तमिलनाडु में अब 'थलापति सरकार', विजय को मिला सरकार बनाने का न्योता, शनिवार को 11 बजे लेंगे शपथ
कांग्रेस के बाद शुक्रवार शाम सीपीआई), सीपीएम, विदुथलाई चिरुथैगल काची (वीसीके) और आईयूएमएल ने भी टीवीके को समर्थन देने की घोषणा की। इन चारों पार्टियों के दो-दो विधायक हैं, जिससे विजय खेमे की कुल ताकत 120 विधायकों तक पहुंच गई है, जो बहुमत से ऊपर है।

तमिलनाडु में कई दिनों के असमंजस के बाद आखिरकार राज्यपाल ने टीवीके प्रमुख विजय को सरकार बनाने का निमंत्रण दे दिया है। विजय शनिवार की सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इससे पहले आज महत्वपूर्ण घटनाक्रम में सीपीआई और सीपीएम ने टीवीके को सरकार बनाने के लिए समर्थन देने का ऐलान कर दिया। दोनों दलों ने कहा कि राज्य में बीजेपी को परोक्ष शासन को रोकने के लिए वे विजय को मिले जनादेश का सम्मान करते हुए टीवीके को बिना शर्त समर्थन देंगे। इसके बाद आईयूएमएल ने भी टीवीके को समर्थन देने का ऐलान कर दिया। इससे 234 सदस्यों वाली विधानसभा में उनके गठबंधन की ताकत बहुमत के आंकड़े से ऊपर पहुंच गई।
सरकार बनाने के लिए आवश्यक 118 सदस्यों के समर्थन का आंकड़ा पूरा होते ही टीवीके प्रमुख विजय ने देर शाम राजभवन पहुंचकर राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मुलाकात की और सभी सहयोगी दलों का समर्थन पत्र सौंपकर सरकार बनाने का दावा पेश किया। इसके बाद राज्यपाल ने टीवीके प्रमुख के दावे को स्वीकार कर लिया और मौखिक रुप से उन्हें सरकार बनाने का निमंत्रण दे दिया। हालांकि, औपचारिक निमंत्रण आज रात या कल सुबह तक जारी होने की उम्मीद है।
विधानसभा चुनावों में टीवीके 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी। हालांकि, शुरुआत में पार्टी 234 सदस्यों वाले सदन में सरकार बनाने के लिए जरूरी 118 सीटों के बहुमत के आंकड़े से पीछे रह गई थी। कांग्रेस पहली पार्टी थी जिसने विजय को समर्थन दिया और उसके पांच नवनिर्वाचित विधायकों ने टीवीके प्रमुख का समर्थन किया।
शुक्रवार शाम भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), विदुथलाई चिरुथैगल काची (वीसीके) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने भी टीवीके के नेतृत्व में सरकार बनाने की कोशिश को औपचारिक रूप से अपना समर्थन देने की घोषणा की। नई विधानसभा में इन चारों पार्टियों के दो-दो विधायक हैं, जिससे विजय खेमे की कुल ताकत 120 विधायकों तक पहुंच गई है, जो साधारण बहुमत से ऊपर है।
राज्यपाल से मुलाकात के बाद, विजय चेन्नई में सीपीआई के राज्य मुख्यालय गए और सरकार बनाने की उनकी कोशिशों को समर्थन देने के लिए वामपंथी पार्टी के नेताओं को व्यक्तिगत रूप से धन्यवाद दिया। समर्थक पार्टियों के नेताओं ने संकेत दिया कि उनका समर्थन राज्य में राजनीतिक स्थिरता सुनिश्चित करने और लंबे समय तक चलने वाली अनिश्चितता को रोकने के उद्देश्य से था।
ये नाटकीय राजनीतिक घटनाक्रम तमिलनाडु की राजनीति में एक ऐतिहासिक क्षण हैं, जिसमें विजय अब अपनी पार्टी को चुनावी राजनीति में औपचारिक रूप से उतारने के एक साल से भी कम समय में राज्य के अगले मुख्यमंत्री बनने की कगार पर हैं।
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