खेल: मेक्सिको के 'राउंड ऑफ 16' में पहुंचने से कोच एगुइरे खुश और इक्वाडोर के कोच सबेस्टियन बेकासेसे ने पद छोड़ा
मेक्सिको ने बुधवार (भारतीय समय के अनुसार) को इक्वाडोर के खिलाफ 2-0 से जीत दर्ज करते हुए राउंड ऑफ-16 में जगह बना ली है। इक्वाडोर के विश्व कप से बाहर होने के बाद सबेस्टियन बेकासेसे ने टीम के कोच का पद छोड़ दिया है।
'यह टीम सच में इसकी हकदार है', मेक्सिको के 'राउंड ऑफ 16' में पहुंचने से कोच एगुइरे खुश
मेक्सिको ने बुधवार (भारतीय समय के अनुसार) को इक्वाडोर के खिलाफ 2-0 से जीत दर्ज करते हुए राउंड ऑफ-16 में जगह बना ली है। मैनेजर जेवियर एगुइरे ने इसे टीम के लिए बहुत खास पल बताया है, क्योंकि मेक्सिको ने एक ऐसी बाधा पार की है जिसे वे टीम के साथ अपने पिछले कार्यकाल में पार नहीं कर पाए थे।
साल 1986 में जब मेक्सिको ने टूर्नामेंट की मेजबानी की थी, तब एगुइरे बतौर खिलाड़ी इस टीम का हिस्सा थे। 67 वर्षीय एगुइरे उन मेक्सिकन टीमों को मैनेज कर चुके हैं, जो 2002 और 2010 के वर्ल्ड कप के पहले नॉकआउट राउंड में ही बाहर हो गई थीं।
जूलियन क्विनोन्स और राउल जिमेनेज के पहले हाफ में किए गए गोल की बदौलत मेक्सिको ने टूर्नामेंट में लगातार चौथी जीत हासिल की और कोई गोल नहीं खाया। इसके बाद एगुइरे ने अपने खिलाड़ियों की एकता की तारीफ करते हुए कहा, "यह टीम जो हासिल कर रही है, उसकी हकदार है। इस के साथ एक खास जुड़ाव है और घर पर वर्ल्ड कप खेलने का सौभाग्य मिला है। आज हम अंतिम-16 टीमों में शामिल हैं और हम लंबे समय से साथ हैं। हम बहुत खुश हैं और पूरी तरह से एकाग्र हैं। हम एक सच्चे परिवार की तरह हैं, और फुटबॉल में ऐसा मिलना मुश्किल है। खिलाड़ी, कोचिंग स्टाफ और पर्दे के पीछे काम करने वाले सभी लोगों में बहुत एकता है।"
विश्व कप से बाहर होने के बाद इक्वाडोर के कोच सबेस्टियन बेकासेसे ने पद छोड़ा
इक्वाडोर के विश्व कप से बाहर होने के बाद सबेस्टियन बेकासेसे ने टीम के कोच का पद छोड़ दिया है।
अर्जेंटीना के 45 साल के इस कोच ने मंगलवार रात मेजबान मैक्सिको के खिलाफ 0-2 की हार के बाद इसकी पुष्टि की।
बेकासेसे ने कहा, ‘‘विश्व कप खत्म होने के साथ ही मेरा अनुबंध भी खत्म हो रहा है। अब हम जा रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि ड्रेसिंग रूम भाईचारे की भावना से भरा है। मैं इन खिलाड़ियों, योद्धाओं के इस समूह और इक्वाडोर की राष्ट्रीय टीम से प्यार, सम्मान, प्रतिबद्धता और सराहना लेकर जा रहा हूं।’’
बेकासेसे दो साल तक टीम के प्रभारी रहे। उन्होंने अपने पांचवें विश्व कप में खेल रहे इक्वाडोर को दूसरी बार नॉकआउट दौर में पहुंचाया। उनकी टीम ने ग्रुप चरण में चार बार की चैंपियन जर्मनी पर यादगार जीत दर्ज की।
बेकासेसे ने कहा, ‘‘जब हमने यह सफर शुरू किया था तो अधिक उम्मीदें नहीं थीं, किसी को हमारे यहां तक पहुंचने की अधिक उम्मीद नहीं थी। लेकिन हमने यह कर दिखाया। हमने उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन किया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन हम उस कामयाबी को दोहरा नहीं सके।’’
टीम प्रबंधन को सूर्यवंशी को एकादश में शामिल करना चाहिए: सरनदीप
भारत के पूर्व चयनकर्ता सरनदीप सिंह चाहते हैं कि डरहम में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 श्रृंखला के पहले मैच में वैभव सूर्यवंशी भारतीय एकादश का हिस्सा बनें।
