बंगाल की रैली में पीएम मोदी को आई पुलवामा और बाटला हाउस एनकाउंटर की याद, लेकिन सबसे जरूरी बात बताना भूल गए!

बंगाल विधानसभा चुनाव में भी पुलवामा और बाटला एनकाउंटर हाउस मामले की एंट्री हो गई है। लोकसभा से लेकर कई राज्यों की विधानसभा चुनाव में केंद्र की सत्ताधारी पार्टी बीजेपी इन घटनाओं की जिक्र करती रही है।

फोटो: IANS
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रवि प्रकाश

बंगाल विधानसभा चुनाव में भी पुलवामा और बाटला एनकाउंटर हाउस मामले की एंट्री हो गई है। लोकसभा से लेकर कई राज्यों की विधानसभा चुनाव में केंद्र की सत्ताधारी पार्टी बीजेपी इन घटनाओं की जिक्र करती रही है। दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए पुलवामा में हुए आतंकी हमले और दिल्ली के बाटला हाउस एनकाउंटर के मुद्दे को उठाया। उन्होंने दोनों घटनाओं पर ममता बनर्जी के स्टैंड की आलोचना करते हुए उन पर तुष्टीकरण के आरोप लगाए। हालांकि पीएम मोदी यह बताना भूल गए कि अपने सात साल के शासन काल में उनकी सरकार ने देश में या बंगाल के लिए क्या-क्या किया? कितने विकास के कार्य हुए, कितने लोगों को नौकरी मिली? देश की अर्थव्यवस्था कितनी मजबूत हुई और महंगाई पर काबू करने के लिए सरकार ने क्या किया?

2014 लोकसभा चुनाव से पहले तक पीएम मोदी महंगाई, रोजगार, गैस सिलेंडर और डीजल-पेट्रोल की कीमतों को लेकर तब की यूपीए सरकार को पानी पी पी कर कोसते थे, लेकिन उनके सत्ता में आने के बाद से ये सब चुनावी मुद्दा नहीं रहे। अब हर चुनाव में सर्जिकल स्ट्राइक और पुलवामा जैसी घटनाओं की जिक्र जरूरी हो गया है। कच्चे तेल की कीमते कम होने के बाद भी देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं। वहीं गैस सिलिंडर के बढ़े दाम ने भी लोगों का दम निकाल दिया है। लेकिन अब ये बीजेपी के लिए चुनावी मुद्दे नहीं रहे।


प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अभी कल रात ही 24 उत्तर परगना में दर्जन से ज्यादा जगहों पर बमबाजी हुई है। बीजेपी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया है। ये स्थिति ठीक नहीं है। ये बदले की हिंसा, ये अत्याचार, ये माफियाराज और नहीं चलेगा। क्या हालत बना दी है दीदी ने बंगाल की? क्राइम है, क्रिमिनल है, लेकिन जेल में नहीं है। माफिया हैं, घुसपैठिए हैं, लेकिन खुलेआम घूम रहे हैं। सिंडिकेट है, स्कैम है, लेकिन कार्रवाई नहीं होती है।

आईएएनएस के इनपुट के साथ

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Published: 18 Mar 2021, 2:53 PM