खेल: इन खास अंगूठियों के लिए भी भिड़ेंगे अर्जेंटीना और स्पेन और सचिन-कोहली ने सोबर्स के निधन पर लिखा भावुक पोस्ट

फीफा ने पहली बार विश्व कप विजेता टीम के सदस्यों को को विशेष अंगूठियां देने का फैसला किया है। वेस्टइंडीज के महान ऑलराउंडर सर गारफील्ड सोबर्स के 89 साल की उम्र में बारबाडोस में निधन के बाद क्रिकेट जगत शोक में डूब गया है।

इन खास अंगूठियों के लिए भी भिड़ेंगे अर्जेंटीना
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अर्जेंटीना और स्पेन विश्व कप ट्रॉफी ही नहीं, खास अंगूठियों के लिए भी भिड़ेंगे

अर्जेंटीना और स्पेन के बीच रविवार को होने वाला मुकाबला सिर्फ फीफा विश्व कप ट्रॉफी तक सीमित नहीं रहेगा। विजेता टीम के खिलाड़ियों को पहली बार यादगार ‘चैंपियनशिप रिंग (अंगूठी)’ भी दी जाएगी।

फीफा ने पहली बार विश्व कप विजेता टीम के सदस्यों को को विशेष अंगूठियां देने का फैसला किया है। उत्तर अमेरिकी खेलों में चैंपियन टीम को अंगूठियां देने की परंपरा 19वीं सदी के अंत से चली आ रही है, लेकिन दुनिया के अन्य हिस्सों में यह प्रथा आम नहीं है।

इस बार फाइनल मुकाबला अमेरिका में खेला जा रहा है, इसलिए फीफा का यह कदम वहां की खेल परंपरा से प्रेरित माना जा रहा है। विजेता टीम के खिलाड़ियों को हमेशा की तरह स्वर्ण पदक मिलेंगे, जबकि टीम के कप्तान और मुख्य कोच को फाइनल के तुरंत बाद प्रतीकात्मक अंगूठी पहनाई जाएंगी।

बाद में विजेता टीम के लिए विशेष रूप से तैयार की गई 30 अंगूठियां बनाई जाएंगी। अंगूठी के एक तरफ विश्व कप ट्रॉफी की आकृति होगी, जबकि दूसरी तरफ विजेता टीम की पहचान को दर्शाने वाला विशेष डिजाइन बनाया जाएगा।

कभी यमाल को अपनी गोद में उठाया था मेस्सी ने, अब खिताब के लिये आमने सामने

 दो दशक पहले फोटोग्राफर जोआन मोन्फोर्ट ने सोचा भी नहीं होगा कि प्लास्टिक के टब में एक सुंदर से बच्चे को नहलाते हुए युवा लियोनेल मेस्सी की उनके द्वारा खींची गई तस्वीर कभी इतनी चर्चित हो जायेगी ।

वह बच्चा कोई और नहीं स्पेन का सुपरस्टार फुटबॉलर लामिन यमाल है । बाथटब से विश्व कप फाइनल तक यमाल का सामना अपने से 20 साल बड़े मेस्सी से होगा और दांव पर फुटबॉल की बादशाहत है ।

रविवार को फीफा विश्व कप फाइनल में मेस्सी की अर्जेंटीना का सामना यमाल की स्पेन टीम से होगा लिहाजा उस तस्वीर का चर्चा में आना लाजमी है ।

लंबे बालों वाले कम उम्र के मेस्सी के हाथ साबुन के झाग में सने हैं और टब में ‘बेबी यमाल’ है । ऐसा लग रहा है कि मानो वह यमाल को फुटबॉल का अगला सुपरस्टार बना रहे हों ।

आखिर बार्सीलोना की दस नंबर की उनकी चर्चित जर्सी भी तो यमाल को ही मिली है ।

मोन्फोर्ट ने कहा ,‘‘ मेरा कभी इस बात में विश्वास नहीं रहा कि नियति ने सब कुछ तय कर रखा है लेकिन अब मेरा भरोसा होने लगा है ।’’

एपी के लिये फ्रीलांस फोटोग्राफर के तौर पर काम करने वाले मोन्फोर्ट ने यह तस्वीरें 2007 में एक चैरिटी कैलेंडर के लिये ली थी जो स्थानीय अखबार स्पोर्ट और यूनिसेफ ने तैयार कराया था ।


फीफा वर्ल्ड कप: फाउलर ने बताया स्पेन को खिताब का प्रबल दावेदार, बोले- मेसी से रहना होगा सावधान

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में रविवार को स्पेन और अर्जेंटीना की भिड़ंत होनी है। इस बड़े मुकाबले से पहले इंग्लैंड के पूर्व स्टार स्ट्राइकर रॉबी फाउलर का मानना है कि मौजूदा फॉर्म और खेल के आधार पर स्पेन खिताब का प्रबल दावेदार नजर आ रहा है।

फाउलर ने 'जी5' के साथ बात करते हुए कहा कि पूरे टूर्नामेंट में स्पेन ने सबसे प्रभावशाली फुटबॉल खेला है। पूर्व स्ट्राइकर के अनुसार, स्पेन सिर्फ गेंद पर कब्जा बनाए रखने के लिए नहीं खेलता, बल्कि हर पास और हर मूव के पीछे एक स्पष्ट रणनीति होती है। टीम तेजी से गेंद को आगे बढ़ाती है, विरोधी टीम की रक्षा पंक्ति को तोड़ती है और सही समय पर आक्रमण करती है।

