महाराष्ट्र में सरकार सस्पेंस कायम, इस्तीफा देने के बाद शिवसेना पर बरसे देवेंद्र फडणवीस

इस्तीफा सौंपने के बाद देवेंद्र फडवणीस ने मीडिया से बात की और शिवसेना पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि शिवसेना ने कई बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर टिप्पणी की, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर चल रही खींचतान के बीच आज देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। फडणवीस अपने मंत्रियों के साथ शुक्रवार को राजभवन पहुंचे और राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की और अपना इस्तीफा सौंपा। इस्तीफा सौंपने के बाद फडवणीस ने मीडिया से बात की और शिवसेना पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि शिवसेना ने कई बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर टिप्पणी की, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।

देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि विपक्ष अगर हमारी आलोचना करती है, तो यह समझ में आता है। मगर शिवसेना सरकार के बारे में कुछ कहती है, तो यह अस्वीकार्य है। फडणवीस ने कहा कि अगर हम साथ रहते हैं और शिवसेना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करना जारी रखना चाहता है, तो हम भी सवाल उठाएंगे। उन्होंने पीएम मोदी के खिलाफ जो टिप्पणियां कीं, उससे हमें दुख हुआ है। इस्तीफा देने के बाद भी फडणवीस कार्यवाहक मुख्यमंत्री के तौर पर काम करते रहेंगे। उन्होंने बताया कि राज्यपाल ने उन्हें नई सरकार बनने तक यह जिम्मेदारी संभालने को कहा है।

विधान सभा चुनाव के परिणाम आने के 15 दिन बाद भी महाराष्ट्र में सरकार न बनने पर फडणवीस ने कहा कि यह जनादेश का अपमान है। पांच साल तक सरकार चलाने के लिए उन्होंने महाराष्ट्र की जनता और शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे का आभार जताया। फडणवीस ने कहा कि पांच साल के कार्यकाल में हमने जनता के विकास के लिए काफी काम किए। इसी काम के दम पर जनता ने फिर से एनडीए को चुना है।

फडणवीस ने कहा कि पांच साल के कार्यकाल में हमने जनता के विकास के लिए काफी काम किए। इसी काम के दम पर जनता ने फिर से एनडीए को चुना है। शिवसेना के साथ 50-50 फॉर्मूले पर उन्होंने कहा कि ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री पर को लेकर ऐसी कोई बात नहीं हुई थी। फडणवीस ने कहा, 'मैं फिर से स्पष्ट करना चाहता हूं कि मैंने कभी भी ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री पद की बात नहीं की। ऐसा कोई फैसला नहीं हुआ। यहां तक कि अमित शाहजी और नितिन गडकरीजी का भी यही कहना है।'

देवेंद्र फडणवीस ने कहा, 'उद्धवजी ने मेरा फोन नहीं उठाया। हमने चर्चा बंद नहीं की। उन्होंने हमसे बात करना बंद कर दिया।' उन्होंने कहा कि हो सकता है कि वे नाराज हों और हमसे बात करने में थोड़ा समय लें। मगर यह बेहद दुर्भाग्यजनक रहा कि शिव सेना ने कांग्रेस और एनसीपी से दिन में 2 से तीन बार बात करना शुरू कर दी।

देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि शिवसेना लगातार मीडिया में बयान दे रही है, लेकिन सिर्फ बयानबाजी से सरकार नहीं बनती। फडणवीस ने कहा कि दुर्भाग्यवश जब परिणाम आया, तब उद्धव जी ने कहा था कि सरकार बनाने के सभी विकल्प खुले हुए हैं। मगर बाद में उनका फैसला हमारे लिए चौंकाने वाला था। जनता ने हमारे गठबंधन को बहुमत दिया था।

देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि कई नेताओं ने कहा कि बीजेपी विधायकों को खरीदने का प्रयास कर रही है। ये सभी आरोप बेबुनियाद हैं। हम सरकार बनाने के लिए विधायकों को खरीदने का काम नहीं करते हैं।