'इनदिनों लोकतंत्र को कुचलने और लोगों की आवाज दबाने का चलन', ममता का मोदी सरकार पर हमला
मानवाधिकार दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने नाम लिए बिना केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोला।

मानवाधिकार दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने नाम लिए बिना केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोला। गुरुवार को मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया कि आज मानवाधिकार दिवस है। आजकल लोकतंत्र को उखाड़ने, मौलिक अधिकारों को कुचलने और लोगों की आवाज को दबाने का एक बड़ा चलन है। ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी सरकार लोगों के मानवाधिकारों को कायम रखने के लिए प्रतिबद्ध है। बनर्जी ने ट्वीट किया, "आज मानवाधिकार दिवस है। आजकल लोकतंत्र को कुचलने, मौलिक अधिकारों और लोगों की आवाज दबाने का एक बड़ा चलन है। हमारी सरकार मानवाधिकारों को कायम रखने के लिए प्रतिबद्ध है।"
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने बंगाल में पिछले साढ़े नौ साल में 19 मानवाधिकार अदालतें स्थापित की हैं। मुख्यमंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा, "मेरी ओर से बार-बार विरोध और आंदोलनों के बाद, पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग की स्थापना 1995 में की गई थी।"
बता दें कि पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके चलते राज्य में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। बीजेपी लगातार ममता बनर्जी पर हमलावर है। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा बुधवार को कोलकाता पहुंचे और यहां ममता बनर्जी के विधानसभा क्षेत्र भवानीपुर में गृह संपर्क अभियान किया औऱ वहां के लोगों से मिले।
आईएएनएस के इनपुट के साथ
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