खेल: जानिए T20 में जिम्बाब्वे के खिलाफ कैसा है टीम इंडिया का रिकॉर्ड? और ऑस्ट्रेलिया की भारत के खिलाफ आसान जीत
भारत और जिम्बाब्वे के बीच टी20 फॉर्मेट में अब तक कुल 13 मैच खेले गए हैं। पहले महिला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में भारत को 70 गेंद शेष रहते हुए छह विकेट से हराकर तीन मैच की श्रृंखला में शुरुआती बढ़त हासिल की।
मूनी और हीली ने दिलाई ऑस्ट्रेलिया को भारत के खिलाफ आसान जीत
एशले गार्डनर की अगुवाई में गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन तथा बेथ मूनी और कप्तान एलिसा हीली के अर्धशतकों की मदद से ऑस्ट्रेलिया ने मंगलवार को यहां पहले महिला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में भारत को 70 गेंद शेष रहते हुए छह विकेट से हराकर तीन मैच की श्रृंखला में शुरुआती बढ़त हासिल की।
मौजूदा विश्व चैंपियन भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया लेकिन कप्तान हरमनप्रीत कौर (84 गेंदों में 53 रन) और उप कप्तान स्मृति मंधाना (68 गेंदों में 58 रन) के अर्धशतकों के बावजूद उसकी टीम 48.3 ओवर में 214 रन पर आउट हो गई।
ऑस्ट्रेलिया को लक्ष्य तक पहुंचने में किसी तरह की परेशानी नहीं हुई और उसने केवल 38.2 ओवर में चार विकेट पर 217 रन बनाए। हीली (70 गेंद पर 50 रन) के अर्धशतक की मदद से उसने अच्छी शुरुआत की। इसके बाद मूनी (79 गेंद पर 76 रन) और एनाबेल सदरलैंड (44 गेंद पर नाबाद 48 रन) ने चौथे विकेट के लिए 85 रन की साझेदारी करके ऑस्ट्रेलिया की बड़ी जीत सुनिश्चित की।
भारत की उप कप्तान मंधाना ने मैच के बाद कहा, ‘‘शुरू में ही दो विकेट गंवाने के बाद वापसी करना आसान नहीं था लेकिन हमने अच्छा प्रदर्शन किया। विकेट वैसा नहीं था जैसा हमने सोचा था। हम अच्छी क्रिकेट खेल रहे हैं और बहुत अधिक बदलाव करने की जरूरत नहीं है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमें बल्लेबाजी में सामूहिक प्रदर्शन करना होगा लेकिन हम इसके बारे में ज्यादा नहीं सोच रहे हैं। अभी हमारे पास दो दिन का समय है। हम मजबूत वापसी करेंगे।’’
जानिए टी20 फॉर्मेट में जिम्बाब्वे के खिलाफ कैसा है टीम इंडिया का रिकॉर्ड?
भारत और जिम्बाब्वे के बीच 26 फरवरी को टी20 वर्ल्ड कप 2026 का 'सुपर-8' मैच खेला जाना है। टीम इंडिया को इस टूर्नामेंट में अपने पहले सुपर-8 मैच में करारी हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन यह संतोष की बात है कि जिम्बाब्वे के विरुद्ध भारत का रिकॉर्ड शानदार रहा है।
भारत और जिम्बाब्वे के बीच टी20 फॉर्मेट में अब तक कुल 13 मैच खेले गए हैं, जिसमें टीम इंडिया ने 10 मुकाबले जीते। सिर्फ 3 ही मैच जिम्बाब्वे के पक्ष में रहे। दोनों देश टी20 वर्ल्ड कप में अब तक सिर्फ एक ही बार आमने-सामने रहे हैं, जिसे भारत ने अपने नाम किया था। भारत-जिम्बाब्वे के बीच द्विपक्षीय सीरीज के सभी मैच हरारे (जिम्बाब्वे) में खेले गए हैं।
दोनों देशों के बीच टी20 क्रिकेट का पहला मैच 12 जून 2010 को खेला गया था, जिसे भारत ने 6 विकेट से जीता। 13 जून को सीरीज के दूसरे और अंतिम मुकाबले में 7 विकेट से जीत हासिल करते हुए टीम इंडिया ने क्लीन स्वीप किया।
इसके बाद भारत ने साल 2015 में इस देश के खिलाफ 2 मुकाबलों की टी20 सीरीज खेली, जो 1-1 से ड्रॉ रही। जून 2016 में भारत-जिम्बाब्वे के बीच 3 मुकाबलों की सीरीज खेली गई, जिसका पहला मैच मेजबान जिम्बाब्वे ने 2 रन के करीबी अंतर से अपने नाम किया, लेकिन अगले दो मुकाबलों को भारत ने जीतकर सीरीज 2-1 से अपने नाम की।
इसके बाद दोनों देश टी20 वर्ल्ड कप 2022 में आमने-सामने आए, जिसमें भारत ने 186/5 का स्कोर बनाने के बाद जिम्बाब्वे को महज 115 रन पर समेट दिया। यह मैच मेलबर्न में खेला गया था।
