वसुंधरा के बेटे ने विधायकों को कब्जे में लिया, जबरन होटल में रखा, बीजेपी MLA के पिता ने लगाया आरोप

राजस्थान में बीजेपी की जीत के बाद से ही मुख्यमंत्री को लेकर खींचतान शुरू हो गई है। वसुंधरा तो खुले तौर पर 'प्रेशर पॉलिटिक्स' करती दिख रही हैं। उनका गुट 68 विधायकों और कुछ निर्दलीयों के सपोर्ट का दावा कर रहा है। फिलहाल वसुंधरा दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं।

वसुंधरा के बेटे ने विधायकों को कब्जे में लिया, बीजेपी MLA के पिता ने लगाया आरोप
वसुंधरा के बेटे ने विधायकों को कब्जे में लिया, बीजेपी MLA के पिता ने लगाया आरोप
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नवजीवन डेस्क

राजस्थान में मुख्यमंत्री की कुर्सी की जंग अब विधायकों को घेरने, उठाने, छिपाने तक पहुंच गई है। बीजेपी के एक विधायक के पिता ने वसुंधरा राजे सिंधिया के बेटे दुष्यंत सिंह पर कई विधायकों को कब्जे में लेकर जबरन एक रिजॉर्ट में रखने का आरोप लगाया है। अब ये विधायक कहां हैं, फिलहाल इसकी जानकारी नहीं है।

राजस्थान में बीजेपी की प्रचंड जीत के बाद मुख्यमंत्री के नाम को लेकर सस्पेंस बना हुआ है और खींचतान जारी है। इसी जोड़तोड़ के लिए वसुंधरा राजे फिलहाल दिल्ली में हैं और इस बीच राज्य से 'रिजॉर्ट पॉलिटिक्स' की बात सामने आई है। उनके बेटे और सांसद दुष्यंत सिंह पर ही बीजेपी विधायक ललित मीणा के पिता ने बेटे के साथ पांच विधायकों को जबरन एक रिजॉर्ट में रखने का आरोप लगा दिया है।

पूर्व विधायक हेमराज मीणा ने कहा कि दुष्यंत सिंह ने बीजेपी के विधायकों को 'आपणों राजस्थान' रिजॉर्ट में रखा था, जो जयपुर में सीकर रोड पर है। मीणा के मुताबिक, वहां झालावाड़ के तीन और बारां के तीन विधायकों को रखा गया था। मीणा ने कहा कि जब मुझे पता चला तो मैं बेटे को लाने गया, तो विधायक कंवरलाल ने कहा कि दुष्यंत से बात कराओ तब ले जाने दूंगा। फिर वह मारपीट पर उतारू हो गया। फिर हमने बीजेपी के राजस्थान प्रभारी अरुण सिंह और प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी और संगठन महामंत्री चंद्रशेखर को सूचना दी।


हेमराज मीणा का दावा है कि इसके बाद ये सभी नेता लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस बुलाई गई। तब जाकर वह विधायक और अपने बेटे ललित मीणा को वहां से लेकर घर आ पाए। कहा जा रहा है कि उनमें से बाकी 4 विधायकों को वसुंधरा के बेटे ने कहीं और शिफ्ट कर दिया है। जिन विधायकों को वहां रोकने का दावा किया गया है, उनमें कमलनाल मीणा, कालूलाल, राधेश्याम बेरवा और गोविंद के नाम शामिल हैं।

गौरतलब है कि राजस्थान में बीजेपी की जीत के बाद से ही मुख्यमंत्री को लेकर खींचतान शुरू हो गई है। पूर्व सीएम वसुंधरा तो खुले तौर पर 'प्रेशर पॉलिटिक्स' करती दिख रही हैं। नतीजों के फौरन बाद उन्होंने 20 से ज्यादा विधायकों के साथ डिनर पर मुलाकात की। इसके बाद उनके गुट ने दावा किया कि उनके साथ 68 विधायकों का सपोर्ट है। इसके अलावा कुछ निर्दलीयों के भी साथ होने का दावा किया गया। फिलहाल वसुंधरा दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं।


यहां बता दें कि राजस्थान में सीएम पद की दौड़ में बीजेपी से कई चेहरे हैं। इसमें वसुंधरा राजे के अलावा पहला नाम बालकनाथ का है। वह तिजारा से विधानसभा चुनाव जीते हैं। उनके बाद लिस्ट में दूसरा नाम जयपुर राजघराने की राजकुमारी दीया कुमारी का है। दोनों ही लोकसभा सांसद थे, लेकिन पार्टी ने उन्हें विधानसभा चुनाव लड़वाया था। इनके अलावा केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का नाम भी चर्चा में है।

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