कांग्रेस बजट सत्र में मनरेगा, SIR और विदेश नीति के मुद्दों को उठाएगी, मोदी सरकार से मांगेगी जवाब
कांग्रेस की संसदीय रणनीति समूह की मंगलवार को एक अहम बैठक हुई। कांग्रेस की संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत तमाम बड़े नेता मौजूद रहे।

कांग्रेस ने आगामी बजट सत्र में संसद में सरकार को घेरने की पूरी रणनीति तैयार कर ली है। कांग्रेस की संसदीय रणनीति समूह की मंगलवार को एक अहम बैठक हुई। कांग्रेस की संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत तमाम बड़े नेता मौजूद रहे।
इस बैठक में कांग्रेस ने फैसला किया कि वह संसद के आगामी बजट सत्र के दौरान मनरेगा, देश के कई राज्यों में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), सरकार की विदेश नीति, पर्यावरण से जुड़े मुद्दे और कुछ अन्य विषय उठाएगी और मोदी सरकार से जवाब मांगेगी।
बैठक के बाद कांग्रेस के राज्यसभा सांसद सैयद नसीर हुसैन ने कहा कि आज कांग्रेस पार्टी की पार्लियामेंट्री स्ट्रेटजी कमेटी की मीटिंग थी। बैठक में इस बात पर चर्चा की गई कि बजट सत्र के पहले फेज में कौन-कौन से मुद्दों को उठाना है। इस बीच मनरेगा के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई। इस मुद्दे को पहले फेज में उठाया जाएगा। एसआईआर के मुद्दे को उठाने पर भी सहमति बनी है। इसके साथ अरावली, ग्रेट निकोबार जैसे कुछ पर्यावरण से जुड़े कुछ मुद्दों के साथ जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने के मुद्दे को पूरे जोर-शोर से उठाया जाएगा।
राज्यसभा में कांग्रेस के सचेतक सैयद नासिर हुसैन ने कहा, ‘‘सरकार ने वादा किया है कि जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा, लेकिन अब तक नहीं हुआ। संसद सत्र में इसे भी उठाया जाएगा।’’ उनका कहना था कि विदेश नीति, अमेरिकी टैरिफ और कुछ अन्य विषयों को भी उठाया जाएगा। हुसैन ने बताया कि विपक्षी दल बुधवार सुबह संसद भवन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यालय में बैठक कर बजट सत्र को लेकर आगे की रणनीति तय करेंगे।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि विदेशी नीति और टैरिफ के मामलों को उठाया जाएगा। अमेरिका लगातार भारत को धमका रहा है और टैरिफ की वजह से हमें जो नुकसान उठाना पड़ रहा है। रुपया लगातार गिर रहा है, जिसकी वजह से हमारी अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है। एमएसएमई सेक्टर को बहुत ज्यादा नुकसान उठाना पड़ रहा है। इन सब मुद्दों को बजट सत्र में उठाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि एसआईआर के विरोध में इतना बड़ा विपक्ष है, सुप्रीम कोर्ट का आदेश है, और जमीनी स्तर पर आने वाली कठनाइयां हैं। इसके बावजूद सरकार एसआईआर को लेकर जिस तरह से आगे बढ़ रही है, यह उसके अहंकार को दिखाता है। इस मुद्दे को हमें बड़े स्तर पर उठाना होगा, क्योंकि जिस तरह से वोट चोरी की बात सामने आ रही है, उसका मतलब है कि 2003 के बाद जितने चुनाव हुए हैं, वो सब फर्जी हैं। जितने चुनाव बीजेपी जीती है, वो भी सब फर्जी हैं। दूसरे राज्यों में जो चुनाव हुए, वो भी फर्जी हैं। हम चाहते हैं कि एसआईआर को वापस लिया जाए और पुरानी मतदाता सूचियों को बहाल किया जाए।
संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होकर दो अप्रैल तक चलेगा। केंद्रीय बजट एक फरवरी (रविवार) को पेश किया जाएगा।सत्र का पहला चरण 13 फरवरी तक चलेगा, जिसमें राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को लेकर चर्चा होगी और उसे पारित किया जाएगा। इसी चरण में केंद्रीय बजट पर भी चर्चा होगी। इसके बाद सदन की बैठक दोबारा 9 मार्च को शुरू होगी और इस दूसरे चरण की समाप्ति के लिए दो अप्रैल की तारीख निर्धारित की गई है।
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