FIFA: 40 साल में पहली बार..., मेक्सिको ने नॉकआउट मैच जीतकर बना दिया ये बड़ा रिकॉर्ड, इक्वाडोर को 2-0 से हराया
मेक्सिको ने 1986 विश्व कप में बुल्गारिया को 2-0 से हराकर नॉकआउट मैच जीता था। इसके बाद 1994, 2002, 2006, 2010, 2014, 2018 और 2022 विश्व कप में मेक्सिको हर बार नॉकआउट चरण से बाहर हो गया था।

फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ-32 मुकाबले में जूलियन क्विनोन्स और राउल जिमेनेज ने पहले हाफ में नौ मिनट के अंतराल में गोल किए जिससे मैक्सिको ने इक्वाडोर को 2-0 से हराकर अंतिम 16 में जगह बनाई और नॉकआउट चरण में जीत हासिल करने के 40 साल के सूखे को खत्म किया। जूलियन क्विनोनेस ने 22वें मिनट में खाता खोला, जबकि राउल जिमेनेज ने 31वें मिनट में बढ़त दोगुनी कर दी।
पहले और दूसरे हाफ का खेल
खराब मौसम के कारण मेक्सिको और इक्वाडोर के बीच राउंड ऑफ-32 का मुकाबला तय समय से एक घंटे की देरी से शुरू हुआ। भारतीय समयानुसार यह मैच सुबह 6:30 बजे शुरू होना था, लेकिन खराब परिस्थितियों के चलते इसकी शुरुआत सुबह 7:30 बजे हुई। मैच शुरू होते ही घरेलू दर्शकों के समर्थन से उत्साहित मेक्सिको ने आक्रामक अंदाज अपनाया और शुरुआती मिनटों से ही इक्वाडोर पर दबाव बनाया। टीम को इसका फायदा 22वें मिनट में मिला, जब जूलियन क्विनोनेस ने शानदार गोल कर मेजबान टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई।
मेक्सिको ने बढ़त मिलने के बाद भी अपना हमला जारी रखा। 31वें मिनट में राउल जिमेनेज ने बेहतरीन फिनिश के साथ दूसरा गोल दागकर स्कोर 2-0 कर दिया। यह विश्व कप 2026 में उनका दूसरा गोल रहा, जबकि मेक्सिको के लिए उनका कुल 47वां अंतरराष्ट्रीय गोल था। इस उपलब्धि के साथ उनसे आगे अब केवल जेवियर 'चिचारितो' हर्नांडेज हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय टीम के लिए 52 गोल किए हैं।
दूसरे हाफ में इक्वाडोर ने वापसी की कोशिश करते हुए गेंद पर अधिक नियंत्रण बनाए रखा और कई हमले भी किए, लेकिन मेक्सिको की संगठित और मजबूत रक्षापंक्ति ने उसे कोई स्पष्ट मौका नहीं दिया। मेजबान टीम ने पूरे मुकाबले में शानदार डिफेंस का प्रदर्शन किया और लगातार चौथे मैच में क्लीन शीट दर्ज करते हुए 2-0 की जीत अपने नाम कर ली। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि इस टूर्नामेंट में मेक्सिको की सबसे बड़ी ताकत उसकी मजबूत रक्षा पंक्ति है।
40 साल बाद खत्म हुआ नॉकआउट जीत का सूखा
मेक्सिको ने आखिरकार 40 साल से चला आ रहा फीफा विश्व कप नॉकआउट जीत का सूखा खत्म कर दिया। मैक्सिको की टीम ने 1986 में टूर्नामेंट की मेजबानी करते हुए राउंड ऑफ 16 में बुल्गारिया को हराने के बाद से नॉकआउट चरण का कोई मैच नहीं जीता था। इसके बाद मैक्सिको को 1994, 1998, 2002, 2006, 2010, 2014 और 2018 के विश्व कप में अंतिम 16 में लगातार सात बार हार का सामना करना पड़ा। वह कतर में 2022 में खेले गए विश्व कप में ग्रुप चरण से ही बाहर हो गया था। मैक्सिको रविवार को अपने घरेलू मैदान पर इंग्लैंड और कांगो के बीच बुधवार को होने वाले मैच के विजेता का सामना करेगा।
इंजरी टाइम में इक्वाडोर को लगा एक और झटका
मैच के इंजरी टाइम में इक्वाडोर की मुश्किलें और बढ़ गईं। डिफेंडर पिएरो हिंकापिए को विरोधी खिलाड़ी के साथ बहस के दौरान अनुचित व्यवहार करने पर रेफरी ने सीधे रेड कार्ड दिखा दिया। इसके बाद इक्वाडोर को मुकाबले के अंतिम क्षण 10 खिलाड़ियों के साथ ही खेलने पड़े।
आपको बता दें, इक्वाडोर ने इससे पहले 2006 विश्व कप में पहली बार नॉकआउट चरण में जगह बनाई थी, लेकिन तब मेजबान जर्मनी ने उसे राउंड ऑफ-16 में बाहर कर दिया था। लगभग दो दशक बाद टीम एक बार फिर मेजबान देश के खिलाफ नॉकआउट मुकाबला खेलने उतरी, लेकिन इस बार भी उसका सफर यहीं समाप्त हो गया।
पीटीआई के इनपुट के साथ
