खेल: विश्व कप में वापसी के बादशाह बनी अर्जेंटीना और मेसी ने दिया आलोचकों को करारा जवाब
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में पहुंचने के बाद अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी ने आलोचकों को आड़े हाथों लिया है। अर्जेंटीना ने मौजूदा विश्व कप में अंतिम मिनटों में वापसी करने का नया इतिहास रचकर दिखा दिया कि उनकी टीम कभी हार नहीं मानती।
'हमें कुछ भी मुफ्त में नहीं मिला', फाइनल में पहुंचने के बाद मेसी ने दिया आलोचकों को करारा जवाब
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में पहुंचने के बाद अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी ने आलोचकों को आड़े हाथों लिया है। मेसी ने उन आलोचकों को जवाब दिया है, जो पूरे टूर्नामेंट के दौरान यह आरोप लगाते रहे हैं कि फीफा में अर्जेंटीना को फायदा पहुंचाया जा रहा है।
मेसी ने कहा कि लगातार दूसरी बार विश्व कप फाइनल में पहुंचना इस बात का सबूत है कि अर्जेंटीना की टीम दुनिया की सबसे बेहतरीन टीमों में शामिल है। उन्होंने कहा कि टीम की सफलता किसी संयोग या किस्मत का नतीजा नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों की मेहनत का परिणाम है।फीफा वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को 2-1 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। मैच में इंग्लैंड ने एंथनी गॉर्डन के 55वें मिनट में किए गए गोल से मुकाबले में बढ़त बना ली थी, लेकिन अर्जेंटीना ने शानदार वापसी की। कप्तान मेसी ने दो अहम असिस्ट किए, जिनकी मदद से एंजो फर्नांडीज और लाउतारो मार्टिनेज ने गोल कर टीम को यादगार जीत दिलाई।
टूर्नामेंट के दौरान अर्जेंटीना को लेकर कुछ विवाद भी हुए थे। कुछ फैसलों को लेकर सवाल उठे और आलोचकों ने दावा किया कि टीम को फायदा मिल रहा है। हालांकि, मेसी ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज किया है। मेसी ने कहा, "लोग चाहे कुछ भी कहें, पिछले 4 सालों में हम लगातार दुनिया की बेहतरीन टीमों में से एक रहे हैं। लगातार दो वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंचना आसान उपलब्धि नहीं है। यह दिखाता है कि हमने जो हासिल किया है, वह मेहनत और संघर्ष से मिला है। हमें कुछ भी मुफ्त में नहीं मिला।"
विश्व कप में वापसी के बादशाह भी बने मेसी और अर्जेंटीना
लियोनेल मेसी और अर्जेंटीना ने मौजूदा विश्व कप में अंतिम मिनटों में वापसी करने का नया इतिहास रचकर दिखा दिया कि उनकी टीम कभी हार नहीं मानती।
अर्जेंटीना की टीम सेमीफाइनल में यहां इंग्लैंड के खिलाफ शुरू में पीछे चल रही थी लेकिन आखिर में वह 2-1 से विजयी रही। इस तरह से मौजूदा चैंपियन ने अंतिम क्षणों में नाटकीय वापसी करने की लंबी सूची में एक और अध्याय जोड़ दिया है। अब अर्जेंटीना रविवार को फाइनल में स्पेन से भिड़ेगा।
ग्रुप चरण में मेसी के शानदार प्रदर्शन से अर्जेंटीना ने अपने तीनों मैच जीते लेकिन नॉकआउट चरण में उसने प्रत्येक मैच में पिछड़ने के बाद वापसी की।
केप वर्दे के खिलाफ अर्जेंटीना एक समय पीछे चल रहा था। उसने अतिरिक्त समय में दो गोल करके जीत हासिल की। लिसैंड्रो मार्टिनेज ने 92वें मिनट में गोल करके अर्जेंटीना को 2-1 की बढ़त दिलाई। इसके बाद मेस्सी ने कॉर्नर किक से एक शानदार पास दिया जो 111वें मिनट में आत्मघाती गोल में तब्दील हो गया। इसी गोल ने अर्जेंटीना को 3-2 से जीत दिलाई।
मिस्र के खिलाफ अंतिम 16 के मैच में तो अर्जेंटीना का बाहर होना लगभग तय लग रहा था। मिस्र दूसरे हाफ के स्टॉपेज टाइम से ठीक 11 मिनट पहले तक 2-0 से आगे था। लेकिन फिर टूर्नामेंट में सबसे रोमांचक वापसी देखने को मिली। क्रिस्टियन रोमेरो ने 79वें मिनट में गोल किया, मेस्सी ने चार मिनट बाद दूसरा गोल दागा और एन्ज़ो फर्नांडीज़ ने स्टॉपेज टाइम के दो मिनट बाद निर्णायक गोल दाग दिया।
विश्व कप में फिर दिखा मेसी ‘मैजिक’, केन भी हुए कायल
