सुनेत्रा पवार NCP की अध्यक्ष चुनी गईं, बेटे पार्थ को भेजा जाएगा राज्यसभा, प्रफुल्ल पटेल पर सस्पेंस खत्म
एनसीपी अध्यक्ष चुने जाने पर सुनेत्रा पवार ने कहा कि सभी की मांग थी कि कोई दादा की जगह ले। दादा ने महाराष्ट्र के लिए जो भी सपने देखे थे, सभी ने मुझसे उनका सम्मान करने की अपील की। मैंने यह ज़िम्मेदारी स्वीकार कर ली है...हम साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे।

महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को आज राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति की बैठक में सर्वसम्मति से पार्टी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया। साथ ही पार्टी ने उनके बेटे पार्थ पवार को राज्यसभा सीट के लिए नामित करने का ऐलान किया, जो सुनेत्रा पवार के इस्तीफे और राज्य की उपमुख्यमंत्री बनने के बाद खाली हो गई थी। सुनेत्रा के पति और तत्कालीन एनसीपी प्रमुख अजित पवार की विमान दुर्घटना में मृत्यु के लगभग एक महीने बाद उन्हें पार्टी अध्यक्ष चुना गया।
एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने मुंबई में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति की बैठक के बाद सुनेत्रा पवार के अध्यक्ष चुने जाने की घोषणा की। पटेल ने कहा कि पार्थ पवार को राज्यसभा सीट के लिए नामित किया जाएगा, जो उनकी मां सुनेत्रा पवार के इस्तीफे और राज्य की उपमुख्यमंत्री बनने के बाद खाली हो गई थी।
एनसीपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने पर महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार ने कहा, "दादा (अजीत पवार) के अचानक निधन के बाद बहुत दुख हुआ। सभी की मांग थी कि कोई दादा की जगह ले। दादा ने महाराष्ट्र के लिए जो भी सपने देखे थे, सभी ने मुझसे उनका सम्मान करने की अपील की। मैंने यह ज़िम्मेदारी स्वीकार कर ली है...हम साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे।"
एनसीपी नेता सुनील दत्तात्रेय तटकरे ने कहा, “सुनेत्रा पवार को सर्वसम्मति से नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी का नेशनल प्रेसिडेंट बनाया गया है। मैं दिल से उनका शुक्रिया अदा करता हूं और उन्हें बधाई देता हूं। अजीत दादा ने हमें सिखाया कि सेक्युलर सोच के साथ कैसे काम करना है और 24 घंटे लोगों की सेवा कैसे करनी है। उन्हीं सिद्धांतों को आगे बढ़ाते हुए, हम लोगों के बीच लगन से काम करते रहेंगे।”
वर्ष 2024 में लोकसभा चुनाव में हार के बाद, सुनेत्रा पवार एनसीपी के टिकट पर राज्यसभा सदस्य चुनी गई थीं। बारामती में 28 जनवरी को प्लेन क्रैश में अजित पवार के निधन के दो दिन बाद सुनेत्रा पवार ने महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी और फिर बाद में संसद के उच्च सदन से इस्तीफा दे दिया था।