बीजेपी को तगड़ा झटका, पूर्वोत्तर में सात दिन के अंदर 25 नेताओं ने छोड़ा साथ, गठबंधन से भी इनकार

भारतीय जनता पार्टी के दो मंत्री और 12 विधायकों समेत 18 नेताओं ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। इसके साथ ही एक सप्ताह में उत्तर-पूर्व में बीजेपी को छोड़ने वाली की संख्या 25 हो गई। इतना ही नहीं कई पार्टियों ने बीजेपी के साथ गंठबंधन करने से भी इनकार कर दिया।

फोटो: सोशल मीडिया
फोटो: सोशल मीडिया

नवजीवन डेस्क

लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी को पिछले 7 दिनों में कई बड़े झटके लगे हैं। उत्तर-पू्र्वी राज्यों में तो बीजेपी से नाता तोड़ने और पार्टी छोड़ने वालों की बाढ़ आ गई है। पूर्वोत्तर में पांव जमाने की कोशिश कर रही बीजेपी को ताजा झटका अरुणाचल प्रदेश में लगा है। सत्ताधारी पार्टी के दो मंत्री और 12 विधायकों समेत 18 नेताओं ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। इसके साथ ही एक सप्ताह में उत्तर-पूर्व में भारती जनता पार्टी को छोड़ने वाली की संख्या 25 हो गई है। दरअसल अरुणाचल प्रदेश में लोकसभा के साथ ही विधानसभा चुनाव भी होने हैं। ऐसे में इतनी संख्या में नेताओं का पार्टी छोड़ना बहुत बड़ा झटका है। बताया जा रहा है कि ये सभी बीजेपी से नाराज बताए जा रहे थे। इन सभी नेताओं ने नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) में शामिल होने की घोषणा की है।

इतना ही नहीं कई पार्टियों ने बीजेपी के साथ गंठबंधन करने से भी इनकार कर दिया है। बीजेपी यहां सिर्फ 2 पार्टियों से ही गंठबंधन कर पाई है। अरुणाचल प्रदेश की एनपीपी और सिक्किम की एसकेएम ने बीजेपी से गठबंधन करने से इनकार दिया है। हालांकि बीजेपी की कोशिश इन दोनों पार्टियों से गठबंधन करने की थी, लेकिन इसके लिए ये पार्टियां तैयार नहीं हुईं।

अरुणाचल प्रदेश में बीजेपी से इस्तीफा देने वालों में गृहमंत्री कुमार वाई, पर्यटन मंत्री जारकर गामलिन शामिल हैं। इनके अलावा बीजेपी महासचिव जर्पम गाम्बिन ने भी छह अन्य विधायकों के साथ पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। इतना ही नहीं गृह मंत्री कुमार वाई ने बीजेपी पर वंशवाद का भी आरोप लगाया है।

त्रिपुरा बीजेपी के उपाध्यक्ष सुबल भौमिक ने भी मंगलवार को पार्टी छोड़कर कांग्रेस ज्वाइन कर ली थी। सुबल भौमिक ने खुद को कट्टर कांग्रेसी बताते हुए कहा कि वो पिछले 35 साल से कांग्रेसी है, केवल कुछ समय पांच साल के लिए वो बीजेपी में थे। इसलिए कांग्रेस में मेरी उनकी घर वापसी हो गई

लोकप्रिय