लियोनेल मेसी ने सही समय पर अपने कौशल का शानदार नमूना पेश करके अर्जेंटीना को विश्व कप फुटबॉल के सेमीफाइनल में इंग्लैंड पर 2-1 से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई, जिसके बाद प्रतिद्वंद्वी टीम के स्टार खिलाड़ी हैरी केन ने भी उनकी जमकर प्रशंसा की।
मेसी ने भले ही कोई गोल नहीं किया लेकिन उन्होंने अर्जेंटीना की तरफ से दोनों गोल करने में मदद की। इससे उनकी टीम ने फिर से वापसी करके लगातार दूसरी बार फाइनल में जगह बनाई।
इंग्लैंड के कप्तान केन ने कहा, ‘‘लियो अब भी बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। मुझे लगा कि मैच के बड़े हिस्से में हमने उनका बखूबी सामना किया। लेकिन दुनिया के सबसे खतरनाक खिलाड़ियों की तरह जब गेंद अंतिम छोर पर उनके पास होती है तो वह शानदार खेल दिखाते हैं। आज उन्होंने फिर यही किया। वह सर्वकालिक सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक हैं।’’
राउंड ऑफ 16 में मिस्र के खिलाफ अप्रत्याशित वापसी के आठ दिन बाद मेस्सी अटलांटा लौटे और उन्होंने अपने करियर में एक और शानदार अध्याय जोड़ा।
एंथनी गॉर्डन के 55वें मिनट में किए गए गोल से इंग्लैंड की उम्मीद बंधी थी लेकिन मेस्सी और उनके नीली जर्सी वाले साथियों ने फिर से साबित किया कि वे कभी हार नहीं मानते।
फीफा वर्ल्ड कप: सेमीफाइनल में हार के बाद बेलिंगहम बोले- 'मैं माफी चाहता हूं, काश एक या दो और जीत दिला पाता'
इंग्लैंड के मिडफील्डर जूड बेलिंगहैम 'फीफा वर्ल्ड कप 2026' के सेमीफाइनल में अर्जेंटीना से मिली दिल तोड़ने वाली हार से बहुत दुखी हैं। बेलिंगहैम को उम्मीद थी कि वे उस टीम का हिस्सा बनेंगे जो देश के लिए वर्ल्ड कप जीतने के 60 साल लंबे इंतजार को खत्म करेगी।
बुधवार देर रात (भारतीय समय के अनुसार) अटलांटा स्टेडियम में एंथनी गॉर्डन के 55वें मिनट में गोल करने के बाद इंग्लैंड 1966 के बाद पहली बार फीफा वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंचता नजर आ रहा था, लेकिन मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना ने मैच के आखिर में जबरदस्त वापसी की।
अर्जेंटीना की तरफ से एंजो फर्नांडीज ने 85वें मिनट में बराबरी का गोल दागा और फिर स्टॉपेज टाइम में लौटारो मार्टिनेज (90+2') ने विनिंग गोल किया। इसी के साथ अर्जेंटीना ने फाइनल में जगह पक्की कर ली।
इंग्लैंड की हार पर बात करते हुए भावुक बेलिंगहम अपनी निराशा छिपा नहीं सके। 'बीबीसी' के अनुसार, मैच के बाद बेलिंगहम ने कहा, "मुझे लगता है कि हम इससे बहुत कुछ सीख सकते हैं, लेकिन यह बहुत दुखद है। मैं इंग्लैंड की उस टीम का हिस्सा बनना चाहता था जो आखिरकार जीत हासिल करे और कामयाबी पाए। यहां आकर फैंस को वही बातें बताना जो वे वर्षों से सुनते आ रहे हैं, सच में बहुत दुखद है।"
आईसीसी आचार संहिता उल्लंघन मामले में बरार को एक डिमेरिट पॉइंट मिला
भारत के युवा तेज गेंदबाज गुरनूर बरार को इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्टन में खेले गए पहले वनडे के दौरान आईसीसी आचार संहिता के लेवल-1 उल्लंघन का दोषी पाए जाने पर आधिकारिक चेतावनी और एक डिमेरिट पॉइंट दिया गया है। यह घटना 14 जुलाई को इंग्लैंड की पारी के आठवें ओवर में हुई, जब बरार ने फील्डिंग के दौरान गेंद उठाकर बल्लेबाज की दिशा में गलत और संभावित रूप से खतरनाक तरीके से फेंक दी।
आईसीसी के अनुसार, बरार ने खिलाड़ियों और खिलाड़ी सहायता कर्मियों के लिए निर्धारित आचार संहिता के अनुच्छेद 2.9 का उल्लंघन किया है। यह नियम अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान किसी खिलाड़ी पर या उसके पास अनुचित अथवा खतरनाक तरीके से गेंद फेंकने से संबंधित है।
इस उल्लंघन के बाद बरार के अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट पॉइंट जोड़ दिया गया है। पिछले 24 महीनों में यह उनका पहला अपराध है। आईसीसी ने बताया कि बरार ने अपनी गलती स्वीकार कर ली और एमिरेट्स आईसीसी एलीट पैनल के मैच रेफरी रिची रिचर्डसन द्वारा प्रस्तावित सजा को भी मान लिया। इसके कारण मामले में औपचारिक सुनवाई की आवश्यकता नहीं पड़ी।
पीटीआई और आईएएनएस के इनपुट के साथ
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