पंजाबः सीएम मान ने 'खारिज श्रेणी' में झांकी भेजने से किया इनकार, कहा- शहीदों को BJP के एनओसी की जरूरत नहीं

सीएम भगवंत मान की यह प्रतिक्रिया रक्षा मंत्रालय द्वारा यह स्पष्ट किए जाने के बाद आई है कि पंजाब, दिल्ली और पश्चिम बंगाल की झांकियों को गणतंत्र दिवस परेड में शामिल नहीं किया गया है क्योंकि वे इस वर्ष की झांकी के व्यापक विषयों के साथ मेल नहीं खाती हैं।

पंजाब के सीएम मान ने 'खारिज श्रेणी' में झांकी भेजने से किया इनकार
पंजाब के सीएम मान ने 'खारिज श्रेणी' में झांकी भेजने से किया इनकार
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नवजीवन डेस्क

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को कहा कि राज्य सरकार गणतंत्र दिवस के लिए केंद्र सरकार की खारिज श्रेणी में अपनी झांकी नहीं भेजेगी क्योंकि देश के शहीदों को "बीजेपी के अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी)" की आवश्यकता नहीं है। मान ने एक बयान में कहा कि शहीद भगत सिंह, शहीद राजगुरु, शहीद सुखदेव, लाला लाजपत राय, शहीद उधम सिंह, शहीद करतार सिंह सराभा, माई भागो, गदरी बाबे और अन्य सहित महान शहीदों को खारिज श्रेणी में नहीं रखा जा सकता।

सीएम भगवंत मान ने चंडीगढ़ में कहा कि केंद्र सरकार ''गणतंत्र दिवस परेड में उनकी झांकी को शामिल न करके इन नायकों के योगदान और बलिदान को कम करने की कोशिश कर रही है।'' मान की यह प्रतिक्रिया रक्षा मंत्रालय द्वारा यह स्पष्ट किए जाने के बाद आई है कि पंजाब, दिल्ली और पश्चिम बंगाल की झांकियों को गणतंत्र दिवस परेड में शामिल नहीं किया गया क्योंकि वे इस वर्ष की झांकी के व्यापक विषयों के साथ मेल नहीं खाती हैं।


मंत्रालय ने एक बयान में कहा, गणतंत्र दिवस परेड के लिए झांकी नहीं चुने जाने की उनकी आलोचना वस्तुनिष्ठ और निराधार नहीं है। इस मामले पर सीएम मान ने जवाब देते हुए कहा कि इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता क्योंकि यह इन महान देशभक्तों और राष्ट्रीय नेताओं का गंभीर अपमान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने 30 दिसंबर को लिखे एक पत्र में राज्य से पूछा था कि गणतंत्र दिवस परेड के लिए राज्यों के साथ हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (एमओयू) के खंड 8 के अनुसार, जिस राज्य/केंद्र शासित प्रदेश की झांकी का गणतंत्र दिवस परेड के लिए चयन नहीं किया जाएगा, उसके पास 23-31 जनवरी के दौरान दिल्ली में लाल किले पर आयोजित होने वाले भारत पर्व के दौरान इसे प्रदर्शित करने का अवसर होगा।

सीएम भगवंत मान ने कहा कि इस 'पर्व' में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रसिद्ध भोजन, व्यंजन, परंपराएं, उत्पाद, हस्तशिल्प और त्योहारों पर आधारित स्टॉल प्रदर्शित किए जाएंगे।उन्होंने कहा कि भारत पर्व के बाद राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की झांकियां उनके विवेक के अनुसार संबंधित राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों के समारोहों में प्रदर्शित की जा सकती हैं।


हालांकि, मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि पंजाब अपनी झांकियां नहीं भेजेगा क्योंकि देश के शहीदों को बीजेपी के एनओसी की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि पंजाब "देशभक्तों और शहीदों का सम्मान करना जानता है"। उन्होंने कहा कि ये देश के नायक हैं और राष्ट्र के लिए किए गए उनके सर्वोच्च बलिदान के लिए पूरा देश उनका ऋणी है। मान ने कहा कि राज्य सरकार को अपने नायकों को प्रदर्शित करने के लिए केंद्र सरकार के समर्थन की आवश्यकता नहीं है, बल्कि वह उन्हें श्रद्धांजलि देने में सक्षम है।

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