पाक-साफ है मेरा बेटा, जय शाह के मुद्दे पर पहली बार बोले अमित शाह 

जय अमित शाह पर लगे धनशोधन के आरोपों के बचाव में केंद्रीय मंत्रियों, सरकारी वकीलों के बाद अब खुद पिता भी मैदान में उतर आए हैं।

फोटोः सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

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सत्ताधारी पार्टी बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने अपने बेटे पर लगे आरोपों पर पहली बार चुप्पी तोड़ते हुए उसे पाक-साफ करार दिया है। गुजरात के अहमदाबाद में एक कार्यक्रम में शाह ने बेटे पर लगे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि उनके बेटे की कंपनी ने सरकार के साथ कोई व्यापार नहीं किया और न ही कोई रिश्वत ली गई।

शाह ने खुद ही बेटे को क्लीन चिट देते हुए कहा, ‘मेरे बेटे ने साहस दिखाते हुए अपने ऊपर आरोप लगाने वाले के खिलाफ सिविल और आपराधिक मानहानि का मुकदमा दर्ज किया है और इस कदम से उसने अपने खिलाफ जांच करने का आमंत्रण दिया है।‘

बेटे पर लगे आरोपों से चौतरफा घिरे बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने अपनी चुप्पी संघ के एक वरिष्ठ सदस्य के बयान के ठीक एक दिन बाद तोड़ी है। गुरुवार को संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने कहा था कि अगर पहली नजर में कोई मामला बनता हो तो जांच होनी चाहिए लेकिन आरोप लगाने वालों को आरोपों को सिद्ध भी करना चाहिए।

यह मामला पिछले रविवार को एक न्यूज वेबसाइट पर खबर के बाद चर्चा में आया था। खबर वायरल होते ही केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने प्रेस कांफ्रेंस कर जय शाह को क्लीन चिट देते हुए कहा था कि जय शाह खबर करने वाली वेबसाइट के खिलाफ मानहानि का मुकदमा करेंगे। इसके बाद सवाल उठने लगे थे कि केंद्र सरकार का एक मंत्री कैसे एक आरोपी की ओर से प्रेस कांफ्रेंस कर सकता है और उसे क्लीच चिट देते हुए वेबसाइट को धमकी दे सकता है। जय शाह भले सत्ताधारी बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह के बेटे हों, लेकिन वह सरकार का अंग नहीं हैं।

लेकिन इसके बावजूद अमित शाह की ओर से कोई बयान नहीं दिया गया। लेकिन अब जाकर उन्होंने अपनी चुप्पी तोड़ी भी है तो अंदाज वही ‘हम ही कातिल, हम ही मुंसिफ वाला है’। शाह ने बेटे पर लगे आरोपों को सीधे तौर खारिज करते हुए उल्टा सवाल पूछा, ‘आजादी के बाद, कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के कितने आरोप लगे? शाह ने कहा, कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगे हैं। क्या उसने कभी भी सिविल या मानहानि का मुकदमा किया है? आज जय ने मानहानि का मुकदमा दर्ज किया है।’

शाह ने बेटे के बचाव में बोफोर्स के मुद्दे को लाते हुए कहा, ‘कंपनी के मुद्दे पर मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि इसने सरकार से एक रुपया, सरकारी जमीन या टेंडर नहीं लिया है। और न ही कंपनी ने बोफोर्स जैसी कोई रिश्वत ली है।"

अब सवाल यह उठता है कि अमित शाह ने बेटे को किस हैसियत से क्लीन चिट दीा है। एक बाप की हैसियत से या देश की सत्ताधारी पार्टी बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष होने की हैसियत से। क्योंकि अमित शाह की क्लीन चिट के बहुत मायने हैं। उन्होंने जय शाह को पाक-साफ बता दिया है तो शायद ही अब कोई एजेंसी उनके खिलाफ जांच करे।

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Published: 13 Oct 2017, 5:46 PM