राजनीति

आज की चुनावी हलचल: केरल के कोझीकोड में राहुल भरेंगे चुनावी हुंकार, वाराणसी में प्रियंका करेंगी मोदी पर वार!

राहुल गांधी आज कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे। उनके कार्यक्रम की शुरुआत त्रिशूर के त्रिप्रयार में ‘‘मछुआरों की संसद” से होगी। जिसके बाद वो कन्नूर जाएंगे जहां वह युवा कांग्रेस नेता सुहैब के परिवार से मिलेंगे जिसकी कथित रूप से हत्या कर दी गई थी।

फोटो: सोशल मीडिया

नवजीवन डेस्क

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी बृहस्पतिवार को (14 मार्च) केरल में पार्टी के प्रचार अभियान की औपचारिक शुरुआत करेंगे। राहुल गांधी आज कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे। उनके कार्यक्रम की शुरुआत त्रिशूर के त्रिप्रयार में ‘‘मछुआरों की संसद” से होगी। जिसके बाद वो कन्नूर जाएंगे जहां वह युवा कांग्रेस नेता सुहैब के परिवार से मिलेंगे जिसकी कथित रूप से हत्या कर दी गई थी। कांग्रेस अध्यक्ष पार्टी कार्यकर्ताओं कृपेश और सरतलाल के परिवारों से मिलेंगे जिनकी हाल में हत्या कर दी गई थी। राहुल गांधी आज कोझीकोड में कार्यकर्ताओं की एक विशाल रैली को भी संबोधित करेंगे।

गुजरात में अपनी पहली धमाकेदार रैली के बाद आज (14 मार्च) कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी प्रयागराज और वाराणसी के दौरे पर रहेंगी। प्रियंका गांधी पू्र्वी उत्तर प्रदेश की चुनाव प्रभारी हैं। खबर है कि प्रियंका मीरजापुर से होते हुए वाराणसी जाएंगी। प्रयागराज से वाराणसी का सफर तय करते हुए प्रियंका आधा दर्जन संसदीय क्षेत्रों को कवर करेंगी।

वहीं बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने आज (14 मार्च) को राजधानी लखनऊ में बीएसपी से जुड़े जिम्मेदार पदाधिकारियों की बैठक करने वाली हैं। बैठक के बाद बीएसपी प्रत्याशियों की लिस्ट जारी हो सकती है।

आज सुप्रीम कोर्ट में उस याचिका पर सुनवाई होगी, जिसमें केंद्र सरकार और चुनाव आयोग (ईसी) पर शीर्ष अदालत के 25 सितंबर, 2018 को दिए आदेश की अवमानना का आरोप लगाया गया था। बता दें कि पिछले साल सितंबर में पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने सभी उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने से पहले आयोग के सामने अपना पूरा आपराधिक ब्योरा जमा कराने को कहा था। साथ ही आयोग को प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जरिए उन उम्मीदवारों के आपराधिक इतिहास का प्रचार करने के आदेश दिए गए थे। लेकिन याचिकाकर्ता का आरोप है कि आयोग ने इलेक्शन सिंबल ऑर्डर-1968 और आदर्श आचार संहिता में इससे जुड़े संशोधन नहीं किए हैं, जिससे इस अधिसूचना का कोई कानूनी आधार नहीं है।

लोकप्रिय