उन्होंने कहा कि स्पेन की सबसे बड़ी ताकत उसकी तकनीकी क्षमता और अनुशासित खेल है। खिलाड़ी मैदान पर अपनी जिम्मेदारियों को अच्छी तरह समझते हैं और जानते हैं कि कब खेल की रफ्तार बढ़ानी है और कब उसे नियंत्रित रखना है। यही कारण है कि स्पेन पूरे टूर्नामेंट में बाकी टीमों से अलग नजर आया है।

हालांकि, फाउलर ने यह भी माना कि अर्जेंटीना को हल्के में नहीं लिया जा सकता। उन्होंने कहा कि अर्जेंटीना की सबसे बड़ी ताकत उसका जुझारूपन और कभी हार नहीं मानने वाला रवैया है। टीम मुश्किल परिस्थितियों में भी वापसी करना जानती है और यही वजह है कि वह लगातार दूसरे वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंची है।

सोबर्स ने क्रिकेट की तस्वीर बदल दी, हम सभी के प्रेरणास्रोत थे: कपिल देव

भारत को 1983 विश्व कप दिलाने वाले कप्तान कपिल देव ने वेस्टइंडीज के महान हरफनमौला सर गारफील्ड सोबर्स को क्रिकेट को नया आयाम देने वाला खिलाड़ी करार देते हुए कहा कि उन्होंने खेल के प्रति खिलाड़ियों की सोच और खेलने का तरीका ही बदल दिया।

सोबर्स का 89 साल की उम्र में शुक्रवार को बारबाडोस स्थित उनके घर पर निधन हो गया। अपने शानदार करियर में उन्होंने 93 टेस्ट मैचों में 57.78 की औसत से 8,032 रन बनाए, जिसमें 26 शतक शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने 235 विकेट भी अपने नाम किए।

कपिल ने यहां केडीएसजी (कपिल देव-संजय गुप्ता) अस्पताल में पीटीआई से कहा, ‘‘जो भी क्रिकेट को जानता है, वह गैरी सोबर्स को जरूर जानता होगा। वह इस खेल के सबसे महान क्रिकेटरों में से एक थे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने जिस अंदाज में क्रिकेट खेला, उसने हम जैसे खिलाड़ियों को प्रेरित किया। उनका जाना बेहद दुखद है, लेकिन वह हमें अपनी प्रतिभा, खेल और विरासत के रूप में बहुत कुछ देकर गए हैं, जिससे हम जीवनभर सीखते रहेंगे।’’

कपिल देव ने कहा कि सोबर्स की असाधारण प्रतिभा और खेल के प्रति उनका जुनून ही उन्हें महान बनाता था।

उन्होंने कहा, ‘‘उनकी प्रतिभा, खेल का आनंद लेने का तरीका और खेलने की शैली उन्हें सबसे अलग बनाती थी। उस दौर में वेस्टइंडीज की टीम दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों में थी, लेकिन सोबर्स ने रिकॉर्ड बनाने के साथ-साथ लोगों की यह सोच भी बदल दी कि क्रिकेट कैसे खेला जाए और उसका लुत्फ कैसे उठाया जाये।‘‘

इस 67 साल के पूर्व खिलाड़ी ने बताया कि सोबर्स ने पारंपरिक क्रिकेट कोचिंग की सोच भी बदल दी।


'यह यकीन करना मुश्किल है', सचिन-कोहली ने सर गैरी सोबर्स के निधन पर लिखा भावुक पोस्ट

वेस्टइंडीज के महान ऑलराउंडर सर गारफील्ड सोबर्स के 89 साल की उम्र में बारबाडोस में निधन के बाद क्रिकेट जगत शोक में डूब गया है। दुनिया भर से उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है। पूर्व और मौजूदा क्रिकेटर्स ने खेल में सोबर्स के बेमिसाल योगदान को याद किया। सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली ने भी सोबर्स को श्रद्धांजलि देते हुए भावुक पोस्ट लिखा है।

सोबर्स के साथ अपने करियर के दौरान कई यादगार पल बिताने वाले सचिन तेंदुलकर ने उनके साथ बने निजी रिश्तों को याद किया। 2003 वनडे वर्ल्ड कप से लेकर लंदन में अपनी आखिरी मुलाकात तक के पलों को याद करते हुए भारत के महान बल्लेबाज ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "यह यकीन करना बहुत मुश्किल है कि सर गैरी अब हमारे बीच नहीं रहे। मैं उन यादों को याद कर रहा हूं जो हमने वर्षों में साथ बनाई थीं। 2003 वर्ल्ड कप में उनका मुझे 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' की ट्रॉफी देना हो या शतक का मील का पत्थर छूने पर उनकी तारीफ भरे शब्द।"

उन्होंने आगे लिखा, "वह हमेशा बहुत ही विनम्र और अच्छे स्वभाव वाले इंसान रहे। मेरा मन बार-बार उस समय की ओर जाता है जब हम कुछ साल पहले लंदन में मिले थे। हम बस बैठकर खेल के बारे में बातें कर रहे थे, और अब यह बात मुझे बहुत गहराई से महसूस हो रही है कि वह हमारी आखिरी मुलाकात थी। वह सच में बेमिसाल थे। उनकी बहुत याद आएगी। भगवान आपकी आत्मा को शांति दे, सर गैरी।"

विराट कोहली ने भी श्रद्धांजलि देते हुए सोबर्स को क्रिकेट की महानतम हस्तियों में से एक बताया, जिनका प्रभाव उनके निधन के बाद भी लंबे समय तक बना रहेगा। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "क्रिकेट ने अपनी महानतम हस्तियों में से एक को खो दिया है। भगवान आपकी आत्मा को शांति दे, सर गारफील्ड सोबर्स। आपकी विरासत पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।"

पीटीआई और आईएएनएस के इनपुट के साथ

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