सूर्यवंशी को आयरलैंड के खिलाफ उस श्रृंखला में खेलने का मौका नहीं मिला था जिसे विश्व चैंपियन भारत 0-2 से हार गया था। अगर वह बुधवार को इंग्लैंड के खिलाफ खेलते हैं तो वह भारत के लिए खेलने वाले सबसे युवा क्रिकेटर बन जाएंगे।
सरनदीन ने यहां डीपीएल नीलामी के दौरान कहा, ‘‘उन्हें (आयरलैंड के खिलाफ) खेलना चाहिए था। टीम प्रबंधन को यह देखना होगा कि उन्हें एकादश में कैसे शामिल किया जाए। कभी-कभी कड़े फैसले लेने पड़ते हैं। कुछ सीनियर खिलाड़ियों को आराम दिया जाए और उसे मौका मिल सकता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप भविष्य के लिए टीम बना रहे हैं तो रोटेशन नीति अपनानी होगी। तब आपको कुछ खिलाड़ियों को बाहर बैठाना होगा और उसे मौका देना होगा।’’
ऑस्ट्रेलिया में मेरा प्रदर्शन शानदार रहा, लेकिन इंग्लैंड दूसरे घर जैसा लगता है: पुजारा
चेतेश्वर पुजारा ने अपने टेस्ट करियर के दौरान आस्ट्रेलिया में कुछ बेहतरीन पारियां खेली लेकिन हाल ही में एमसीसी की आजीवन सदस्यता पाने वाले इस पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने कहा कि इंग्लैंड उन्हें दूसरे घर जैसा लगता है।
भारतीय टीम के साथ तीन बार इंग्लैंड का दौरा करने वाले पुजारा काउंटी क्रिकेट में कई टीमों के लिए खेल चुके हैं। उन्होंने राजकोट के बाद अपना सबसे अधिक समय इंग्लैंड में बिताया है।
प्रसिद्ध लॉर्ड्स स्टेडियम में स्थित मैरीलबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) की मानद आजीवन सदस्यता से सम्मानित पुजारा ने कहा, ‘‘ मैं काउंटी क्रिकेट में काफी खेला हूं। इसलिए जब आप वहां बहुत क्रिकेट खेलते हैं तो आपको घर जैसा महसूस होने लगता है। मेरे लिए एमसीसी का हिस्सा बनना बहुत खुशी और सौभाग्य की बात है।’’
इस 38 वर्षीय खिलाड़ी ने पीटीआई को दिए गए साक्षात्कार में कहा, ‘‘एमसीसी की मानद सदस्यता मिलना मेरे लिए बहुत मायने रखता है। एक क्रिकेटर के तौर पर जब आपने अपने पूरे करियर में कड़ी मेहनत की हो और जब उसे पहचान मिले तो फिर आपको अपनी उपलब्धियों पर गर्व महसूस होता है।’’
विमेंस टी20 वर्ल्ड कप: रिकॉर्ड 8वीं बार फाइनल में ऑस्ट्रेलिया, मूनी ने श्रेय टीम की मजबूती को दिया
ऑस्ट्रेलिया ने मंगलवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ 8 विकेट से दमदार जीत दर्ज करते हुए विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में जगह बना ली है। ऑस्ट्रेलियाई विकेटकीपर-बल्लेबाज बेथ मूनी ने फाइनल में पहुंचने का श्रेय अपनी टीम के लगातार अच्छे प्रदर्शन को दिया है। छह बार की चैंपियन टीम ने रिकॉर्ड आठवीं बार फाइनल में जगह बनाई है।
केनिंग्टन ओवल में पहले बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम ने 7 विकेट खोकर 125 रन बनाए। इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने सिर्फ 13 ओवरों में मुकाबला अपने नाम कर लिया।
जीत के बाद मूनी ने एशले गार्डनर, जॉर्जिया वेयरहैम और जॉर्जिया वोल के योगदान का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे ऑस्ट्रेलिया की मजबूती, अलग-अलग भूमिकाएं निभाने की क्षमता और अहम मौकों पर मैच जिताने वाले खिलाड़ियों को तैयार करने की काबिलियत ने इस टीम को एक और वर्ल्ड टाइटल जीतने के करीब पहुंचा दिया है। अब रविवार को लॉर्ड्स में होने वाले फाइनल में उनका मुकाबला सेमीफाइनल-2 की विजेता टीम से होगा, जो इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका के बीच गुरुवार को खेला जाना है।
पीटीआई और आईएएनएस के इनपुट के साथ
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