्मेदार ठहराया।

फोटोः सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

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समाचार एजेंसी आईएएनएस की ओर से सीवोटर इंडियाट्रैकर द्वारा महाराष्ट्र के मौजूदा राजनीतिक संकट पर किए गए देशव्यापी सर्वे में अधिकतर उत्तरदाताओं ने साफ तौर पर कहा कि महाराष्ट्र में जारी राजनीतिक उथल-पुथल का मुख्य कारण बीजेपी की सत्ता हथियाने की कोशिश है। करीब 40 प्रतिशत ने संकट के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया है।

वहीं, जहां 25 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने महाराष्ट्र के राजनीतिक संकट के लिए शिवसेना की अंदरूनी लड़ाई को जिम्मेदार ठहराया, वहीं 18 प्रतिशत मतदाताओं का मानना था कि एमवीए के गठबंधन सहयोगियों के बीच मतभेदों ने राज्य में राजनीतिक संकट पैदा किया है। सर्वे में भाग लेने वालों में से 14 प्रतिशत ने राज्य में उथल-पुथल वाली राजनीतिक स्थिति के लिए अपनी पार्टी पर ठाकरे की कमजोर पकड़ को जिम्मेदार ठहराया।

दिलचस्प बात यह है कि सर्वे के दौरान, विपक्षी मतदाताओं- 53 प्रतिशत और एनडीए समर्थकों- 31 प्रतिशत, दोनों के बड़े अनुपात ने राजनीतिक संकट के लिए बीजेपी के सत्ता हथियाने के प्रयास को जिम्मेदार ठहराया, जो वर्तमान में महाराष्ट्र में देखा जा रहा है। इसी तरह, दोनों वर्ग में ग्रामीण मतदाताओं का सबसे बड़ा अनुपात- 49 प्रतिशत और शहरी मतदाताओं में 34 प्रतिशत ने कहा कि बीजेपी की सत्ता पर कब्जा करने की कोशिश महाराष्ट्र के राजनीतिक संकट का मुख्य कारण है।


गौरतलब है कि महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार पर संकट और गहरा गया है, क्योंकि गुरुवार को शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे ने दावा किया कि शिवसेना के 45 विधायकों ने शिंदे को उन्हें समर्थन देने का वादा किया है। इस बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बुधवार को अपना आधिकारिक आवास खाली कर दिया, जिससे लोग एमवीए सरकार के भविष्य के बारे में अटकलें लगा रहे हैं।

हालांकि इस बीच, एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने आश्वासन दिया कि ठाकरे के अधीन एमवीए सरकार बनी रहेगी और यह पता लगाने का एकमात्र तरीका है कि गठबंधन के पास बहुमत है या नहीं। राज्य में 55 विधायकों वाली शिवसेना, 53 विधायकों वाली एनसीपी और 44 विधायकों वाली कांग्रेस पार्टी राज्य सरकार में गठबंधन की सहयोगी है। महाराष्ट्र की विधानसभा में 288 सदस्यों की ताकत है।

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