खेल: गॉल टेस्ट में भारत की पकड़ मजबूत और दिव्या, तेजस्विन, गायत्री गोपीचंद को अर्जुन पुरस्कार
गॉल टेस्ट में भारत ने पकड़ मजबूत कर ली है। 372 रन का बेहद मुश्किल लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका की शुरुआत अच्छी नहीं रही। शतरंज खिलाड़ी दिव्या देशमुख, एथलीट तेजस्विन शंकर और बैडमिंटन खिलाड़ी गायत्री गोपीचंद को अर्जुन पुरस्कार के लिए नामित किया गया है।

गॉल टेस्ट में भारत की पकड़ मजबूत, श्रीलंका के 84 रन पर 4 विकेट आउट
गॉल टेस्ट में भारत ने पकड़ मजबूत कर ली है। 372 रन का बेहद मुश्किल लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका की शुरुआत अच्छी नहीं रही। मेजबान टीम ने चार विकेट खोकर 84 रन बना लिए हैं। भारत को जीत के लिए 6 विकेट की जरूरत है। जबकि श्रीलंका को अभी भी जीत के लिए 288 रन बनाने हैं।
इससे पहले ऋषभ पंत की 66 रन की आक्रामक पारी और देवदत्त पडिक्कल के शानदार 44 रन की बदौलत भारत ने मंगलवार को पहले टेस्ट के चौथे दिन चाय तक अपनी दूसरी पारी में 193 रन बनाकर श्रीलंका के सामने जीत के लिए 372 रन का बेहद मुश्किल लक्ष्य रखा।
यह लक्ष्य गॉल स्टेडियम में टेस्ट क्रिकेट में लक्ष्य का पीछा करते हुए सबसे बड़े स्कोर के रिकॉर्ड से ज्यादा है। यहां अब तक सबसे बड़ा सफल लक्ष्य हासिल करने का रिकॉर्ड पाकिस्तान के नाम है, जिसने 2022 में 344 रन का लक्ष्य हासिल किया था।
सीधी रहने वाली गेंदें बल्लेबाजों को परेशान कर रही हैं: जडेजा
अनुभवी ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा ने श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट के दौरान टेस्ट क्रिकेट में 350 विकेट पूरे करने के बाद कहा कि गॉल की टर्न लेती पिच पर सबसे घातक गेंदें वे हैं जो टर्न लेने के बजाय सीधी रह जाती हैं और बल्लेबाज को टर्न के लिए तैयार होने के कारण चकमा दे देती हैं।
जडेजा ने अपने साथी बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार के साथ बातचीत में बताया कि रक्षात्मक रवैया अपनाने वाले बल्लेबाजों के लिए यह पिच किस तरह मुश्किल हो गई थी और मेजबान टीम के खिलाड़ी स्वीप शॉट को दबाव से निकलने के लिए इस्तेमाल कर रहे थे।
जडेजा ने ‘बीसीसीआई.टीवी’ से कहा, ‘‘मुझे लगा कि गेंद शुरुआत में भी घूम रही थी। इसलिए बल्लेबाज के लिए हर गेंद पर आसानी से रक्षात्मक होकर खेलना आसान नहीं था। गेंद को टर्न मिल रहा था और वह कभी नीची रह रही थी तो कभी उछलकर आ रही थी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए मैं स्टंप की लाइन में ज्यादा गेंदबाजी करने और राउंड द विकेट से बाएं हाथ के बल्लेबाज के खिलाफ गेंदबाजी करने की कोशिश कर रहा था। जब हम दोनों गेंदबाजी कर रहे थे तो काफी टर्न मिल रहा था, ऐसे में कुछ गेंदें सीधी रह रही थीं। वे दबाव कम करने के लिए स्वीप खेल रहे थे इसलिए अगर गेंद पैड पर लगती है तो पगबाधा होने की संभावना रहती थी। राउंड द विकेट से गेंदबाजी करने पर यह हमेशा आउट हो सकता है।’’
गाले टेस्ट: दिनेश चांदीमल चोटिल, स्कैन के लिए भेजा गया अस्पताल
श्रीलंका को भारत के खिलाफ पहले टेस्ट के चौथे दिन बड़ा झटका लगा। अनुभवी बल्लेबाज दिनेश चांदीमल फील्डिंग के दौरान चोटिल हो गए। चांदीमल को कंधे और गर्दन में चोट लगी है। उन्हें स्कैन के लिए अस्पताल ले जाया गया है।
मंगलवार को पहले सेशन में फील्डिंग करते समय बाउंड्री रोकने के लिए डाइव लगाते समय चांदीमल के दाहिने कंधे और गर्दन में चोट लग गई।
