सरकार गठन को लेकर NDA में मंथन शुरू, बैठक में नीतीश-नायडू हुए शामिल, पर अगले कदम पर टिकी सबकी निगाहें

ऐसी चर्चा है कि एनडीए की सरकार बनने की सूरत में टीडीपी और जेडीयू जैसे दलों की ओर से कुछ महत्वपूर्ण विभागों की मांग की जा सकती है, क्योंकि उनका समर्थन बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार के गठन और अस्तित्व के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो गया है।

सरकार गठन को लेकर NDA में मंथन शुरू, बैठक में नीतीश-नायडू हुए शामिल, पर अगले कदम पर टिकी सबकी निगाहें
सरकार गठन को लेकर NDA में मंथन शुरू, बैठक में नीतीश-नायडू हुए शामिल, पर अगले कदम पर टिकी सबकी निगाहें
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नवजीवन डेस्क

लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के एक दिन बाद बुधवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास में बीजेपी नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के वरिष्ठ नेताओं की अहम बैठक हुई। इसी के साथ एनडीए में सरकार गठन के मुद्दे पर मंथन शुरू हो गया है। इस बैठक में टीडीपी नेता चंद्रबाबू नायडू और जेडीयू नेता नीतीश कुमार भी शामिल हुए। बैठक में तय हुआ कि एनडीए नेता 7 जून को बैठक के बाद राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे। हालांकि, अब सबकी निगाहें नीतीश और नायडू के अगले कदम पर टिकी हैं।

तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) अध्यक्ष एन चंद्रबाबू नायडू, जनता दल (यूनाइटेड) के नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, शिवसेना नेता और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता चिराग पासवान उन नेताओं में शामिल हैं, जो इस बैठक में शामिल हुए। इन नेताओं के अलावा बीजेपी और उसके अन्य सहयोगी दलों के शीर्ष नेता भी इस बैठक में शामिल हुए।

टीडीपी, जेडीयू, शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और एलजेपी (रामविलास) ने क्रमश: 16, 12, 7 और 5 लोकसभा सीट जीती हैं और ये दल सरकार गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। सूत्रों ने कहा कि बैठक में एनडीए नेताओं के औपचारिक रूप से मोदी के नेतृत्व में अपना विश्वास व्यक्त करने की उम्मीद है और गठबंधन के घटक दलों के सांसद उन्हें अपने नेता के रूप में चुनने के लिए कुछ दिनों में बैठक कर सकते हैं।


इससे पहले दिल्ली पहुंचने के बाद हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में शिंदे ने कहा, ‘‘मैं यहां कुछ मांगने नहीं आया हूं। मैं यहां सरकार बनाने में मोदीजी का समर्थन करने आया हूं। मोदी जी को बहुमत मिला है। मोदीजी के नेतृत्व में एनडीए सरकार बनाएगा।’’

शपथ ग्रहण समारोह की तारीख को लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है, लेकिन गठबंधन के कुछ सदस्यों का मानना है कि अगर नई सरकार की रूपरेखा जल्द तैयार हो जाती है, तो यह (शपथ ग्रहण) सप्ताहांत तक हो सकता है। ऐसी चर्चा है कि सरकार गठन के सिलसिले में टीडीपी और जेडीयू जैसे दलों की ओर से कुछ महत्वपूर्ण विभागों की मांग की जा सकती है, क्योंकि उनका समर्थन सरकार के गठन और अस्तित्व के लिए महत्वपूर्ण होगा।

इस बार नयी सरकार की सूरत बदली-बदली नजर आने की संभावना है, क्योंकि बीजेपी को अपनी बदौलत बहुमत नहीं मिला है और उसे अपने सहयोगियों पर निर्भर रहना पड़ेगा। एनडीए 290 से अधिक सीट हासिल कर 543 सदस्यीय लोकसभा में बहुमत के लिये जरूरी 272 के जादुई आंकड़े को पार कर गया है। हालांकि, बीजेपी 2014 के बाद पहली बार अपने दम पर बहुमत का जादुई आंकड़ा हासिल करने से पीछे रह गई है।

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