तमिलनाडु के नए ‘थलापति’ बने विजय, जानें किस धर्म को मानते हैं और कहां से शुरू हुआ सफर
दिग्गज साउथ एक्टर विजय का जन्म एक ईसाई परिवार में हुआ था। उनके पिता एस. ए. चंद्रशेखर ईसाई हैं और जाने-माने तमिल फिल्म निर्माता हैं। विजय की मां शोभा चंद्रशेखर हिंदू धर्म का पालन करती हैं। हालांकि विजय खुद को को किसी एक धर्म तक सीमित नहीं रखते।

दक्षिण के सुपरस्टार थलापति विजय ने फिल्मों के बाद अब राजनीति में भी धमाकेदार शुरुआत कर दी है। तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और विजय का पहले चुनाव में ही मुख्यमंत्री बनना तय माना जा रहा है। पहली बार चुनाव लड़ रहे विजय और उनकी पार्टी टीवीके डेब्यू चुनाव में ही धमाल मचाते हुए नजर आ रहे हैं।
विजय की पार्टी को बहुमत से थोड़ी कम सीटें मिलती दिख रही हैं, लेकिन माना जा रहा है कि वो राज्य में सरकार बना सकते हैं। खबर लिखे जाने तक तमिलनाडु में टीवीके 109 सीट के साथ सबसे आगे चल रही है। जबकि सत्तारूढ़ डीएमके गठबंधन और मुख्य विपक्षी दल एआईएडीएमके के नेतृत्व वाला गठबंधन दूसरे और तीसरे नंबर पर दिख रहा है। फाइनल नतीजे आने तक कहानी में ज्यादा बदलाव की उम्मीद नहीं है। इससे एक बात तो साफ है कि पहले चुनाव में ही थलापति विजय ने चुनावी मैदान में झंडा गाड़ दिया है।
ईसाई परिवार में हुआ जन्म
दिग्गज साउथ एक्टर विजय का जन्म एक ईसाई परिवार में हुआ था। उनके पिता एस. ए. चंद्रशेखर ईसाई हैं और जाने-माने तमिल फिल्म निर्माता हैं। विजय की मां शोभा चंद्रशेखर हिंदू धर्म का पालन करती हैं। हालांकि विजय खुद को सार्वजनिक रूप से धार्मिक पहचान से ज्यादा इंसानियत और सामाजिक मूल्यों से जोड़कर पेश करते रहे हैं। विजय लगातार हिंदू मंदिरों में पूजा करते और अलग-अलग धर्मों के आयोजनों में हिस्सा लेते रहे हैं और खुद को किसी एक धर्म तक सीमित नहीं रखते।
विजय ने एक नहीं दो बार बदला नाम
थलापति विजय को पहले लोग जोसेफ विजय चंद्रशेखर के नाम से जानते थे, यही उनका असली नाम भी है। फिल्मों में करियर शुरू करते समय उनके नाम को लेकर कुछ कंफ्यूजन थी, जिसके बाद मशहूर डायरेक्टर और विजय के पिता एस ए चंद्रशेखर ने उन्हें इलैयाथलापति का नाम दिया। अगले कई सालों तक वो इसी नाम से फिल्में करते रहे, लेकिन इसके बाद निर्देशक एटली ने 2017 में उनका नाम थलापति विजय रख दिया, जो हिट फिल्म मर्सल के लिए लिखा गया था। इसके बाद से ही उन्हें थलापति विजय के नाम से लोग जानते हैं। यानी विजय ने एक नहीं बल्कि दो बार अपने नाम में बदलाव किया।
क्या होता है थलापति का मतलब?
विजय के नाम के आगे थलापति क्यों लगाया गया और इसका क्या अर्थ है। दरअसल थलापति नाम तमिलनाडु में काफी मशहूर है। रजनीकांत की फिल्म थलापति के बाद ये नाम काफी ज्यादा चर्चित हो गया। तमिल में थलापति का मतलब सेनापति होता है और इस नाम का काफी सम्मान किया जाता है। इस तरह अब थलापति विजय, तमिलनाडु के असली सेनापति बन सकते हैं।
तमिल सुपरस्टार विजय थलापति ने 2024 में अपनी राजनीतिक पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) लॉन्च की। लंबे समय से फिल्मों के जरिए लोकप्रिय रहे विजय ने उसी समय यह घोषणा कर दी थी कि वे फिल्मों से संन्यास लेकर पूरी तरह राजनीति पर ध्यान देंगे। विजय ने ऐलान किया था कि उनकी आखिरी फिल्म “जना नायकन” होगी, जो इसी साल जनवरी में रिलीज होनी थी लेकिन कोर्ट केस में फंसकर अभी तक रिलीज नहीं हुई है। हालांकि चुनाव के बीच फिल्म के लीक होने से काफी राजनीतिक बवाल मचा था।
टीवीके के गठन के बाद से ही विजय को लेकर बड़ा राजनीतिक उत्साह दिखा रहा था। उनकी जबरदस्त फैन फॉलोइंग, खासकर युवाओं में लोकप्रियता ने उन्हें घर-घर पहुंचा दिया। विजय ने शिक्षा, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों को प्रमुखता दिया। उनकी पार्टी खुद को आम लोगों की आवाज बताती है और पारंपरिक राजनीति से अलग विकल्प देने की बात करती है, जो लोगों को पसंद आया और पहली बार ही राज्य की जनता ने विजय को सत्ता की दहलीज तक पहुंचा दिया।
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