उद्धव का सवाल- महबूबा के साथ BJP जा सकती है तो कांग्रेस-NCP के साथ हम क्यों नहीं?

उद्धव ठाकरे ने कहा कि विधायकों को राष्ट्रपति शासन की चिंता नहीं करनी चाहिए। इसकी वजह से सरकार बनाने में कोई दिक्कत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि उनकी कांग्रेस और एनसीपी से बात चल रही है और उन्हें धैर्य रखना चाहिए।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उद्धव ठाकरे राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी पर आरोप लगाते हुए कहा कि हमें अपेक्षा थी कि हमें और समय दिया जाएगा लेकिन अचानक ऐसा नहीं हुआ। अचानक एक लेटर हमारे पास आया और हमें बताया गया कि हमारे पास टाइम नहीं है।

उद्धव ठाकरे ने कहा, 'कल पहली बार एनसीपी (NCP) को गवर्नर ने सरकार बनाने के लिए बुलाया था। कल भी हमने राज्यपाल से सरकार बनाने के लिए समय मांगा था। हमें 48 घंटे का समय चाहिए था और हम अब भी इस पर कायम हैं। हमें कुछ मुद्दों को लेकर कांग्रेस-एनसीपी से बातें स्पष्ट करनी हैं। आज तक महाराष्ट्र को ऐसा राज्यपाल नहीं मिला। ऐसा राज्यपाल अगर सभी राज्यों को मिल गया तो दूसरे राज्यों का सत्यानाश हो जाएगा। कांग्रेस-एनसीपी के साथ हम कॉमन मिनिमम प्रोग्राम पर बात करेंगे।'

उद्धव ने कहा कि महाराष्ट्र की सरकार पर शिवसेना का दावा कायम है। उद्धव ने कहा कि राष्ट्रपति शासन शिवसेना को राज्य में सरकार बनाने से नहीं रोक सकता है। उद्धव ने कहा कि अगले 4 से 5 दिनों में वे राज्य के अकाल प्रभावित इलाकों के दौरे पर निकलेंगे। उन्होंने कहा कि सभी विधायक धैर्य रखें, इस मुद्दे को सुलझा लिया जाएगा और जल्द ही महाराष्ट्र में शिवसेना सरकार बनाएगी।

उद्धव ठाकरे ने कहा कि अरविंद सावंत पर शिवसेना को गर्व है। इस दौरान उन्होंने कहा कि बीजेपी और महबूबा कैसे इकठ्ठे आए। चंद्रबाबू, नीतीश कुमार कैसे बीजेपी के साथ आए इसकी जानकारी मैंने मांगी है। इसके बाद भिन्न विचारधारा की पार्टी कैसे इकठ्ठे आती हैं यह मैं बताऊंगा। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमने राज्यपाल से सरकार बनाने की इच्छा जताई थी। राज्यपाल ने हमें समय नहीं दिया। राज्यपाल ने हमें समर्थन जुटाने का समय नहीं दिया, लेकिन हमारा सरकार बनाने का दावा अभी भी कायम है।

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