श्रीलंका क्रिकेट ने कहा, "टीम के फिजियोथेरेपिस्ट और चिकित्सकों ने ग्राउंड पर उनकी जांच की और उन्हें एहतियात के तौर पर स्कैन के लिए हॉस्पिटल ले जाया गया है। स्कैन की रिपोर्ट आने के बाद उनकी इंजरी का अपडेट दिया जाएगा।"
केएल राहुल के डीप बैकवर्ड स्क्वायर लेग की तरफ से लगाए स्वीप को रोकने के लिए चांदीमल आगे बढ़े। उन्होंने गेंद को रोक दिया, लेकिन खुद को चोटिल कर बैठे। वे पूरी तरह से गिर गए, और उनके शरीर का पूरा वजन उनकी गर्दन पर आ गया। उन्हें अपनी गर्दन का पिछला हिस्सा पकड़े हुए देखा गया। फिजियो देखने आए, फिर उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा।
दिव्या, तेजस्विन, गायत्री गोपीचंद को अर्जुन पुरस्कार
विश्व कप विजेता शतरंज खिलाड़ी दिव्या देशमुख, डेकाथलॉन और ऊंची कूद के एथलीट तेजस्विन शंकर और बैडमिंटन खिलाड़ी गायत्री गोपीचंद उन 17 खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्हें मंगलवार को प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार के लिए नामित किया गया।
खेल मंत्रालय ने हालांकि इस बार मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार के लिए किसी भी खिलाड़ी का नाम घोषित नहीं किया है।
अर्जुन पुरस्कार के लिए नामित खिलाड़ियों में ग्रैंडमास्टर विदित गुजराती, गायत्री गोपीचंद की महिला युगल जोड़ीदार त्रीसा जॉली, ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों के रजत पदक विजेता मुक्केबाज नरेंद्र और युवा बधिर राइफल निशानेबाज धनुष श्रीकांत भी शामिल हैं।
एशियाई खेल 1962 में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे फुटबॉलर आई अरुमैनायगम को आजीवन उपलब्धि के लिए अर्जुन पुरस्कार दिया गया है।
जियानी इन्फेंटिनो की आलोचना भारी पड़ी, फीफा से हटाए गए चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर केविन
फीफा ने अपने चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर केविन लैमौर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो द्वारा वर्ल्ड कप में निवेशकों को हिस्सेदारी बेचने की योजना की आलोचना करने की वजह से फीफा ने केविन लैमौर को बर्खास्त कर दिया है। वर्ल्ड बॉडी के स्टाफ को इसकी जानकारी सेक्रेटरी जनरल, मैटियास ग्राफस्टॉर्म के एक ईमेल से दी गई।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, फीफा और केविन लैमौर के बीच चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर के तौर पर अनुबंध 17 अगस्त 2026 को खत्म हो गया है। फीफा केविन को उनकी दो साल की सर्विस के लिए धन्यवाद देता है और उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं देता है।"
रिपोर्ट में स्टाफ को भेजे गए पत्र का भी हवाला दिया गया है, जिसमें कहा गया है कि यह फैसला 'ध्यान से सोचने' के बाद लिया गया था।
पत्र में लिखा गया है, "मैं आपको फीफा प्रशासन में हुए बदलाव के बारे में एक जरूरी अपडेट देना चाहता हूं। हाल ही में हुई बातचीत के बाद, फीफा और हमारे चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर, केविन लैमौर, अलग होने के लिए राजी हो गए हैं। यह फैसला बहुत सोच-समझकर और केविन के लिए निजी और पेशेवर तौर पर सम्मान के साथ लिया गया है। मुझे लगा कि यह जरूरी है कि मैं आपको निजी जानकारी दूं। मैं केविन को उनके योगदान और फीफा की तरफ से रोजाना उनके काम और प्रतिबद्धता के लिए शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। मैं केविन को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देता हूं।"
पीटीआई और आईएएनएस के इनपुट के साथ
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए
