पंजाब निकाय चुनाव में कांग्रेस ने रचा इतिहास, BJP-अकाली दल साफ, बठिंडा में टूटा 53 साल पुराना रिकॉर्ड

किसानों के विरोध के बीच, पंजाब में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने स्थानीय निकाय चुनावों में बड़ी बढ़त हासिल कर ली है, जबकि बीजेपी, जो केंद्रीय कृषि कानूनों को लेकर गुस्से का सामना कर रही थी, का निराशाजनक प्रदर्शन देखने को मिला है।

फोटो: सोशल मीडिया
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रवि प्रकाश

किसानों के विरोध के बीच, पंजाब में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने स्थानीय निकाय चुनावों में बड़ी बढ़त हासिल कर ली है, जबकि बीजेपी, जो केंद्रीय कृषि कानूनों को लेकर गुस्से का सामना कर रही थी, का निराशाजनक प्रदर्शन देखने को मिला है। क्लीन स्वीप में, कांग्रेस ने अबोहर में 50 वार्डों में से 49 जीते, जबकि शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने एक जीता।

होशियारपुर के 50 वार्डों में से, कांग्रेस ने 31 वार्ड जीते। भारतीय जनता पार्टी ने चार वार्ड जीते, जबकि आम आदमी पार्टी (आप) ने दो जीते। हालांकि, शिअद और बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) ने कोई वार्ड नहीं जीता।

मोगा में, कांग्रेस ने 50 वार्डों में से 20 जीते, जबकि शिअद 15 वार्डों के साथ दूसरे स्थान पर रही। निर्दलीय उम्मीदवारों ने 10 वार्ड जीते, जबकि आप और बीजेपी ने क्रमश: चार और एक वार्ड जीते।

भवानीगढ़ नगरपालिका परिषद में, कांग्रेस ने 15 में से 13 सीटें जीतीं, जबकि शिअद और निर्दलीय ने एक-एक सीट जीती। बीजेपी और आप किसी भी सीट को हासिल करने में विफल रहे।

कांग्रेस नेता मनप्रीत सिंह बादल ने भी ट्वीट कर जानकारी दी है कि बठिंडा में भी कांग्रेस पार्टी की जीत हुई है। ये करीब 53 साल बाद हुआ है, जब बठिंडा में कांग्रेस पार्टी का मेयर बनेगा। आपको बता दें कि इससे पहले बठिंडा नगर निगम में शिरोमणि अकाली दल का कब्जा था।

नगर निगमों के अलावा नगर पंचायत और अन्य निकाय चुनावों में भी कांग्रेस पार्टी लगातार बढ़त बनाए हुए है। गुरदासपुर शहर में भी कांग्रेस पार्टी ने सभी वार्डों में जीत हासिल कर ली है, यहां के सभी 29 वार्ड कांग्रेस के खाते में गए हैं। गुरदासपुर से बीजेपी के सनी देओल सांसद हैं।

वहीं बाटला में भी कांग्रेस की बड़ी जीत हुई है। यहां कांग्रेस के खाते में 35 वार्ड गए हैं। वहीं अकाली दल को 6, बीजेपी को 4 और आप ने 3 वार्डों में जीत दर्ज की है। एक पर निदर्लीय उम्मीदवार जीतने में कामयाब रहा है। कपूरथाला में भी कांग्रेस ने परचम लहराया है। कपूरथला नगर निगम में कांग्रेस 43, अकाली दल 3, निर्दलीय 2 के खाते में गई है। पठानकोट नगर निगम में कांग्रेस ने 37, अकाली दल 1, बीजेपी 11 और निर्दलीय ने एक वार्ड में जीत दर्ज की है।

इन निकाय चुनावों के नतीजे इसलिए भी खास हो जाते हैं, क्योंकि कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसान आंदोलन की शुरुआत पंजाब से ही हुई थी। ऐसे में इन्हें कृषि कानूनों पर एक लिटमेस टेस्ट माना जा रहा था।
मोहाली में अनियमितताओं की रिपोर्ट के कारण दो बूथों में रिपोलिंग के बाद नगर निगम के लिए मतगणना गुरुवार को होगी।

2,302 वार्डो के लिए कुल 9,222 उम्मीदवार मैदान में थे।

राजनीतिक समीक्षकों का कहना है कि विधानसभा चुनाव से ठीक एक साल पहले ये चुनाव अमरिंदर सिंह की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार के लिए एक 'सेमीफाइनल' है, जो कृषि कानूनों के खिलाफ लोगों की नाराजगी को अपनी भुनाने की कोशिश में है।

मतगणना की पूर्व संध्या पर, एक मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने चुनाव में धांधली के आरोप पर बीजेपी और आप पर निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने कहा, "इन चुनावों में यह उनकी घबराहट की प्रतिक्रिया है।" अमरिंदर सिंह ने कहा कि इन सभी दलों ने पंजाब को बर्बाद करने के लिए एक साथ काम किया है। काला कृषि कानून इसमें नवीनतम है।

आईएएनएस के इनपुट के साथ

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