जिम्बाब्वे के कोच सैमन्स ने कहा, भारत कोई कसर नहीं छोड़ेगा लेकिन हमें स्मार्ट क्रिकेट खेलनी होगी
जिम्बाब्वे के मुख्य कोच जस्टिन सैमन्स जानते हैं कि भारत उनके खिलाफ गुरुवार को टी20 विश्व कप के सुपर आठ मुकाबले में आक्रामक रुख अपनाएगा, लेकिन उनका मानना है कि वेस्टइंडीज से मिली करारी हार से मिले सबक के बाद उनकी कमजोर मानी जाने वाली टीम इस महत्वपूर्ण मैच के लिए पूरी तरह से तैयार रहेगी।
वेस्टइंडीज ने सोमवार को यहां खेले गए सुपर आठ के मैच में जिम्बाब्वे को 107 रन से करारी शिकस्त दी। भारत को भी अपने पहले मैच में दक्षिण अफ्रीका से 83 रन से हार का सामना करना पड़ा था और सैमन्स को लगता है कि भारतीय टीम उनके खिलाफ शुरू से ही हावी होकर खेलने की कोशिश करेगी।
वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच के बाद सैमन्स ने कहा, ‘‘हम जानते हैं कि भारत किस तरह से खेलेगा और उनका तरीका भी वैसा ही होगा जैसा कि वेस्टइंडीज ने अपनाया। वे (भारत) कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।‘‘
उन्होंने कहा, ‘‘इससे हमें अच्छी सीख मिलेगी। हम दबाव से कैसे निपटते हैं, हम कैसे शांत रहते हैं और कैसे तुरंत सोच-समझकर काम करते हैं। हम कैसे बदलाव करने की कोशिश करते हैं और कैसे बल्लेबाजों की लय को बिगाड़ते हैं।’’
यह एक गलती थी: बकनर को 22 साल बाद तेंदुलकर के खिलाफ गलत फैसले पर पछतावा हुआ
महान भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के खिलाफ बेहद खराब फैसला देने के दो दशक से अधिक समय बाद दिग्गज अंपायर स्टीव बकनर को आखिरकार पछतावा है और उन्होंने माना है कि यह एक गलती थी।
वर्ष 2009 में संन्यास लेने वाले बकनर दो दशक से अधिक समय तक दुनिया के सबसे सम्मानित अंपायरों में से एक थे।
हालांकि उन्होंने तेंदुलकर से जुड़े कुछ विवादित फैसले दिए जिनमें सबसे चौंकाने वाला फैसला 22 साल पहले ब्रिसबेन के गाबा में भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट मैच के दौरान पगबाधा आउट देना था।
वेस्टइंडीज क्रिकेट अंपायर संघ के साथ साक्षात्कार में जब बकनर से एक अंपायर के तौर पर उनके सबसे मुश्किल फैसलों में से एक के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘‘सचिन तेंदुलकर को पगबाधा आउट देना। यह एक गलती थी लेकिन आज भी हर दिन लोग इसके बारे में बात करते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने उन्हें आउट क्यों दिया? क्या वह आउट था, वगैरह-वगैरह? लेकिन जिंदगी में गलतियां होती रहती हैं। मैंने मान लिया है कि यह एक गलती थी और जिंदगी चलती रहती है।’’
गाबा में हुए 2003-04 की श्रृंखला के उस मैच में ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज जेसन गिलेस्पी और उनके साथियों की जोरदार अपील के बाद बकनर ने तेंदुलकर को पगबाधा आउट दे दिया था।
शुभम के नाबाद शतक से कर्नाटक के खिलाफ रणजी फाइनल में जम्मू कश्मीर की शानदार शुरुआत
शुभम पुंडीर ने शानदार नाबाद शतक बनाकर जम्मू और कश्मीर को मंगलवार को कर्नाटक के खिलाफ अपने पहले रणजी ट्रॉफी फाइनल के पहले दिन का खेल खत्म होने तक दो विकेट पर 284 रन के साथ मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।
शुभम ने 12 चौके और दो छक्के लगाते हुए 221 गेंदों में 117 रन की नाबाद पारी खेली।
कप्तान पारस डोगरा ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था, जिसके बाद पुंडीर ने यावर हसन (88) के साथ दूसरे विकेट के लिए 139 रन की साझेदारी करके टीम को मजबूत आधार प्रदान किया।
पहले दिन का खेल खत्म होने से पहले शुभम ने अब्दुल समद ( नाबाद 52) के साथ एक और शतकीय (अटूट 105 रन) साझेदारी कर ली।
कर्नाटक की ओर से प्रसिद्ध कृष्णा ने दोनों विकेट लिये।
पीटीआई और आईएएनएस के इनपुट के साथ