कोरोना वायरस: इन 10 झूठी खबरों से रहे सावधान, नहीं तो हाथ से गवानी पड़ेगी जान!

देश में कोरोना वायरस का कहर जारी है। इस दौरान लोगों से अपील है कि झूठी अफवाहों के बहकावे में आकर अपना धैर्य न खोएं। पोस्ट को शेयर कर सभी तक सही जानकारी पहुंचाए करें गलत और झूठी जानकारी साझा करने से बचें।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

देश में कोरोना वायरस से 16 लोगों की मौत हो चुकी हैं। जबकि 650 से अधिक लोग इस वायरस की चपेट मे हैं। इस दौरान लोगों से अपील है कि झूठी अफवाहों के बहकावे में आकर अपना धैर्य न खोएं। पोस्ट को शेयर कर सभी तक सही जानकारी पहुंचाए करें गलत और झूठी जानकारी साझा करने से बचें। इस दौरान व्हाट्सअप पर कई ऐसे मैसेज पहुंच रहे हैं, जो सच नहीं है। चलिए हम आपको 10 ऐसी झूठी खबरों पर से पर्दा उठाते है, जिसका सच से कोई लेना देना नहीं है।

10 झूठी खबरों से सावधान:

1- कई लाशों वाली इटली शहर की तस्वीर।

सच्चाई - एक फिल्म कांटेजिअन का सीन है।

2- 498/- का जिओ का फ्री रीचार्ज।

सच्चाई - कंपनी ने ऐसा कोई दावा नहीं किया है।

3- कोई लोग जमीन पर पड़े हुए हैं, सहायता के लिए चिल्ला रहे हैं।

सच्चाई - साल 2014 के एक आर्ट प्रोजेक्ट की तस्वीर है।

4- डॉ रमेश गुप्ता की किताब जंतु विज्ञान में कोरोना का इलाज है।

सच्चाई- नहीं है।

5- मेदांता हास्पिटल के डॉ नरेश त्रेहान की नेशनल इमर्जेंसी की अपील।

सच्चाई - डॉ नरेश त्रेहान ने कोई अपील नहीं की।

6- एक कपल की तस्वीर जो 134 पीड़ितों का इलाज करने के बाद संक्रमण का शिकार हो गए।

सच्चाई- तस्वीर किसी डॉक्टर कपल की नहीं है। एयरपोर्ट पर एक जोड़े की है।

7- कोविड 19 कोरोना की दवा।

सच्चाई - यह दवा नहीं, जांच किट है।

8- कोरोना वायरस का जीवन 12 घंटे तक।

सच्चाई- 3 घंटे से 9 दिन तक।

9- रूस में 500 शेर सड़कों पर।

सच्चाई- एक फिल्म का सीन है।

10- इटली की ताबूत वाली तस्वीर।

सच्चाई- यह 7 वर्ष पुराने एक हादसे की तस्वीर है, कोरोना से इसका कोई संबंध नहीं है।

गौरतलब है कि कोरोना वायरस का खतरा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। भारत में अब तक इसके संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 650 से ज्यादा हो गई है, वहीं 16 लोगों की मौत हो चुकी हैं। दुनिया भर में इससे लाखों की संख्या में लोग संक्रमित हैं और करीब 20 हजार लोग मर चुके हैं। इसलिए कोरोना को लेकर सही जानकारी किसी स्वास्थ्य विशेषज्ञ या डॉक्टर से लें। किसी की बात पर आंख मूंद कर भरोसा करना ठीक नहीं।

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