एक और इफ्तार पार्टी में साथ नजर आएंगे नीतीश और तेजस्वी, बिहार के सियासी गलियारों में चर्चा शुरू

एक हफ्ते पहले राबड़ी देवी के आवास पर भी इफ्तार पार्टी का आयोजन हुआ था, जिसमें नीतीश कुमार सहित सभी राजनीतिक दलों के नेता शामिल हुए थे। उस अवसर पर आरजेडी के साथ नीतीश कुमार के बदलते राजनीतिक समीकरण की अटकलों से राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा हो गई थी।

फोटोः IANS
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नवजीवन डेस्क

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव गुरुवार को एक बार फिर पटना में एक इफ्तार पार्टी में मुलाकात कर सकते हैं। इस बार इफ्तार पार्टी का आयोजन जेडीयू के अल्पसंख्यक शाखा के अध्यक्ष सलीम परवेज कर रहे हैं, जिन्होंने दोनों नेताओं को दावत दी है।

सलीम परवेज ने कहा, "हमने व्यक्तिगत रूप से सीएम नीतीश कुमार को इफ्तार पार्टी के लिए आमंत्रित किया है और उन्होंने हमारा निमंत्रण स्वीकार कर लिया है। इसके अलावा मैंने पूर्व सीएम राबड़ी देवी, विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, जगदानंद सिंह, भाजपा, कांग्रेस, भाकपा, माकपा, भाकपा (माले), एआईएमआईएम, हम और वीआईपी के नेताओं को भी निमंत्रण भेजा है। मुझे उम्मीद है कि सभी नेता इफ्तार पार्टी में आएंगे। इफ्तार पार्टी का स्थान पटना हज भवन है।"


सलीम परवेज ने कहा, "इफ्तार राज्य में सामाजिक सद्भाव के लिए आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम है। हमें अपने राज्य और देश के लोगों को एक कड़ा संदेश देना होगा कि बिहार में राजनीतिक नेता समाज में सामाजिक सद्भाव को सुरक्षित रखने के लिए एकजुट हैं।"

दरअसल एक हफ्ते पहले राबड़ी देवी के आवास पर भी इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया था, जिसमें नीतीश कुमार सहित सभी राजनीतिक दलों के नेता शामिल हुए थे। हालांकि, उस अवसर पर आरजेडी के साथ नीतीश कुमार के बदलते राजनीतिक समीकरण की अटकलों से राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा हो गई थी।

अगर नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव कम समय में फिर से सांस्कृतिक कार्यक्रम में आमने सामने होंगे, तो यह दोनों पार्टियों के लिए सकारात्मक संकेत होगा। बिहार के मुख्यमंत्री के करीबी सूत्रों का मानना है कि वह बिहार में 'सांप्रदायिक अशांति पैदा करने' से बचने के लिए बीजेपी को कड़ा संदेश देना चाहते हैं। इसलिए, वह तेजस्वी यादव और आरजेडी के साथ घनिष्ठता दिखा रहे हैं।

इससे पहले सीएम नीतीश कुमार ने भी दावत-ए-इफ्तार पार्टी दी थी, लेकिन तेजस्वी और राबड़ी देवी ने शिरकत नहीं की थी। हालांकि, 22 अप्रैल को दावत-ए-इफ्तार के लिए नीतीश कुमार के राबड़ी देवी के आवास पर जाने के बाद जेडीयू और आरजेडी के बीच संबंधों में सुधार हुआ है।

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