बिहार में पक रही है नई राजनीतिक ‘खीर’, बीजेपी को हराने के लिए जेडीयू सहित सभी पार्टियां आएंगी साथ? 

केंद्रीय मंत्रिमंडल में सांकेतिक रूप से शामिल होने के प्रस्ताव के बाद नीतीश कुमार के नेतृत्व वाला जनता दल (युनाइटेड) प्रधनमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में शामिल नहीं हुआ है। ऐसे में यह कयास लगाया जाने लगा है कि नीतीश कुमार बीजेपी का साथ छोड़ सकते हैं।

फोटो: सोशल मीडिया
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आईएएनएस

राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने सोमवार को पटना में सभी दलों से अपील की कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को पछाड़ने के लिए सभी दलों को एक साथ आना चाहिए। आरजेडी उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि नीति कहती है कि बीजेपी को पछाड़ने के लिए सभी को एकसाथ आना चाहिए।

पूर्व केंद्रीय मंत्री सिंह ने पत्रकारों के एक प्रश्न के उत्तर में बिना नीतीश कुमार का नाम लिए कहा, "नीति यही कहती है कि बीजेपी को पछाड़ने के लिए सभी को एकसाथ आना चाहिए। इसमें कहीं छंटाउं और चुनने-बिनने की बात नहीं होनी चाहिए।"

आरजेडी नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के उस बयान 'नीतीश के महागठबंधन में सभी रास्ते बंद' की याद दिलाने पर सिंह ने अपने अंदाज में कहा, "कहीं कोई लिखकर दिया है। यह समय की बात है।" नीतीश कुमार का नाम लेने पर उन्होंने कहा कि सभी साथ आएं, मतलब सभी साथ आएं।

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल में सांकेतिक रूप से शामिल होने के प्रस्ताव के बाद नीतीश कुमार के नेतृत्व वाला जनता दल (युनाइटेड) प्रधनमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में शामिल नहीं हुआ है। ऐसे में यह कयास लगाया जाने लगा है कि नीतीश कुमार बीजेपी का साथ छोड़ सकते हैं। हालांकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने एनडीए में किसी भी तरह की नाराजगी से इंकार किया है।

लेकिन रविवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तरफ से आयोजित 'दावत-ए-इफ्तार' में पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी शामिल हुए थे, और सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की ओर से आयोजित 'दावत-ए-इफ्तार' में मुख्यमंत्री नीतीश शामिल होने वाले हैं। इस इफ्तार पार्टी में आरजेडी और अन्य दलों के नेता भी शामिल हो सकते हैं।

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