नंदीग्राम समेत 5 विधानसभा सीटों और एक लोकसभा सीट पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव, 9 अक्टूबर को आएंगे नतीजे
लंबे समय से रिक्त शिलांग और बशीरहाट लोकसभा सीट पर उपचुनाव का ऐलान नहीं किया गया। फरवरी में रिकी एंड्रयू जे. सिंगकॉन के निधन के बाद शिलांग सीट रिक्त हो गई थी, जबकि सितंबर 2024 में टीएमसी सांसद हाजी शेख नूरुल इस्लाम के निधन के बाद से बशीरहाट की सीट खाली है।

भारत निर्वाचन आयोग ने सोमवार को चार राज्यों की पांच विधानसभा सीटों और असम की एक संसदीय सीट के लिए 6 अक्टूबर को उपचुनाव का ऐलान कर दिया। आयोग ने एक बयान में कहा कि पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी की पांच विधानसभा सीट के साथ-साथ असम के नगांव लोकसभा क्षेत्र में भी 6 अक्टूबर को उपचुनाव होंगे, जबकि मतगणना 9 अक्टूबर को होगी। चुनाव आयोग के ऐलान के साथ ही संबंधित जिलों में तत्काल प्रभाव से आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है।
असम की नगांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव
इसमें असम की नगांव संसदीय सीट पर भी उपचुनाव होगा जो प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे के कारण खाली हो गई थी, जिन्होंने 2024 में कांग्रेस के टिकट पर इस लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की थी। वह बीजेपी में शामिल हो गए थे और हाल में हुए विधानसभा चुनाव में दिसपुर से विजयी हुए।
बंगाल में नंदीग्राम समेत दो सीट पर उपचुनाव
पश्चिम बंगाल में, मौजूदा मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के इस्तीफे के कारण नंदीग्राम विधानसभा सीट पर और आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद खाली हुई रेजीनगर सीट पर उपचुनाव होंगे। शुभेंदु ने नंदीग्राम और भवानीपुर, दो सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की थी। बाद में उन्होंने भवानीपुर सीट अपने पास रखने का फैसला किया, जहां उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराया था।
पश्चिम बंगाल की एक और सीट, जिस पर उपचुनाव होने वाला है, वह है रेजीनगर। यह सीट आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के प्रमुख हुमायूं कबीर के इस्तीफे के कारण रिक्त हुई थी।कबीर तृणमूल कांग्रेस के पूर्व नेता हैं। पार्टी से निकाले जाने के बाद उन्होंने एजेयूपी का गठन किया और 2026 के विधानसभा चुनाव में रेजीनगर और नाओदा, दो सीट पर जीत हासिल की थी। बाद में उन्होंने रेजीनगर सीट छोड़ने का फैसला किया था।
तमिलनाडु की दो, पुडुचेरी की एक सीट पर उपचुनाव
इसी तरह तमिलनाडु में, मदुरंतकम (आरक्षित) और धारापुरम (आरक्षित) विधानसभा सीट पर उपचुनाव होंगे। इन निर्वाचन क्षेत्रों में हाल ही में हुए चुनावों में अन्नाद्रमुक उम्मीदवार क्रमश: मरगथम कुमारवेल और पी. सत्यभामा ने जीत हासिल की थी। ये दोनों उन बागी अन्नाद्रमुक विधायकों के समूह में शामिल थे, जिन्होंने विधानसभा में विश्वास मत के दौरान मुख्यमंत्री विजय की टीवीके सरकार का समर्थन किया था। बाद में कुमारवेल और सत्यभामा ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया और सत्तारूढ़ टीवीके में शामिल हो गए, जिसके कारण उपचुनाव कराने की जरूरत पड़ी।
पुडुचेरी के थट्टनचावडी निर्वाचन क्षेत्र में भी उपचुनाव होंगे। थट्टनचावडी सीट मुख्यमंत्री और ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस (एएनआरसी) के प्रमुख एन. रंगासामी ने रिक्त की थी, जिन्होंने विधानसभा चुनाव में थट्टनचावडी और मंगलम, दो सीट से जीत हासिल की थी। रंगासामी ने मंगलम सीट अपने पास रखने का फैसला किया और थट्टनचावडी सीट से इस्तीफा दे दिया।एएनआरसी नेता ने कुछ दिन पहले घोषणा की थी कि पार्टी के पूर्व विधायक अशोक आनंद उपचुनाव में उसकी ओर से उम्मीदवार होंगे।
शिलांग और बशीरहाट लोकसभा सीट अब भी रिक्त
हालांकि चुनाव आयोग ने लंबे समय से रिक्त लोकसभा की दो अन्य सीट मेघालय की शिलांग और पश्चिम बंगाल की बशीरहाट अब तक चुनाव की तारीख का ऐलान नहीं किया है। इस साल फरवरी में 'वॉयस ऑफ द पीपल पार्टी' (वीपीपी) के सांसद रिकी एंड्रयू जे. सिंगकॉन के निधन के बाद शिलांग सीट रिक्त हो गई थी, जबकि सितंबर 2024 में तृणमूल कांग्रेस के सांसद हाजी शेख नूरुल इस्लाम के निधन के बाद से बशीरहाट की सीट खाली है।
उपचुनाव का पूरा कार्यक्रम
चुनाव आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, उपचुनावों के लिए गजट अधिसूचना 9 सितंबर को जारी की जाएगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 16 सितंबर होगी और नामांकन की जांच 17 सितंबर को होगी। आयोग ने कहा कि उम्मीदवारी वापस लेने की अंतिम तिथि 19 सितंबर होगी। बयान में कहा गया कि पर्याप्त संख्या में ईवीएम और वीवीपीएटी मशीनें उपलब्ध करा दी गई हैं और इन मशीनों की मदद से चुनाव सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
आयोग ने कहा कि चारों राज्यों में मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि तक जारी रहेगी, जिसमें नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि से 10 दिन पहले तक प्राप्त आवेदनों के लिए निकटवर्ती पात्रता तिथि का ध्यान रखा जाएगा। आयोग ने कहा कि आदर्श आचार संहिता उन जिलों में तत्काल प्रभाव से लागू होगी जिनमें विधानसभा क्षेत्र का पूरा या कोई भाग शामिल है। आयोग ने एक बयान में कहा कि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को चुनाव में उतारने वाले राजनीतिक दल को भी अपने उम्मीदवारों की आपराधिक पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी अपनी वेबसाइट पर और समाचार पत्रों और टेलीविजन चैनलों में तीन बार प्रकाशित करनी होगी।
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