तेजस्वी यादव का दावा- बीजेपी ने जेडीयू को खत्म करने के लिए संजय झा को पार्टी में ‘प्लांट’ किया था
तेजस्वी ने कहा कि संजय झा को बीजेपी ने जेडीयू को खत्म करने के लिए पार्टी में भेजा था और वह अपने मिशन में सफल भी हो गए। जेडीयू का हर नेता जानता है कि आज नीतीश कुमार की स्थिति के पीछे कौन जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि जेडीयू अब पूरी तरह खत्म हो चुकी है।

राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को बड़ा दावा करते हुए आरोप लगाया कि जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार झा को बीजेपी ने जेडीयू को कमजोर और खत्म करने की दीर्घकालिक योजना के तहत पार्टी में ‘प्लांट’ किया था।
पत्रकारों से बातचीत में तेजस्वी यादव ने कहा कि संजय झा 2012 में अपने राजनीतिक संरक्षक और बीजेपी के वरिष्ठ नेता दिवंगत अरुण जेटली की सहमति से बीजेपी छोड़कर जेडीयू में शामिल हुए थे। इससे तीन वर्ष पहले बीजेपी ने संजय झा को लोकसभा का टिकट नहीं दिया था।
तेजस्वी यादव ने कहा, ‘‘संजय झा को बीजेपी ने जेडीयू को खत्म करने के लिए पार्टी में भेजा था और वह अपने मिशन में सफल भी हो गए। जेडीयू का हर नेता जानता है कि आज नीतीश कुमार जी की स्थिति के पीछे कौन जिम्मेदार है।’’ उन्होंने दावा किया कि जेडीयू अब पूरी तरह खत्म हो चुकी है। संजय झा की ओर से ‘एनआरआई नेता’ कहे जाने पर तेजस्वी ने आईना दिखाते हुए जवाब दिया, “संजय झा की बेटियां विदेश में रहती हैं और वह स्वयं भी अक्सर विदेश जाते हैं, लेकिन मैंने कभी इस पर टिप्पणी नहीं की।”
तेजस्वी के आरोपों पर पलटवार करते हुए संजय झा ने उन्हें “एनआरआई नेता” बताया और कहा कि तेजस्वी को जेडीयू और नीतीश कुमार की चिंता करने की जरूरत नहीं है। झा ने कहा, “जब भी बिहार पर कोई संकट आता है, तेजस्वी यादव बिहार में नहीं मिलते। वह एनआरआई नेता हैं। पिछले वर्ष के विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी का जनाधार घटा है। उन्हें अपनी पार्टी की चिंता करनी चाहिए, जेडीयू की नहीं। नीतीश कुमार और पूरी जेडीयू अपनी देखभाल करने में सक्षम हैं।” उन्होंने तेजस्वी से विपक्ष के नेता के रूप में जनता के मुद्दे उठाने और अपनी जिम्मेदारी निभाने का आग्रह किया।
दरअसल इस वर्ष नीतीश कुमार ने रिकॉर्ड दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के कुछ महीने बाद अचानक राज्यसभा जाने का फैसला लेते हुए सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद बीजेपी के सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री बने। नीतीश के इस कदम से बिहार में पहली बार बीजेपी के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हुआ।
